Khandwa: ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग परिसर में भक्तों के लिए शुरू हुआ विश्रामालय, इतने रुपये में कटेगी पूरी रात

मध्य
प्रदेश
के
खंडवा
जिले
की
धार्मिक
तीर्थ
नगरी
ओंकारेश्वर
पहुंचने
वाले
श्रद्धालुओं
के
लिए
अब
विश्रामालय
की
व्यवस्था
भी
शुरू
की
गई
है।
इस
विश्रामालय
भवन
में
भक्तों
के
सोने
के
लिए
सुसज्जित
पलंग,
गर्मी
से
बचाव
के
लिए
कूलर,
छत
पर
फॉल
सीलिंग
और
व्यवस्थित
विद्युत
व्यवस्था
के
साथ
ही
अटैच
टॉयलेट
सहित
संस्थान
के
सेवादार
इत्यादि
के
इंतजाम
भी
किए
गए
हैं। 

इस
व्यवस्था
को
लेकर
एसडीएम
शिवम
प्रजापति
ने
बताया
कि
कोविड
के
समय
से
ओंकार
प्रसादालय
स्थित
यह
भवन
अधूरा
पड़ा
था।
जिसे
अब
आम
भक्तों
के
लिए
एक
सामान्य
शुल्क
पर
सुविधाजनक
रूप
से
तीर्थयात्रियों
के
हित
में
उपयोग
में
लाया
जाएगा।
यहां
पहुंचने
वाले
श्रद्धालुओं
के
लिए
इसकी
विधिवत
शुरुआत
भी
कर
दी
गई
है।

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कार्यक्रम
होंगे,
आतिशबाजी
भी
होगी

 
बता
दें
कि
लगभग
कोविड
काल
के
समय
से
ही
यह
भवन
और
यहां
की
रुकने
की
व्यवस्थाएं
बंद
थी।
जबकि
दूर-दूर
से
श्रद्धालु
यहां
आते
हैं।
जिसमें
से
कई
लोग
ऐसे
भी
होते
हैं
जो
अधिक
शुल्क
देकर
रात्रि
विश्राम
या
कुछ
घंटे
रुकने
हेतु
चुकाए
जाने
वाले
व्यय
को
करने
में
असमर्थ
होते
हैं।
उन्हीं
जरूरमंद
लोगों
की
सुविधा
के
लिए
यह
व्यवस्था
शुरू
की
गई
है।
इस
विश्रामालय
का
लाभ
यहां आने
वाले
सभी
तीर्थयात्री
ले
सकते
हैं।
हालांकि
इसके
लिए
नाम
मात्र
का
शुल्क
भी
रखा
गया
है। 100 रुपए
में
रात्रि
विश्राम
और
50 रुपए
में
करीब
4
घंटे
तक
यहां
रुका
जा
सकेगा।
इसको
लेकर
जिला
प्रशासन
का
मूल
उद्देश्य
देश
और
दुनिया
से
आने
वाले
भक्तों
को
अधिक
से
अधिक
सरल
सुविधा
मुहैया
कराना
है।
ताकि
तीर्थयात्री
यहां
आकर
अच्छा
संदेश
और
एक
अच्छा
अनुभव
लेकर
जाएं।

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भस्म

खंडवा
एडीएम
काशीराम
बडोले
ने
बताया
कि
ओंकारेश्वर
में
आने
वाले
भक्तों
के
लिए
वहां
बने
प्रसादालय
में
एक
अच्छी
सुविधा
शुरू
की
गई
है।
वहां
कोई
भी
भक्त
यदि
अब
24
घंटे
के
लिए
रुकना
चाहता
है
तो उसका
मात्र
100
रुपये
चार्ज
उसे
देना
होगा।
यदि
कोई
भक्त
कम
समय
जैसे
के
मात्र
4
घंटे
तक
के
लिए
रुकना
चाहता
है
तो
उसे
मात्र
50
रुपये
चार्ज
देना
होगा।
इस
तरह
से
वहां
पहले
मिनिमम
चार्ज
के
साथ
खाने
की
सुविधा
भी
शुरू
की
गई
थी,
और
अब
रुकने
के
लिए
व्यवस्था
कर
दी
गई
है।
जो
कि
वहां
पहुंचने
वाले
भक्तों
और
श्रद्धालुओं
को
ओंकारेश्वर
की
ओर
आकर्षित
करने
के
लिए
एक
अच्छी
पहल
की
गई
है।
वहां
महिला
एवं
पुरुषों
दोनो
के
रुकने
के
लिए
अलग-अलग
हाल
की
व्यवस्था
की
गई
है,
जिनमें
लगभग
20-20
बेड
लगवाए
गए
हैं।