भोपाल लव जिहाद: स्टेट SIT ने भी शुरू की पड़ताल, पीड़ित छात्राओं के बैंक खाते से शेयर ट्रेडिंग करता था फरहान


भोपाल
के
कोकता
क्षेत्र
में
स्थित
एक
निजी
कॉलेज
की
छात्राओं
को
प्रेमजाल
में
फंसाकर
लव
जिहाद
करने
वाला
मुख्य
आरोपी
फरहान
पीड़ित
हिंदू
छात्राओं
के
बैंक
खातों
से
शेयर
ट्रेडिंग
करता
था।
मुनाफा
होने
पर
पैसे
निकाल
लेता
था,
घाटा
होने
पर
युवतियों
को
सहन
करना
पड़ता
था।
यह
खुलासा
लव
जिहाद
को
लेकर
गठित
एसआईटी
की
जांच
में
हुआ
है।
भोपाल
पुलिस
आयुक्त
द्वारा
बनाई
गई
एसआईटी
के
साथ
ही
स्टेट
एसआईटी
भी
लव
जिहाद
के
आरोपियों
को
बाहरी
फंडिंग
संबंधी
मामलों
की
जांच
कर
कर
रही
है।
भोपाल
पुलिस
के
अलावा
राष्ट्रीय
मानव
अधिकार
आयोग
और
राष्ट्रीय
महिला
आयोग
ने
भी
राज्य
सरकार
को
सौंपी
रिपोर्ट
में
लव
जिहाद
के
लिए
आरोपियों
को
कहीं
से
फंडिंग
किए
जाने
की
आशंका
व्यक्त
की
है। 


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जानें
घटनाक्रम


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उल्लेखनीय
है
कि
अप्रैल
महीने
में
इंदौर
में
रहने
वाली
एक
लड़की
ने
भोपाल
के
बागसेवनिया
थाने
में
छोटा
चंबल,
भोपाल
निवासी
फरहान
खान
के
खिलाफ
दुष्कर्म
कर
वीडियो
बनाकर
ब्लैकमेल
करते
हुए
नशा
कराने
और
मुस्लिम
धर्म
अपनाने
के
लिए
दबाव
बनाने
संबंधी
प्रकरणों
में
केस
दर्ज
कराया
था।
इसके
बाद
दो
अन्य
युवतियों
ने
बागसेवनिया
थाने
में
प्रकरण
दर्ज
कराया।
अब
तक
छह
प्रकरण
इस
गिरोह
के
खिलाफ
दर्ज
हो
चुके
हैं
और
फरहान
के
साथ
बिहार
निवासी
नबील,
पन्ना
हाल
निवासी
अशोका
गार्डन
साहिल,
भोपाल
निवासी
साद
सहित
पांच
आरोपी
गिरफ्तार
कर
जेल
भेजे
जा
चुके
हैं। 

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नेताजी
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गंगाजल

जांच
के
लिए
पुलिस
आयुक्त
ने
एसआईटी
का
गठन
किया
है।
इस
लव
जिहाद
मामले
का
खुलासा
होने
के
बाद
राज्य
सरकार
ने
भी
स्टेट
लेवल
की
एक
एसआईटी
का
गठन
किया
है,
जिसमें
आईपीएस
अधिकारियों
को
शामिल
किया
गया
है।
स्टेट
एसआईटी
मामले
की
जांच
भोपाल
पुलिस
के
साथ
समानांतर
रूप
से
शुरू
कर
दी
है।
इसी
जांच
में
सामने
आया
है
कि
मुख्य
आरोपी
फरहान
ने
पीड़ित
हिंदू
युवतियों
के
बैंक
खातों
से
शेयर
ट्रेडिंग
करता
था।
उसके
खाते
में
कुछ
सालों
में
50
लाख
का
ट्रांजेक्शन
मिला
है।
इससे
आशंका
जताई
जा
रही
है
कि
उसे
लव
जिहाद
 करने,
हिंदू
युवतियों
का
शारीरिक
शोषण
कर
उन्हें
ब्लैकमेल
करने
के
लिए
फंडिंग
की
जा
रही
थी।
फरहान
ने
एक
पीड़िता
के
खाते
से
15
लाख
का
ट्रांजेक्शन
भी
किया
है।
पुलिस
अब
यह
पता
लगा
रही
 है
कि
इतनी
बड़ी
राशि
युवती
के
खाते
में
कहां
से
आई
थी।
एसआईटी
फरहान
के
खाते
में
बीते
नौ
वर्षों
में
हुए
ट्रांजेक्शन
की
डिटेल
खंगाल
रही
 है।
हालांकि,
अन्य
आरोपियों
नबील,
साद,
साहिल
और
अली
के
खातों
में
बड़ी
रकम
का
ट्रांजेक्शन
नहीं
मिला
है।