
इंदौर
में
सोशल
मीडिया
पर
वरिष्ठ
अधिकारियों
के
खिलाफ
आपत्तिजनक
टिप्पणियां
करना
दो
पटवारियों
को
भारी
पड़
गया।
यह
मामला
कलेक्टर
आशीष
सिंह
के
संज्ञान
में
आते
ही
उन्होंने
तत्काल
प्रभाव
से
दोनों
पटवारियों
को
निलंबित
कर
दिया।
अधिकारियों
की
गरिमा
को
ठेस
पहुंचाने
वाले
इस
कृत्य
पर
प्रशासन
ने
कठोर
रवैया
अपनाते
हुए
सेवा
आचरण
नियमों
का
हवाला
देते
हुए
कार्रवाई
की।
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राऊ
तहसील
के
पटवारी
चेतन
उपाध्याय
का
मामला
पहला
मामला
तहसील
राऊ
के
पटवारी
चेतन
उपाध्याय
से
जुड़ा
है।
उन्होंने
शुक्रवार
को
एक
वॉट्सऐप
मीडिया
ग्रुप
में
एक
वरिष्ठ
अधिकारी
के
खिलाफ
दुर्भावनापूर्ण
और
आपत्तिजनक
टिप्पणी
की
थी।
इस
कृत्य
को
मध्यप्रदेश
सिविल
सेवा
(आचरण)
नियमों
का
उल्लंघन
मानते
हुए
कलेक्टर
ने
चेतन
उपाध्याय
को
निलंबित
कर
दिया
है।
निलंबन
के
बाद
उनका
मुख्यालय
अधीक्षक
भू-अभिलेख
कार्यालय
इंदौर
निर्धारित
किया
गया
है।
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सांवेर
तहसील
के
पटवारी
धर्मेंद्र
गुप्ता
भी
निलंबित
दूसरा
मामला
तहसील
सांवेर
के
पटवारी
धर्मेंद्र
गुप्ता
का
है।
उन्होंने
भी
उसी
दिन
उसी
वॉट्सऐप
ग्रुप
में
वरिष्ठ
अधिकारी
के
खिलाफ
अनुचित
टिप्पणी
की।
इसे
गंभीरता
से
लेते
हुए
प्रशासन
ने
धर्मेंद्र
गुप्ता
को
भी
तत्काल
प्रभाव
से
निलंबित
कर
दिया
है।
उन्हें
भी
मुख्यालय
से
अटैच
किया
गया
है
ताकि
आगे
की
अनुशासनात्मक
कार्रवाई
की
जा
सके।
कानूनी
प्रावधानों
के
तहत
कार्रवाई,
भत्ता
मिलेगा
कलेक्टर
द्वारा
की
गई
यह
कार्रवाई
मध्यप्रदेश
सिविल
सेवा
(आचरण)
नियम
1965
और
मध्यप्रदेश
सिविल
सेवा
(वर्गीकरण,
नियंत्रण
तथा
अपील)
नियम
1966
के
तहत
की
गई
है।
हालांकि
निलंबन
की
स्थिति
में
दोनों
पटवारियों
को
नियमानुसार
जीवन
निर्वाह
भत्ता
दिया
जाएगा।
इस
घटना
ने
प्रशासनिक
कर्मचारियों
के
सोशल
मीडिया
व्यवहार
को
लेकर
सतर्कता
का
संदेश
दिया
है।