
मध्यप्रदेश
के
एक
मंत्री
के
विवादित
बयान
की
जांच
में
नई
अड़चन
सामने
आई
है।
विशेष
जांच
दल
(SIT)
ने
मंत्री
विजय
शाह
से
जुड़े
वीडियो
को
ऐसी
फॉरेंसिक
लैब
में
भेज
दिया,
जहां
वीडियो
की
तकनीकी
जांच
की
सुविधा
ही
मौजूद
नहीं
थी।
इस
लापरवाही
के
चलते
जांच
आगे
नहीं
बढ़
पाई
और
सुप्रीम
कोर्ट
ने
मामले
की
अगली
सुनवाई
अब
जुलाई
में
तय
की
है। मंत्री
शाह
का
वीडियो
भोपाल
स्थित
राज्य
फॉरेंसिक
साइंस
लैब
(FSL)
को
भेजा
गया
था।
लेकिन
वहां
केवल
वॉयस
एनालिसिस,
डीएनए,
और
ड्रग
टेस्टिंग
जैसी
जांच
होती
है,
वीडियो
फुटेज
की
सत्यता
परखने
की
तकनीकी
क्षमता
मौजूद
नहीं
है।
लैब
ने
यह
स्पष्ट
कर
दिया
कि
वे
वीडियो
की
प्रमाणिकता
की
जांच
करने
में
सक्षम
नहीं
हैं
और
वीडियो
वापस
लौटा
दिया
गया।
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