
बीएनपी
थाना
पुलिस
ने
नकली
नोट
बनाने
वाले
गिरोह
का
पर्दाफाश
किया।
वहीं
500
रुपये
के
नकली
नोट
बनाने
वाले
गिरोह
के
आरोपियों
को
15
लाख
41
हजार
रुपये
के
नकली
नोटों
के
साथ
गिरफ्तार
किया
है।
आरोपियों
के
पास
से
नकली
नोट
बनाने
वाले
प्रिंटर
सहित
हाईटेक
उपकरण
बरामद
किए
हैं।
वहीं
आरोपियों
से
लगातार
पूछताछ
की
जा
रही
है।
नकली
नोट
बनाने
वाले
गिरोह
का
पर्दाफाश
करते
हुए
पुलिस
अधीक्षक
पुनीत
ने
बताया
कि
बीएनपी
थाना
पुलिस
को
गत
एक
जून
को
मुखबिर
से
सूचना
मिली
कि
दो
आरोपी
सचिन
नागर
और
शुभम
वर्मा
लेकर
जा
रहे
हैं।
बीएनपी
थाना
पुलिस
ने
वरिष्ठ
अधिकारियों
को
सूचना
दी
जिस
पर
अतिरिक्त
पुलिस
अधीक्षक
जयवीर
सिंह
भदौरिया
के
मार्गदर्शन
में
उपपुलिस
अधीक्षक
संजय
शर्मा
के
निर्देशन
में
बीएनपी
थाना
प्रभारी
अमित
सोलंकी
के
नेतृव्य
में
दो
टीमों
का
गठन
किया।
टीम
ने
सचिन
और
शुभम
को
गिरफ्तार
कर
उनके
पास
से
1
लाख
96
हजार
200
रुपये
के
नकली
नोट
और
बाइक
जब्त
कर
आरोपियों
के
विरुद्ध
धारा
178,
179,
180,
61
(2)
बीएनएस
का
अपराध
पंजीबद्ध
कर
प्रकरण
को
विवेचना
में
लिया।
आरोपियों
से
पूछताछ
करने
पर
पता
चला
कि
राजकुमार
मालवीय
निवासी
सोनकच्छ
अपने
निवास
पर
नकली
नोटों
का
निर्माण
कर
रहा
है
पुलिस
ने
सोनकच्छ
में
दबिश
देकर
आरोपी
राजकुमार
और
सुनील
पाटील
को
गिरफ्तार
कर
उनके
पास
से
500
रुपये
के
नकली
नोटों
की
गड्डियां
कुल
13
लाख
25
हजार
रुपये
जब्त
कर
नोट
निर्माण
में
प्रयुक्त
उपकरण
और
अन्य
सामग्री
बरामद
की
अनुसंधान
में
आरोपी
शक्ति
सिंह
चावड़ा
को
भी
गिरफ्तार
किया
तीन
माह
से
नकली
नोट
बनाने
का
काम
कर
रहे
थे।
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संग
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के
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नंदी
के
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में
कही
मनोकामना
15
लाख
41
हजार
रुपये
के
नकली
नोट
बरामद
प्रकरण
में
पुलिस
अधीक्षक
पुनीत
ने
बताया
कि
पुलिस
पिछले
15
दिनों
से
मुखबिर
की
सूचना
पर
काम
कर
रही
थी,
जिसमें
हमें
सूचनाएं
मिल
रही
थीं
कि
4
से
5
लोगों
की
गैंग
है,
जो
फर्जी
तरीके
से
500
रुपये
के
नकली
नोट
बना
रहे
हैं।
सचिन
नागर
निवासी
सोनकच्छ
और
शुभम
वर्मा
निवासी
आगरोद
को
पुलिस
ने
गिरफ्तार
कर
उनके
पास
से
नकली
नोट
करीब
2
लाख
रुपये
की
जब्त
की
है
सचिन
और
शुभम
से
सख्ती
से
पूछताछ
की
तो
उन्होंने
अपनी
पूरी
गैंग
के
नाम
पुलिस
को
बताए
खासतौर
सुनील
पाटील
जो
बुराहनपुर
का
निवासी
है।
उसका
नाम
सामने
आया
जो
मुख्य
आरोपी
है।
नकली
नोट
का
काम
यही
देखता
था
सुनील
पाटील
के
साथ
उसका
