Bhopal: खंडवा में महिला का रेप कर निकाल ली बच्चेदानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा- मंत्री शाह का यह इलाका


मध्य
प्रदेश
की
खंडवा
जिले
में
एक
महिला
के
साथ
दुष्कर्म
के
बाद
उसकी
बच्चेदानी
निकलने
का
मामला
सामने
आया
है
इसके
बाद
से
कांग्रेस
नेताओं
ने
सरकार
को
जमकर
 घेरा
है।
पूर्व
केंद्रीय
मंत्री
कांग्रेस
के
वरिष्ठ
नेता
अरुण
यादव
और
विधायक
आरिफ
मसूद
ने
रविवार
को
पीसीसी
में
प्रेस
कॉन्फ्रेंस
कर
खंडवा
जिले
में
हुई
रेप
की
घटना
को
लेकर
सरकार
से
सवाल
किया।


विज्ञापन

Trending
Videos


अगर
कोर्ट
को
ही
सब
निर्णय
लेने
है,
तो
सरकार
का
अस्तित्व
ही
क्यों?

अरुण
यादव
ने
कहा
कि
खंडवा
में
एक
महिला
के
साथ
दुष्कर्म
कर
बच्चेदानी
निकाल
दी
गई।
उसकी
मौत
हो
गई।
यह
क्षेत्र
बीजेपी
नेता
और
मंत्री
विजय
शाह
का
है
और
अब
कांग्रेस
देखना
चाहती
है
कि
वे
इस
गंभीर
मुद्दे
पर
क्या
कार्रवाई
करते
हैं।
वहीं,
विधायक
आरिफ
मसूद
ने
कहा
कि
अगर
कोर्ट
को
ही
सब
निर्णय
लेने
है,
तो
सरकार
का
अस्तित्व
ही
क्यों?


विज्ञापन


विज्ञापन


देश
में
सबसे
ज्यादा
यौन
शोषण
वाला
प्रदेश
एमपी 

अरुण
यादव
ने
कहा
कि
मध्य
प्रदेश
देश
का
ऐसा
राज्य
बन
चुका
है,
जहां
सबसे
ज्यादा
यौन
शोषण
के
मामले
दर्ज
किए
जा
रहे
हैं।
उन्होंने
राज्य
की
कानून
व्यवस्था
पर
सवाल
उठाते
हुए
कहा
कि
यह
साफ
संकेत
है
कि
प्रदेश
में
सरकार
की
कानूनी
व्यवस्था
पूरी
तरह
फेल
हो
चुकी
है।


दस
दिन
बाद
भी
विजय
शाह
पर
कोई
एक्शन
नहीं

कांग्रेस
विधायक
आरिफ
मसूद
ने
कहा
कि
ऑपरेशन
सिंदूर
को
हुए
10
दिन
से
ज्यादा
हो
गए
हैं,
लेकिन
अब
तक
मंत्री
विजय
शाह
के
विवादित
बयान
के
बावजूद
सरकार
ने
कोई
कार्रवाई
नहीं
की
है।
सवाल
यह
उठता
है
कि
सरकार
आखिर
किसे
बचाने
की
कोशिश
कर
रही
है?
उन्होंने
यह
भी
कहा
कि
जब
सुप्रीम
कोर्ट
ने
खुद
कहा
है
कि
विजय
शाह
की
गलती
माफी
के
लायक
नहीं
है,
तब
भी
सरकार
की
चुप्पी
संदेह
पैदा
करती
है।
उन्होंने
कहा
कि
यदि
सरकार
कार्रवाई
नहीं
करती
है,
तो
कांग्रेस
विपक्ष
को
मिले
संवैधानिक
अधिकारों
का
पूरा
उपयोग
करेगी
और
हर
वैधानिक
कदम
उठाने
में
पीछे
नहीं
हटेगी।


