Bhopal: केरल पहुंचा मानसून, 15 जून तक मध्य प्रदेश में पहुंचने का अनुमान,राज्य के दक्षिणी हिस्से से होगी एंट्री


इस
बार
समय
से
आठ
दिन
पहले
मानसून
शनिवार
को
केरल
पहुंच
गया।
मौसम
वैज्ञानिकों
का
कहना
है
कि
मध्यप्रदेश
में
भी
मानसून
15
जून
तक
या
इससे
पहले
भी
पहुंच
सकता
है।
मौसम
विभाग
ने
प्रदेश
में
इस
वर्ष
अच्छी
बारिश
होने
की
संभाना
जताई
है।
मनसून
से
पहले प्रदेश
में
प्री
मानसून
का
असर
देखने
के
मिलेगा।
मौसम
विभाग
भोपाल
के
वैज्ञानिकों
ने
बताया
कि
प्रदेश
के
दक्षिणी
हिस्से
मंडला,
सिवनी,
डिंडौरी,
बालाघाट,
अनूपपुर,
बुरहानपुर,
पांढुर्णा,
बैतूल,
बड़वानी
के
रास्ते
से
मानसून
एंट्री
करेगा।
ग्वालियर-चंबल
में
सबसे
लेट
25
जून
तक
पहुंचेगा।
भोपाल,
इंदौर
में
यह
20
से
22
जून
के
बीच

सकता
है।


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पिछले
साल
6
दिन
लेट
पहुंचा
था
मानसून 

जानकारी
के
लिए
बता
दे
की
मध्य
प्रदेश
में
मानसून
के
पहुंचने
की
सामान्य
तारीख
15
जून
है।
हालांकि,
पिछले
कुछ
सालों
से
यह
18
से
22
जून
के
बीच
ही
पहुंच
रहा
है।
पिछले
साल
2024
में
सात
6
दिन
लेट
21
जून
को
एंट्री
हुई
थी।
दक्षिण-पश्चिम
मानसून
ने
पांढुर्णा,
सिवनी,
बालाघाट,
मंडला,
डिंडौरी
और
अनूपपुर
जिले
में
प्रवेश
किया
था।
इस
बार
भी
इन्हीं
जिलों
से
मानसून
के
आने
की
संभावना
है। 


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2009
में
23
में
को
पहुंच
गया
था
मानसून

मौसम
विभाग
के
सीनियर
वैज्ञानिक
अरुण
शर्मा
ने
बताया
कि
इस
बार
मानसून
ने
8
दिन
पहले
ही
केरल
में
दस्तक
दी
है।
इससे
पहले
2009
को
भी
मानसून
23
मई
को
पहुंच
गया
था।
अब
यह
कर्नाटक,
तेलंगाना,
आंध्रप्रदेश,
महाराष्ट्र
में
पहुंचेगा।
फिलहाल
तो
मानसून
की
स्थिति
ठीक
है,
पर
आगे
जाकर
रफ्तार
धीमी
भी
हो
सकती
है।
हवा
की
गति
और
प्रेशर
के
बाद
ही
मानसून
की
सही
स्थिति
पता
चलती
है।
फिलहाल
मानसून
के
आगे
बढ़ने
की
स्थिति
ठीक
है।
मध्यप्रदेश
में
इस
बार
भी
समय
से
पहले
या
समय
पर
पहुंचने
की
स्थिति
बन
रही
है।
उन्होंने
बताया
कि
कई
बार
मानसून
अटक
भी
जाता
है।
इसलिए
अब
तक
का
अनुमान
यही
है
कि
15
जून
के
आसपास
मानसून
प्रदेश
में
आएगा।
यदि
मानसून
की
गति
बेहतर
रही
तो
यह
पहले
भी

सकता
है।
मई
के
आखिरी
में
स्थिति
और
भी
क्लियर
हो
जाएगी।


प्रदेश
के
शहरों
मानसून
पहुंचने
की
संभावित
डेट


15-16
जून-

मंडला,
सिवनी,
डिंडौरी,
बालाघाट,
अनूपपुर,
बुरहानपुर,
पांढुर्णा,
बैतूल,
बड़वानी,
खरगोन
जिलों
में
पहुंच
सकता
है।

20
से
22
जून-

भोपाल,
इंदौर,
उज्जैन,
जबलपुर
संभाग
को
कवर
कर
लेगा।

22
से
23
जून-
 सागर,
रीवा,
शहडोल
संभाग
में
मानसून
दस्तक
दे
सकता
है।

25
जून-
 ग्वालियर,
चंबल
और
उज्जैन
संभाग
के
नीमच
जिले
में
मानसून
के
पहुंचने
का
अनुमान
है।


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शव


बेहतर
बारिश
की
उम्मीद

प्रदेश
में
इस
बार
मानसून
के
सामान्य
से
बेहतर
रहने
की
उम्मीद
जताई
जा
रही
है।
अनुमान
के
मुताबिक
104
से
106%
यानी
औसत
38-39
इंच
बारिश
हो
सकती
है।
जबलपुर-शहडोल
संभाग
में
सबसे
ज्यादा
पानी
गिरेगा।
ग्वालियर,
चंबल,
इंदौर,
उज्जैन
और
भोपाल
संभाग
में
भी
कोटा
फुल
हो
सकता
है।
साल
2023
में
प्रदेश
के
25
से
ज्यादा
जिलों
में
सामान्य
से
कम
बारिश
हुई
थी,
लेकिन
2024
में
भोपाल,
ग्वालियर,
जबलपुर
समेत
44
जिलों
में
कोटे
से
ज्यादा
बारिश
हुई
थी।
मई
के
आखिरी
में
मौसम
विभाग
एक
और
अपडेट
जारी
करेगा।
इसमें
बारिश
को
लेकर
तस्वीर
साफ
हो
जाएगी।
अप्रैल
में
हुए
मानसून
फोरकास्ट
में
कहा
था
कि
जून
से
सितंबर
तक
मानसून
सामान्य
से
बेहतर
रहेगा।


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के
10
से
अधिक
विभागों
की
काउंसलिंग, मेरिट
के
आधार
पर
मिलेगा
प्रवेश


इन
जिलों
में
अच्छी
बारिश
होने
की
उम्मीद

मौसम
विभाग
ने
प्रदेश
के
ज्यादातर
जिलों
में
सामान्य
से
ज्यादा
बारिश
होने
का
अनुमान
जताया
है।
जबलपुर,
शहडोल
संभाग
में
सबसे
अधिक
पानी
गिरने
की
उम्मीद
है।
वहीं,
भोपाल,
इंदौर,
उज्जैन,
नर्मदापुरम,
ग्वालियर,
चंबल,
सागर
और
रीवा
संभाग
के
ज्यादातर
जिलों
में
डेढ़
सौ
फीसदी
तक
पानी
गिर
सकता
है।
उत्तरप्रदेश
बॉर्डर
से
लगे
कुछ
जिलों
में
सामान्य
बारिश
के
भी
आसार
हैं।