
भोपाल
में
किसानों
को
खेती
के
लिए
जमीन
के
बदले
कम
ब्याज
पर
ऋण
देने
के
लिए
बनाई
गई
किसान
क्रेडिट
कार्ड
योजना
अब
बैंक
अधिकारियों
के
लिए
गबन
का
रास्ता
बन
गई
है।
ऐसा
ही
एक
बड़ा
फर्जीवाड़ा
पंजाब
नेशनल
बैंक
के
अधिकारियों
ने
मुरैना
में
किया
है।
फर्जीवाड़ा
सामने
आने
के
बाद
बैंक
के
बड़े
अधिकारियों
ने
मध्यप्रदेश
राज्य
आर्थिक
अपराध
जांच
विभाग
(ईओडब्ल्यू)
में
शिकायत
की।
विज्ञापन
Trending
Videos
जांच
के
बाद
ईओडब्ल्यू
ने
मुरैना
के
बागचीनी
शाखा
के
मैनेजर
आरएन
जोनार
और
भोपाल
में
पदस्थ
मंडल
प्रमुख
एके
जुत्शी
के
खिलाफ
लगभग
95
लाख
रुपये
के
किसान
क्रेडिट
कार्ड
ऋण
का
गबन
करने
का
मामला
दर्ज
किया
है।
इस
मामले
में
बागचीनी
शाखा
के
फील्ड
ऑफिसर
और
कृषि
अधिकारी
कुणाल
नागू
समेत
कई
बैंक
अधिकारी
भी
आरोपी
बनाए
गए
हैं।
विज्ञापन
ईओडब्ल्यू
से
मिली
जानकारी
के
अनुसार,
6
अक्टूबर
2007
से
21
मार्च
2011
के
बीच
मुरैना
जिले
के
बागचीनी
में
पंजाब
नेशनल
बैंक
की
शाखा
के
मैनेजर
अजय
कुमार
भट्ट,
कृषि
अधिकारी
कुणाल
नागू
और
अन्य
लोगों
ने
50
किसानों
के
नाम
पर
95.31
लाख
रुपये
का
फर्जीवाड़ा
किया
है।
मुरैना
की
बागचीनी
शाखा
में
6
जनवरी
2007
से
21
मार्च
2011
तक
यह
घोटाला
हुआ।
जांच
में
पता
चला
कि
जिन
50
किसानों
के
नाम
लिए
गए,
उनमें
से
45
का
तो
कोई
अस्तित्व
ही
नहीं
है।
बाकी
के
5
किसानों
का
पता
चला,
लेकिन
उन्होंने
बैंक
से
कभी
भी
किसान
क्रेडिट
कार्ड
(केसीसी)
ऋण
लेने
से
इनकार
किया।
ये
भी
पढ़ें: होटल
में
बुजुर्ग
से
बनाए
संबंध,
वीडियो
बनाकर
महिला
ने
24
लाख
रुपए
ले
लिए
जांच
में
आरोप
सही
पाए
जाने
के
बाद,
आरोपियों
के
खिलाफ
भारतीय
दंड
संहिता
(आईपीसी)
की
धारा
420,
409,
467,
468,
120बी
और
भ्रष्टाचार
निवारण
अधिनियम
की
धारा
13(1)(क)
और
13(2)
के
तहत
मामला
दर्ज
किया
गया
है।