पीसीसी
चीफ
बोले-
पीएम
को
भोपाल
नहीं
खंडवा
आना
चाहिए

पीसीसी
चीफ
जीतू
पटवारी
ने
ट्वीट
कर
सरकार
को
घेरा
उन्होंने
लिखा
कि खंडवा
में
एक
महिला
की
गैंगरेप
के
बाद
मौत
हो
गई
है!
बेहोशी
की
हालत
में
उसे
तेज
ब्लीडिंग
हो
रही
थी!
बताया
जा
रहा
है
दरिंदे
ने
निजी
अंग
में
सरिए
या
लकड़ी
जैसा
कुछ
डाला,
इससे
बच्चादानी
ही
बाहर
निकल
गई!
बर्बर
अत्याचार
की
इस
हद
ने
‘आदिम
युग
के
जंगलराज’
को
भी
पीछे
छोड़
दिया
है!
दुस्साहस
की
ऐसी
पराकाष्ठा
तभी
हो
सकती
है,
जब
प्रदेश
में
कानून
का
डर
खत्म
हो
गया
हो!
लाड़लियों
के
उत्पीड़न
की
इस
इंतहा
पर
भी
सरकार
चुप
है!
महिला
उत्पीड़न
से
गंभीर
रूप
से
पीड़ित
मप्र
में
महिला
अपराध
के
इस
#New_Normal
ने
BJP
सरकारों
के
सरोकारों
को
भी
उजागर
कर
दिया
है!
क्या
BJP
सत्ता
इस
“सरकारी-हत्या”
के
दोष
से
मुक्त
हो
पाएगी?
31
मई
को
प्रधानमंत्री
जी
को
भोपाल
नहीं,
अब
खंडवा
ही
आना
चाहिए!
सरकारी
खर्च
पर
प्रदेश
की
हजारों
महिलाओं
को
भी
अब
खंडवा
ही
बुलाना
चाहिए!
देश
के
“हृदय
प्रदेश”
की
तेज
धड़कनों
को
पूरे
देश
को
सुनाना
चाहिए!
#अंधेरनगरी_मुखियामौन


यह
भी
पढ़ें-यूपीएससी
प्रीलिम्स
परीक्षा
शुरू,
डेढ़
घंटे
पहले
पहुंचे
अभ्यार्थी,भोपाल
में
50
सेंटर
में
हो
रही
परीक्षा


नेता
प्रतिपक्ष
बोले-
मध्यप्रदेश
में
कानून
का
नहीं,
दरिंदों
का
राज 

नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंघार
ने
भी
मामले
में
सरकार
को
घेरा
है।
उन्होंने
एक्स
पर
लिखा
कि खंडवा
के
खालवा
आदिवासी
क्षेत्र
में
एक
45
वर्षीय
महिला
के
साथ
निर्भया
से
भी
ज्यादा
दर्दनाक
घटना
हुई।
वैवाहिक
कार्यक्रम
में
शामिल
होने
गई
महिला
लापता
हो
गई
अगली
सुबह
वह
बुरी
हालत
में
एक
घर
के
पीछे
मिली। इस
घटना
ने
पूरे
मध्यप्रदेश
को
झकझोर
कर
रख
दिया
है।
एक
महिला
के
साथ
जो
हैवानियत
हुई
सामूहिक
दुष्कर्म
और
बर्बरता
वह
किसी
सभ्य
समाज
की
नहीं,
बल्कि
जंगलराज
की
तस्वीर
है।


यह
भी
पढ़ें-आज
भी
जारी
रहेगा
आंधी-बारिश
का
दौर,
40
जिलों
अलर्ट,
नहीं
तपेगा
नौतपा;
चार
दिन
ऐसा
रहेगा
मौसम


नेता
प्रतिपक्ष
के
सरकार
से
सवाल


मुख्यमंत्री
जी,
अब
चुप्पी
नहीं,
जवाब
चाहिए।

आप
ऐसे
कितने
शर्मनाक
मामलों
पर
चुप
रहेंगे?

क्यों
आपकी
पुलिस
और
प्रशासन
अपराधियों
के
सामने
बेबस
नजर
आते
हैं?

महिला
सुरक्षा
को
लेकर
आपकी
सरकार
की
जिम्मेदारी
कहां
है?

सम्मेलन,
आयोजन
और
नारों
से
नहीं
महिलाओं
को
ज़मीन
पर
सुरक्षा
चाहिए।

मुख्यमंत्री
जी,
क्या
यही
है
आपकी
‘सुशासन’
की
तस्वीर?

अब
सख्त
कार्रवाई
होनी
चाहिए
सिर्फ़
दिखावे
नहीं!