नरसिंहपुर में किसानों का अनोखा प्रदर्शन: घुटनों के बल चलकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन


नरसिंहपुर
जिले
के
गाडरवारा
में
मंगलवार
को
किसानों
ने
अपनी
मांगों
को
लेकर
अनोखा
प्रदर्शन
किया।
राष्ट्रीय
किसान
मजदूर
संघ
के
नेतृत्व
में
सैकड़ों
किसान
अर्धनग्न
होकर
और
घुटनों
के
बल
चलते
हुए
एसडीएम
कार्यालय
पहुंचे।
इस
दौरान
उन्होंने
मुख्यमंत्री
के
नाम
ज्ञापन
सौंपा
और
चेतावनी
दी
कि
यदि
मांगे
नहीं
मानी
गईं
तो
आंदोलन
और
उग्र
रूप
लेगा।


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मूंग
की
खरीदी
को
लेकर
है
सबसे
बड़ा
मुद्दा

किसानों
ने
बताया
कि
ग्रीष्मकालीन
मूंग
की
फसल
तैयार
हो
चुकी
है,
लेकिन
सरकार
द्वारा
समर्थन
मूल्य
पर
खरीदी
की
प्रक्रिया
शुरू
नहीं
की
गई
है।
किसानों
का
कहना
है
कि
अगर
जल्द
खरीदी
शुरू
नहीं
हुई,
तो
वे
व्यापक
आंदोलन
करेंगे।


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किसानों
ने
कही
अपनी
पीड़ा

किसान
आनंद
कौरव
ने
कहा,
“हमने
मूंग
की
फसल
तैयार
की
है,
लेकिन
सरकार
अब
तक
खरीदी
नहीं
कर
रही
है।
अगर
जल्द
खरीदी
शुरू
नहीं
हुई
तो
हमें
बड़ा
आंदोलन
करना
पड़ेगा।”
किसान
छोटे
राजा
कौरव
ने
कहा,
“हमने
एसडीएम
को
ज्ञापन
दिया
है।
अगर
हमारी
मांगें
पूरी
नहीं
हुईं,
तो
आने
वाले
समय
में
आंदोलन
और
उग्र
होगा।”


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में
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दर्दनाक
तस्वीरें


7
सूत्रीय
मांगों
का
ज्ञापन
सौंपा

किसानों
ने
अपने
ज्ञापन
में
7
प्रमुख
मांगें
रखीं:

  • ग्रीष्मकालीन
    मूंग
    की
    समर्थन
    मूल्य
    पर
    तत्काल
    खरीदी
    शुरू
    हो।
  • कौडिया
    की
    शक्ति
    शुगर
    मिल
    द्वारा
    किसानों
    के
    ₹20/क्विंटल
    बकाया
    का
    तुरंत
    भुगतान
    किया
    जाए।
  • राजस्व
    विभाग
    की
    अनियमितताओं
    को
    सुधारा
    जाए।
  • बिजली
    के
    बिलों
    में
    की
    गई
    मनमानी
    बढ़ोतरी
    वापस
    ली
    जाए।
  • जंगली
    जानवरों
    से
    फसलों
    को
    हो
    रहे
    नुकसान
    का
    उचित
    मुआवजा
    दिया
    जाए।
  • मंडियों
    में
    हो
    रही
    700
    ग्राम/क्विंटल
    तुलाई
    गड़बड़ी
    पर
    रोक
    लगाई
    जाए।
  • एनटीपीसी
    डंपरों
    की
    वजह
    से
    ग्रामीणों
    को
    हो
    रही
    परेशानी
    का
    समाधान
    निकाला
    जाए।


प्रशासन
के
रवैये
से
किसान
नाराज

किसानों
ने
आरोप
लगाया
कि
प्रशासन
की
ओर
से
उनकी
समस्याओं
को
गंभीरता
से
नहीं
लिया
जा
रहा।
प्रदर्शन
के
माध्यम
से
उन्होंने
सरकार
और
प्रशासन
को
चेताया
कि
अगर
उनकी
मांगों
पर
जल्द
कार्यवाही
नहीं
हुई,
तो
आंदोलन
और
तेज
किया
जाएगा।