Sagar News: झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से व्यक्ति की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, क्लीनिक सील

सागर
जिले
के
मालथौन
तहसील
क्षेत्र
के
बमनोरा
गांव
में
मंगलवार
को
एक
झोलाछाप
डॉक्टर
के
कथित
गलत
इलाज
से
आदिवासी
व्यक्ति
की
मौत
हो
गई।
मृतक
पेट
दर्द
की
शिकायत
को
लेकर
डॉक्टर
के
पास
इलाज
कराने
गया
था,
लेकिन
इलाज
के
दौरान
उसकी
हालत
बिगड़
गई।
परिजन
उसे
तत्काल
सरकारी
अस्पताल
लेकर
पहुंचे,
जहां
डॉक्टरों
ने
उसे
मृत
घोषित
कर
दिया।
घटना
की
जानकारी
मिलते
ही
अस्पताल
प्रबंधन
ने
पुलिस
को
सूचना
दी।
पुलिस
ने
मर्ग
कायम
कर
जांच
शुरू
कर
दी
है।


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मृतक
के
बेटे
हरिराम
आदिवासी
ने
बताया
कि
उनके
पिता
हल्काई
आदिवासी
को
पेट
दर्द
की
शिकायत
थी।
इलाज
के
लिए
वे
उन्हें
बमनोरा
गांव
में
स्थित
बंगाली
झोलाछाप
डॉक्टर
चांदसी
के
पास
ले
गए।
वहां
डॉक्टर
ने
एक
बॉटल
चढ़ाई,
जिससे
उनकी
तबीयत
और
बिगड़
गई।
इसके
बाद
डॉक्टर
ने
उन्हें
सरकारी
अस्पताल
ले
जाने
के
लिए
कहा।
अस्पताल
पहुंचने
पर
चिकित्सकों
ने
उन्हें
मृत
घोषित
कर
दिया।


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दर्दनाक
तस्वीरें


20
वर्षों
से
चला
रहा
था
क्लीनिक

स्थानीय
लोगों
ने
बताया
कि
चांदसी
नामक
यह
झोलाछाप
डॉक्टर
पिछले
20
वर्षों
से
बमनोरा
गांव
में
अवैध
रूप
से
क्लीनिक
चला
रहा
था।
उसके
यहां
रोज
मरीजों
की
लंबी
कतार
लगती
थी।
मालथौन
क्षेत्र
में
ऐसे
कई
फर्जी
डॉक्टर
सक्रिय
हैं,
जो
बिना
किसी
मेडिकल
डिग्री
के
लोगों
की
जान
के
साथ
खिलवाड़
कर
रहे
हैं।
हैरानी
की
बात
यह
है
कि
स्वास्थ्य
विभाग
पूरी
तरह
से
मौन
बना
हुआ
है
और
इन
झोलाछाप
डॉक्टरों
के
खिलाफ
कोई
ठोस
कार्रवाई
नहीं
की
जाती।
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तोड़ा,
क्या
है
कहानी


क्लीनिक
किया
गया
सील

मामले
पर
ब्लॉक
मेडिकल
ऑफिसर
डॉ.
विक्रांत
गुप्ता
ने
बताया
कि
मरीज
की
मौत
की
सूचना
मिलते
ही
स्वास्थ्य
विभाग
की
टीम
ने
मौके
पर
पहुंचकर
बमनोरा
स्थित
क्लीनिक
को
सील
कर
दिया
है।
आरोपी
डॉक्टर
फरार
है।
उसके
खिलाफ
पुलिस
कार्रवाई
की
जा
रही
है।
मृतक
का
पोस्टमार्टम
कराया
गया
है।
मौत
के
सही
कारणों
की
जानकारी
रिपोर्ट
आने
के
बाद
ही
स्पष्ट
होगी।