
दमोह
वन
परिक्षेत्र
के
बालाकोट
के
जंगल
में
अवैध
रूप
से
पत्थर
खनन
कर
परिवहन
कर
रहे
दो
ट्रैक्टर-ट्रॉली
वन
विभाग
की
टीम
ने
पकड़े
थे।
इन
वाहनों
को
दमोह
लाते
समय
बीच
शहर
से
खनन
माफिया
एक
ट्रैक्टर
ट्रॉली
छीनकर
ले
गए।
इस
दौरान
खनन
माफिया
से
वन
कर्मियों
का
विवाद
भी
हुआ।
घटना
बुधवार
रात
स्टेडियम
के
सामने
की
है।
जिस
समय
वन
माफिया
कर्मचारियों
से
विवाद
कर
रहे
थे
उस
दौरान
कई
लोगों
की
भीड़
एकत्रित
हो
गई
थी।
इसके
बाद
कोतवाली
में
इस
मामले
की
शिकायत
दर्ज
कराई
गई
है।
विवाद
का
वीडियो
भी
सामने
आया
है।
जिसमें
एक
महिला
भी
वन
कर्मियों
से
विवाद
करती
दिख
रही
है।
ये
भी
पढ़ें-जल
संकट
से
जूझ
रहे
देवरी
गांव
में
पहली
बार
पहुंचा
पानी,
ग्रामीणों
की
खुशी
का
नहीं
रहा
ठिकाना
डीएफओ
ईश्वर
जरांडे
ने
बताया
कि
खबर
मिली
थी
कि
दमोह
वन
परिक्षेत्र
के
बालाकोट
में
बड़े
पैमाने
पर
अवैध
रूप
से
पत्थरों
का
खनन
किया
जा
रहा
है।
सूचना
मिलने
पर
बुधवार
रात
उड़नदस्ता
टीम
क्षेत्र
में
पहुंची
तो
वहां
पर
दो
ट्रैक्टर
में
अवैध
रूप
से
खनन
किए
गए
पत्थर
भरे
मिले।
टीम
ने
दोनों
ट्रैक्टर
चालक
को
पकड़ा
और
उन्हें
लेकर
दमोह
आ
रहे
थे,
तभी
नव
जागृति
स्कूल
के
पास
दर्जनों
लोग
पहुंचे
और
उन्होंने
वन
कर्मियों
को
घेर
लिया
और
गुंडागर्दी
दिखाकर
पत्थर
से
भरी
ट्रैक्टर
ट्रॉली
लेकर
भागने
में
कामयाब
हो
गए।
इस
धक्का
मुक्की
में
वनकर्मियों
को
चोट
भी
आई
है।
हमने
एक
ट्रैक्टर
को
जब्त
कर
लिया
है।
दूसरा
ट्रैक्टर
लेकर
भागे
खनन
माफिया
के
खिलाफ
कोतवाली
में
एफआईआर
दर्ज
की
गई
है।
ये
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में
शादी
समारोह
से
लौट
रहे
बाइक
सवारों
को
कार
ने
मारी
टक्कर,
तीन
की
मौत
अभी
जानकारी
मिली
है
कि
पुलिस
ने
ट्रैक्टर
छीनकर
ले
जाने
वालों
में
से
एक
आरोपी
को
गिरफ्तार
कर
लिया
है,
अन्य
की
तलाश
की
जा
रही
है।
डीएफओ
ने
बताया
पकड़े
गए
दो
ट्रैक्टर
चालक
के
खिलाफ
वन
अधिनियम
1927
की
धाराओं
के
तहत
अपराध
दर्ज
किया
था,
जिन्हें
मुचलके
पर
छोड़
दिया
गया
है।
बता
दें
बालाकोट
के
जंगल
में
बड़े
पैमाने
पर
अवैध
तरीके
से
पत्थर
की
खदान
संचालित
होती
है
उसके
अलावा
यहां
अवैध
कटाई
भी
की
जाती
है।
क्योंकि
यह
जंगल
काफी
बड़ा
है
जो
आगे
जाकर
टाइगर
रिजर्व
में
मिल
जाता
है।