
दमोह
के
मिशन
अस्पताल
के
अवैध
कैथ
लैब
संचालन
में
आरोपी
बने
डॉ.
अजय
लाल
ने
एक
वीडियो
जारी
कर
दमोह
एसपी
श्रुत
कीर्ति
सोमवंशी
पर
गंभीर
आरोप
लगाए
हैं।
यह
वीडियो
सोशल
मीडिया
पर
सामने
आया
है,
जिसमें
वह
कह
रहे
हैं
कि
एसपी
ने
उनसे
कहा
था-मेरे
लिए
क्या
करोगे?
वीडियो
सामने
आने
के
बाद
दमोह
एसपी
श्रुत
कीर्ति
सोमवंशी
ने
मामले
में
कोई
भी
टिप्पणी
करने
से
मना
कर
दिया
है।
अमेरिका
का
बताया
जा
रहा
वीडियो
वायरल
वीडियो
अमेरिका
की
किसी
चर्च
की
गैदरिंग
का
बताया
जा
रहा
है।
वीडियो
में
डॉ.
अजय
लाल
लोगों
को
बता
रहे
हैं
कि
दमोह
के
एसपी
उनके
दोस्त
हैं।
एक
दिन
उन्होंने
सुबह
10:30
बजे
फोन
कर
मुझे
बताया
कि
करीब
15
लोग
आपके
खिलाफ
शिकायत
करने
आए
हैं।
आप
पर
आरोप
है
कि
आप
मुसलमानों
और
हिंदुओं
का
धर्मांतरण
कर
रहे
हैं।
आप
अपना
सेंट्रल
इंडिया
क्रिश्चियन
मिशन
का
यह
काम
बंद
कर
दीजिए।
एसपी
ने
मुझे
अपने
ऑफिस
में
मिलने
के
लिए
बुलाया।
तब
मैंने
उनसे
पूछा
कि
क्या
आप
मुझे
गिरफ्तार
करने
वाले
हैं,
तो
उन्होंने
कहा-
नहीं,
गिरफ्तार
नहीं
करेंगे,
लेकिन,
मैं
आपकी
मदद
करना
चाहता
हूं।
एसपी
ने
मुझसे
कहा
कि
मैं
हिंदू
हूं,
लेकिन
आपकी
मदद
करना
चाहता
हूं।
बदले
में
आप
मेरे
लिए
क्या
करेंगे?
इस
वीडियो
के
कई
अलग-अलग
मायने
निकाले
जा
रहे
हैं।
ये
भी
पढ़ें: आंतें
बाहर
आईं,
बच्चेदानी
फटी,
रातभर
दरिंदगी
के
बाद
महिला
को
घर
लाए
परिजन,
पर
नहीं
बुलाई
पुलिस;
पूरी
कहानी
डॉ.
अजय
लाल
विदेश
में,
आठ
लोगों
पर
केस
दर्ज
बता
दें,
डॉ.
अजय
लाल
इस
समय
विदेश
में
हैं।
उन
पर
मिशन
अस्पताल
में
अवैध
कैथ
लैब
संचालन
के
आरोप
में
दमोह
पुलिस
ने
केस
दर्ज
किया
है।
मामले
में
अजय
लाल
समेत
आठ
लोगों
को
आरोपी
बनाया
गया।
ये
सभी
मिशन
अस्पताल
प्रबंधन
समिति
के
सदस्य
हैं।
दमोह
एसपी
ने
इन
सभी
फरार
आरोपियों
की
गिरफ्तारी
के
लिए
दो-दो
हजार
रुपये
का
इनाम
भी
घोषित
किया
है।
इसी
बीच
डॉ.
अजय
लाल
की
विदेश
में
हुई
गैदरिंग
से
जुड़ा
वायरल
वीडियो
अब
चर्चा
में
है।
ये
भी
पढ़ें: सड़क
पर
संबंध,
जेल
में
नेताजी,
ब्लैकमेल-वायरल
वीडियो
से
लेकर
गिरफ्तारी
तक
की
कहानी;
वो
आठ
मिनट
पड़े
भारी
एसपी
ने
टिप्पणी
से
किया
इनकार
एसपी
श्रुत
कीर्ति
सोमवंशी
ने
वीडियो
के
मामले
में
कोई
भी
टिप्पणी
करने
से
इनकार
कर
दिया
है।
उनका
कहना
है
कि
फरार
आरोपियों
के
ठिकानों
की
जानकारी
ली
जा
रही
है।
डॉ.
अजय
लाल
देश
से
बाहर
हैं।
मामले
में
आरोपी
पक्ष
ने
कोर्ट
में
दलील
पेश
की
है
कि
प्रबंधन
समिति
के
जिन
सदस्यों
पर
एफआईआर
दर्ज
की
गई
है,
वे
समिति
में
शामिल
नहीं
हैं।
अगली
सुनवाई
में
स्पष्ट
होगा
कि
ये
सभी
इस
मामले
के
आरोपी
हैं
या
नहीं।