Indore News: सबका साथ-सबका विकास का मंत्र मां अहिल्या से प्रेरित, भाजपा इसी पर काम कर रही


मां
अहिल्या
बाई
होलकर
की
300वीं
जन्मशती
के
अवसर
पर,
उनके
न्यायप्रिय,
नीतिपूर्ण
और
लोककल्याणकारी
सुशासन
की
परंपरा
को
स्मरण
करते
हुए
इंदौर
नगर
निगम
द्वारा
महापौर
पुष्यमित्र
भार्गव
के
नेतृत्व
में
“सुशासन
और
महिला
सशक्तिकरण
का
पर्याय:
मां
अहिल्या
बाई
होलकर”
विषय
पर
एक
कार्यक्रम
का
आयोजन
ब्रिलियंट
कन्वेंशन
सेंटर
में
किया
गया।
कार्यक्रम
के
मुख्य
अतिथि
भाजपा
के
राष्ट्रीय
सह-संगठन
मंत्री
शिवप्रकाश
रहे।
कार्यक्रम
की
अध्यक्षता
महापौर
पुष्यमित्र
भार्गव
ने
की।


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मां
अहिल्या
के
काम
को
आगे
बढ़
रही
सरकार

महापौर
पुष्यमित्र
भार्गव
ने
कहा
इंदौर
माता
अहिल्या
की
कर्मभूमि
और
शासन
का
केंद्र
रहा
है।
उनकी
300वीं
जयंती
पर
इंदौर
सहित
देश
और
विदेशों
में
कार्यक्रम
आयोजित
किए
जा
रहे
हैं।
माता
अहिल्या
का
सुशासन,
लोककल्याण
के
कार्य,
और
महिला
सशक्तिकरण
के
उदाहरण
आज
भी
प्रासंगिक
हैं।
पंचायत
से
लेकर
संसद
तक
सुशासन
की
अवधारणा
उनके
आदर्शों
से
प्रेरणा
लेती
है।
शिवप्रकाश
ने
कहा
अहिल्या
बाई
का
जीवन
विषम
परिस्थितियों
में
भी
न्याय,
विकास
और
जनकल्याण
का
अद्वितीय
उदाहरण
है।
पशुपालन,
मसालों
की
खेती,
बंजर
भूमि
को
कृषि
योग्य
बनाना,
सैनिकों
की
विधवाओं
को
पेंशन,
महिलाओं
को
सेना
में
अवसर
देना,
ये
सभी
कार्य
उन्होंने
300
वर्ष
पहले
किए,
जिन
पर
आज
भी
सरकारें
काम
कर
रही
हैं।
उनके
विचार
आज
भी
हमारे
लिए
मार्गदर्शक
हैं।


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किन्नर
समाज
ने
कहा
हम
भी
शिव
के
उपासक

इंदौर
जनपद
पंचायत
अध्यक्ष
विश्वजीत
सिसोदिया
ने
कहा
महापौर
ने
ग्रामीण
प्रतिनिधियों
को
शहर
के
मंच
पर
स्थान
देकर
एक
महत्वपूर्ण
पहल
की
है।
माता
अहिल्या
के
आदर्शों
को
आत्मसात
कर
हम
ग्रामीण
क्षेत्रों
में
जनभागीदारी
और
महिला
सशक्तिकरण
को
आगे
बढ़ा
रहे
हैं।
कार्यक्रम
में
किन्नर
समाज
से
खुशबू
गुरु
ने
अपने
भाव
व्यक्त
करते
हुए
कहा,
हम
अपने
माता-पिता
को
खो
चुके
हैं,
लेकिन
इस
मंच
पर
सम्मान
पाकर
गर्व
महसूस
कर
रहे
हैं।
माता
अहिल्या
शिव
उपासक
थीं
और
हम
भी
हैं;
उनका
आदर्श
हमारे
लिए
प्रेरणा
है।


विभिन्न
क्षेत्रों
की
महिलाओं
को
आमंत्रित
किया

ज्योति
बिंदल
ने
कहा
कि
वैसे
तो
कई
कार्यकमों
में
माता
अहिल्या
के
बारे
में
सुना
है
लेकिन
आज
के
आयोजन
में
माता
अहिल्या
के
बारे
में
जानकारी
बहुत
महत्वपूर्ण
रही
महापौर
पुष्यमित्र
भार्गव
की
प्रशंसा
करते
हुए
उन्होंने
कहा
कि
इस
प्रकार
के
आयोजन
ओर
नवाचार
सिर्फ
पुष्यमित्र
भार्गव
ही
आकर
सकते
है
जो
खुद
माता
अहिल्या
के
विचारों
को
लेकर
सहभागिता
से
आगे
बढ़
रहे
हैं।
कार्यक्रम
में
इंदौर
की
विभिन्न
पृष्ठभूमियों
और
प्रोफेशन्स
से
जुड़ी
महिलाओं,
जनप्रतिनिधियों
और
समाजसेवियों
ने
सहभागिता
की।
इंदौर
नगर
निगम
द्वारा
आयोजित
इस
कार्यक्रम
ने
अहिल्या
बाई
होलकर
के
सुशासन
और
महिला
सशक्तिकरण
की
परंपरा
को
जीवंत
करने
का
प्रयास
किया,
और
उनके
आदर्शों
को
जन-जन
तक
पहुंचाने
का
संकल्प
लिया।

