
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
के
पनपथा
बफर
जोन
में
एक
नर
तेंदुए
का
शव
संदिग्ध
परिस्थितियों
में
मिलने
से
वन
विभाग
और
स्थानीय
प्रशासन
में
हड़कंप
मच
गया।
यह
घटना
करौंदिया
क्षेत्र
के
कक्ष
क्रमांक
पीएफ
619
की
है,
जहां
सुबह
क्षेत्रीय
कर्मचारियों
को
गश्त
के
दौरान
तेंदुए
का
शव
दिखाई
दिया।
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सूचना
मिलते
ही
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
के
वरिष्ठ
अधिकारी
मौके
पर
पहुंचे
और
प्रारंभिक
जांच
शुरू
की
गई।
क्षेत्र
में
सुरक्षा
बढ़ा
दी
गई
है
और
डॉग
स्क्वॉड
की
मदद
से
आसपास
के
इलाके
में
सघन
सर्चिंग
अभियान
चलाया
जा
रहा
है।
साथ
ही
फील्ड
स्टाफ
द्वारा
पैदल
गश्त
भी
लगातार
जारी
है,
ताकि
किसी
प्रकार
की
आपराधिक
गतिविधि
के
संकेत
मिल
सकें।
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पनपथा
बफर
परिक्षेत्र
के
अधिकारी
एसएस
मार्को
ने
बताया
कि
मृत
तेंदुआ
लगभग
चार
वर्ष
का
नर
था।
शव
के
परीक्षण
के
दौरान
उसके
शरीर
पर
बाहरी
चोट
के
निशान
पाए
गए
हैं,
जिससे
यह
मामला
संदिग्ध
बन
गया
है।
वन्य
चिकित्सकों
की
टीम
ने
मौके
पर
पहुंचकर
शव
का
पोस्टमार्टम
किया
और
आवश्यक
नमूने
सुरक्षित
किए
हैं।
प्राथमिक
जांच
में
किसी
शिकारी
जाल
या
अन्य
अवैध
गतिविधि
की
पुष्टि
नहीं
हुई
है,
लेकिन
पोस्टमार्टम
रिपोर्ट
का
इंतजार
किया
जा
रहा
है,
जो
तेंदुए
की
मौत
के
वास्तविक
कारण
का
खुलासा
करेगी।
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घायल
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ग्रामीण,
वन
विभाग
टीम
ने
पहुंचाया
अस्पताल
गौरतलब
है
कि
कुछ
दिन
पहले
पतौर
परिक्षेत्र
में
भी
एक
तेंदुए
का
कंकाल
बरामद
हुआ
था,
जो
लगभग
12
दिन
पुराना
बताया
गया
था।
इस
घटना
के
बाद
से
ही
टाइगर
रिजर्व
क्षेत्र
में
निगरानी
और
सख्ती
बढ़ा
दी
गई
थी,
लेकिन
अब
एक
और
तेंदुए
की
मौत
ने
वन
विभाग
की
कार्यप्रणाली
पर
सवाल
खड़े
कर
दिए
हैं।
ये
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पढ़ें- बांधवगढ़
टाइगर
रिज़र्व
के
पास
मिला
तेंदुए
का
कंकाल,
मौत
के
कारणों
की
जांच
शुरू
वन
विभाग
ने
तेंदुए
के
शव
का
नियमानुसार
अंतिम
संस्कार
करने
की
प्रक्रिया
शुरू
कर
दी
है।
विभागीय
सूत्रों
के
अनुसार,
पोस्टमार्टम
के
आधार
पर
यदि
किसी
प्रकार
की
आपराधिक
साजिश
की
पुष्टि
होती
है,
तो
अज्ञात
लोगों
के
खिलाफ
वन्य
जीव
संरक्षण
अधिनियम
के
तहत
मामला
दर्ज
किया
जाएगा।
फिलहाल
पूरा
मामला
जांच
के
अधीन
है
और
वन
विभाग
ने
लोगों
से
अपील
की
है
कि
यदि
किसी
को
इस
घटना
से
जुड़ी
कोई
जानकारी
हो,
तो
वह
तत्काल
विभाग
को
सूचित
करें,
ताकि
दोषियों
को
चिन्हित
किया
जा
सके
और
इस
तरह
की
घटनाओं
पर
रोक
लगाई
जा
सके।