सहयोगी
राजकुमार
मालवीय
जो
सोनकच्छ
का
रहने
वाला
है।
इसके
साथ
ही
सचिन
और
शुभम
ने
एक
वितरक
शक्ति
सिंह
चावड़ा
का
नाम
बताया
जो
आगरोद
का
रहने
वाला
है।
एडिशनल
उसपी
जयवीर
सिंह
भदौरिया
के
मार्गदर्शन
में
10
से
12
स्थानों
पर
दबिश
दी
गई,
जिसमें
पुलिस
ने
सभी
पांच
आरोपियों
को
गिरफ्तार
किया
है।
आरोपियों
के
पास
से
15
लाख
41
हजार
रुपये
के
नकली
नोट
पुलिस
ने
बरामद
किए
हैं।
मुख
आरोपी
और
सहयोगी
गत
तीन
माह
से
नकली
नोट
बनाने
का
कार्य
कर
रहे
थे।
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की
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सरकार
वहीं
कर
रही
कैबिनेट
मीटिंग
मार्केट
में
नोट
चलाने
के
पूर्व
आरोपियों
को
धरदबोचा
नकली
नोट
गिरोह
की
जानकारी
लगते
ही
पुलिस
अधीक्षक
के
निर्देश
पर
टीम
बनाई
गई
और
आरोपियों
की
तलाश
कर
उन्हें
गिरफ्तार
किया
गया।
इस
दौरान
पुलिस
अधीक्षक
ने
बताया
कि
मुख्य
आरोपी
सुनील
पाटील
के
विरुद्ध
20
सालों
में
8
अपराध
पूर्व
से
पंजीबद्ध
है,
जिनमें
कई
अपराध
नकली
नोटों
को
बनाने
के
संबंध
में
हैं
खंडवा
और
इंदौर
के
पूर्व
के
अपराधों
में
आरोपी
को
10
साल
की
सजा
भी
हो
चुकी
है।
आरोपी
सुनील
पाटील
2020
के
अपराध
में
जेल
में
बंद
था।
दिसंबर
2024
में
यह
जमानत
पर
छूटकर
बाहर
आया
था।
उसके
बाद
से
पुन:
नकली
नोटों
को
बनाने
के
कारोबार
में
लग
गया
था।
सुनील
पाटील
ने
राजकुमार
मालवीय
जो
अन्य
अपराध
में
भेरुगढ़
जेल
में
बंद
था।
वहां
पर
इसके
साथ
मिलकर
योजना
बनाई
और
देवास
के
तीन
लोगों
के
साथ
मिलकर
नकली
नोट
प्रिंट
कर
बाजार
में
चलाने
का
प्रयास
कर
रहे
थे।
प्रकरण
का
मुख्य
आरोपी
सुनील
पाटील
विगत
20
साल
से
नकली
नोटों
का
कारोबार
कर
रहा
था।
पुलिस
ने
आरोपियों
की
योजनाओं
को
सफल
नहीं
होने
दिया
15
लाख
रुपये
के
नकली
नोट
जो
बाजार
में
संचालित
हो
सकते
थे,
उसे
पुलिस
ने
रोका
है।
इस
उपलब्धि
पर
पूरी
टीम
को
10-10
हजार
रुपये
के
नकद
पुरुस्कार
से
सम्मानित
किया
है।
इन
आरोपियों
को
किया
गिरफ्तार
पुलिस
ने
मुख्य
आरोपी
सुनील
पिता
बाबूराव
पाटील
उम्र
38
वर्ष
निवासी
खकनार
जिला
बुरहानपुर,
राजकुमार
पिता
सिद्धनाथ
मालवीय
उम्र
30
वर्ष
निवासी
ग्राम
खेडाखजुरिया
सोनकच्छ,
सचिन
नागर
पिता
तेज
सिंह
उम्र
27
वर्ष
निवासी
ग्राम
दुधलाई
सोनकच्छ,
शुभम
वर्मा
पिता
दिनेश
वर्मा
उम्र
23
वर्ष
निवासी
ग्राम
आगरोद
देवास,
शक्तिसिंह
पिता
दिग्विजय
सिंह
चावड़ा
उम्र
19
वर्ष
निवासी
ग्राम
आगरोद
देवास
को
गिरफ्तार
कर
लिया
है।
पुलिस
अधीक्षक
ने
बताया
कि
आरोपी
सुनी
पाटील
के
विरुद्ध
खंडवा,
इंदौर,
बड़ौदा
(गुजरात)
भोपाल,
उज्जैन
के
थानों
में
पूर्व
से
8
अपराध
पंजीबद्ध
है।