उषा
वैशंपायन
का
विशेष
सम्मान
किया
गया

कार्यक्रम
के
दौरान
89
वर्षीय
समाजसेविका
उषा
वैशंपायन
का
विशेष
सम्मान
किया
गया।
उन्होंने
महिला
सशक्तिकरण
के
क्षेत्र
में
उल्लेखनीय
योगदान
दिया
है।
लोकमान्य
नगर
भगिनी
मंडल
में
अध्यक्ष,
कोषाध्यक्ष
के
रूप
में
कार्य
कर
चुकीं
उषा
वैशंपायन
वर्ष
1994
में
उत्कर्ष
सेवा
समिति
के
माध्यम
से
इंदौर
में
Door
to
Door
कचरा
संग्रहण
की
शुरुआत
कर
चुकी
हैं।
23
वर्षों
तक
जनभागीदारी
से
कचरा
प्रबंधन
और
खाद
निर्माण
कार्य
का
संचालन
किया
और
बगीचों
का
विकास,
पौधारोपण,
बाल
संस्कार
केंद्र
और
सेवा
बस्ती
में
अध्यापन
कार्य
किया।


प्रधानमंत्री
की
राष्ट्र
निर्माण
की
नीतियां
देवी
अहिल्याबाई
से
प्रेरित
हैं

भारतीय
जनता
पार्टी
के
राष्ट्रीय
सह
संगठन
मंत्री
शिव
प्रकाश
ने
इंदौर
भाजपा
कार्यालय
पर
संगठन
के
प्रमुख
कार्यकर्ताओं
के
बीच
देवी
अहिल्या
त्रिशताब्दी
वर्ष
के
कार्यक्रमों

वन
नेशन
वन
इलेक्शन
अभियान
की
व्यापक
समीक्षा
की।
कहा
कि
देवी
अहिल्या
बाई
होल्कर
ने
समाज

राष्ट्र
उत्थान
के
कार्यों
में
आदर्श
स्थापित
किया
है।
प्रधानमंत्री
नरेन्द्र
मोदी
के
नेतृत्व
में
राष्ट्र
निर्माण
की
नीतियां
देवी
अहिल्याबाई
होल्कर
की
नीतियों
से
प्रेरित
हैं।
उनके
जीवन
से
देश
की
प्रत्येक
नारी
को
प्रेरणा
लेनी
चाहिए।
उन्होंने
देवी
अहिल्या
बाई
की
सेवा,
त्याग,
तपस्या,
सुशासन,
लोक
कल्याण
और
धर्म

आध्यात्म
को
लेकर
किए
गए
कार्यों
की
विस्तार
से
चर्चा
की। सांस्कृतिक
विरासत
को
संजोए
रखने
मे
देवी
अहिल्याबाई
होल्कर
ने
हमारी
सनातन
सांस्कृतिक
विरासत
को
संजोए
रखने
में
महत्वपूर्ण
योगदान
दिया
है।
वर्तमान
में
हमारी
सरकारें
जिस
उद्देश्य

ध्येय
के
साथ
आगे
बढ़
रही
हैं,
कहीं
ना
कहीं
राष्ट्र
निर्माण
की
हमारी
यह
प्रक्रिया
देवी
अहिल्या
बाई
होल्कर
की
नीतियों
से
प्रेरित
हैं।
प्रधानमंत्री
नरेन्द्र
मोदी
के
नेतृत्व
में
केंद्र

राज्य
की
भाजपा
सरकारें
भी
हमारी
सांस्कृतिक
विरासतों
को
संरक्षित
करने
के
लिए
कृत
संकल्पित
हैं।
प्रधानमंत्री
के
नेतृत्व
में
भाजपा
सरकारों
के
अंत्योदय
का
लक्ष्य
‘सबका
साथ-सबका
विकास’
के
मूल
मंत्र
के
साथ
सभी
को
पक्का
आवास
दिलाना
है,
जो
देवी
अहिल्याई
के
शासन
व्यवस्था
से
प्रेरित
है।
उन्होंने
जिस
तरह
शिक्षा
और
स्वास्थ्य
के
क्षेत्र
में
सुधार
किए
और
बच्चों
को
शिक्षा
प्रदान
करने
के
लिए
विद्यालय
खोले
तथा
स्वास्थ्य
सेवाओं
को
सुलभ
बनाया।
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
नेतृत्व
में
बनाई
गई
नई
भारतीय
शिक्षा
पद्धति
ग्रामीण

शहरी
भारत
का
भविष्य
है।
भाजपा
नगर
अध्यक्ष
सुमित
मिश्रा
ने
देवी
अहिल्याबाई
 त्री
शताब्दी
वर्ष
के
संगठनात्मक
कार्यक्रमों

संगठन
के
आगामी
कार्य
योजना
की
जानकारी
दी।