
कोरोना
कल
से
आयुर्वेद
को
लगातार
देश
भर
में
बढ़ावा
मिल
रहा
है।
केन्द्र
और
राज्य
सरकार
आयुष
अस्पतालों
का
उत्थान
करने
में
जुटी
हुई
हैं।
राजधानी
भोपाल
के
एलोपैथी
अस्पतालों
में
भी
आयुर्वेदिक
इलाज
के
लिए
अलग
से
सेंटर
बनाने
की
तैयारी
की
जा
रही।
इस
कड़ी
में
राजधानी
की
सबसे
बड़ी
सरकारी
अस्पताल
हमीदिया
में
आयुष
सेंटर
बनाने
की
तैयारी
की
जा
रही
है।
वहीं
जिला
अस्पताल
में
पहले
से
बने
आयुष
विंग
का
विस्तार
किया
जाएगा।
इसके
लिए
विभाग
से
दोनों
ही
अस्पताल
को
40-40
लाख
का
बजट
मंजूर
हो
गया
है।
इन
अस्पतालों
में
पंचकर्म
से
लेकर
सभी
तरह
की
आयुर्वेद
इलाज
किए
जाएंगे
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हमीदिया
में
आयुष
विंग
बनाने
के
लिए
देख
रहे
जगह
जानकारी
के
मुताबिक
हमीदिया
अस्पताल
परिसर
में
पंचकर्म
की
सुविधा
शुरू
करने
के
लिए
जगह
मांगी
गई
है।
अस्पताल
में
पहली
बार
आयुष
विंग
बनेगी
तो
वहीं
जेपी
अस्पताल
में
पहले
से
संचालित
आयुष
विंग
का
विस्तार
किया
जाएगा।
आयुष
विभाग
की
ओर
से
हमीदिया
अस्पताल
परिसर
में
3000
वर्ग
फीट
जगह
मांगी
गई
है।
जेपी
अस्पताल
में
वर्तमान
में
आयुष
विंग
के
नाम
पर
सिर्फ
होम्योपैथी
की
ओपीडी
का
संचालन
किया
जाता
है।
जहां
गिने-चुने
मरीज
ही
पहुंचते
हैं।
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राज्यों
के
380
बीएड
कॉलेजों
की
मान्यता
रद्द,
मध्यप्रदेश
के
11
संस्थान
शामिल
पंचकर्म
यूनिट
को
मिल
रहा
अच्छा
रिस्पांस
राजधानी
के
पंडित
खुशीलाल
आयुर्वेदिक
अस्पताल
में
पंचकर्म
की
स्पेशल
यूनिट
शुरू
की
गई
है।
इस
यूनिट
में
लगातार
मरीजों
की
भीड़
देखी
जा
रही
है।
लोगों
का
रुझान
देखकर
पता
चलता
है
कि
कई
रोगों
से
पीड़ित
मरीजों
को
पंचकर्म
से
बहुत
आराम
मिल
रहा
है।
इसी
को
ध्यान
में
रखते
हुए
अलग-अलग
सरकारी
अस्पतालों
में
इस
सुविधा
के
विस्तार
की
योजना
बनाई
गई
है।
ताकि,
ज्यादा
से
ज्यादा
मरीजों
को
कम
से
कम
दूरी
पर
यह
सुविधा
मिल
सके।
अभी
इन
मरीजों
को
खुशीलाल
आयुर्वेदिक
अस्पताल
जाना
पड़ता
है।
यह
भी
पढ़ें-भोपाल
मेट्रो
का
कमर्शियल
रन
अक्टूबर
से,
इंदौर
के
बाद
अब
राजधानी
में
मेट्रो
सफर
का
इंतजार
अभी
पंचकर्म
की
यहां
मिल
रही
सुविधा
जानकारी
के
लिए
बता
दे
की
राजधानी
भोपाल
स्थित
एम्स
में
भी
पंचकर्म
यूनिट
पिछले
साल
शुरू
हो
चुकी
है।
इसके
अलावा
छह
नंबर
बस
स्टॉप
स्थित
जिला
आयुष
अस्पताल
में
भी
यह
सुविधा
उपलब्ध
है।
खुशीलाल
समेत
वर्तमान
में
पंचकर्म
के
तीनों
सरकारी
सेंटर
नए
शहर
में
ही
संचालित
हो
रहे
हैं।
ऐसे
में
पुराने
शहर
के
लोगों
को
पंचकर्म
के
लिए
कई
किलोमीटर
दूर
नए
शहर
जाना
पड़ता
है।
हमीदिया
में
यह
सुविधा
शुरू
होती
है
तो
इन
लोगों
को
राहत
मिलेगी।