
मध्यप्रदेश
के
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
आज
गंगा
दशमी
के
पर्व
पर
वाल्मिकी
धाम
से
क्षिप्रा
तीर्थ
परिक्रमा
यात्रा
में
शामिल
हुए।
इसके
साथ
ही
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
वाल्मिकी
धाम
में
अनंत
श्री
विभूषित
1008
स्वामी
सोहन
दास
महाराज
की
समाधि
पर
पुष्प
अर्पित
किये
और
मंदिर
मे
दर्शन
किये
तथा
संत
जनों
से
सौजन्य
भेंट
की
और
यात्रा
मे
शामिल
श्रद्धालुओं
से
भी
मिले।
मुख्यमंत्री
ने
इस
दौरान
कहा
कि
आज
का
दिन
अत्यंत
शुभ
दिन
है।
मां
शिप्रा
से
प्रार्थना
है
कि
वे
हमारे
द्वारा
किए
गए
पूजन
अर्चन
और
परिक्रमा
यात्रा
को
सफल
बनाए
और
सबका
कल्याण
करें।
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मुख्यमंत्री
के
द्वारा
वाल्मिकी
धाम
से
शिप्रा
तीर्थ
परिक्रमा
का
ध्वज
लेकर
पैदल
यात्रा
की
गई
जोकि
सोमवारिया,
ढाबा
रोड,
छत्रीचौक,
गोपाल
मंदिर,
पटनी
बाजार,
गुदरी,
महाकाल,
बड़े
गणेश,
हरसिद्धि,
होते
हुए
रामघाट
पहुंची।
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
और
अन्य
सभी
श्रद्धालुओं
का
यात्रा
मार्ग
के
दौरान
विभिन्न
स्थानों
पर
बनाए
गए
मंचों
से
पुष्प
वर्षा
कर
स्वागत
किया
गया।
यात्रा
के
दौरान
श्रद्धालुओं
की
सुविधा
के
लिए
विभिन्न
स्थानों
पर
पेयजल
और
शीतल
पेयपदार्थ
तथा
फलों
का
नि:शुल्क
वितरण
किया
गया।
इस
दौरान
सांसद
बालयोगी
उमेश
नाथ
महाराज,
प्रभारी
मंत्री
गौतम
टेटवाल,
विधायक
अनिल
जैन
कालूहेड़ा,
नगर
निगम
सभापति
कलावती
यादव,
क्षिप्रा
तीर्थ
परिक्रमा
के
कार्यकारिणी
अध्यक्ष
महंत
रामेश्वर
दास,
महामंडलेश्वर
भगवत
शरण,
भगवान
बापु,
महंत
भगवान
दास,
महंत
श्याम
गिरी
महाराज,
महंत
कृष्ण
गिरी
महाराज,
महंत
प्रणवानंद
महाराज,
महंत
एकनाथ,
महंत
महावीर
नाथ,
संजय
अग्रवाल,
नारायण
यादव,
वैभव
यादव
एवं
अन्य
गणमान्य
नागरिक
मौजूद
रहे।

पौधरोपण
किया
मुख्यमंत्री
ने
यात्रा
के
पूर्व
वाल्मिकी
धाम
परिसर
में
विश्व
पर्यावरण
दिवस
के
अवसर
पर
सिंदूर
और
वृक्ष
त्रिवेणी-नीम,
पीपल
और
बरगद
के
पौधों
का
रोपण
किया।
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
इस
अवसर
पर
पर्यावरण
संरक्षण
का
संदेश
देते
हुए
सभी
से
अपील
की
कि
अधिक
से
अधिक
पौधरोपण
कर
पर्यावरण
को
स्वच्छ
बनाने
में
अपना
सहयोग
प्रदान
करें।
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
अपनी
और
से
सभी
को
गंगा
दशमी
और
विश्व
पर्यावरण
दिवस
की
शुभकामनाएं
दीं।
ये
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पढ़ें- पैनल
डिस्कशन
में विशेषज्ञों
ने
की
चर्चा,
बोले- उज्जैन
बना
स्पिरिचुअल
और
वेलनेस
निवेश
का
केंद्र
18
वर्ष
पूर्व
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
की
थी
यात्रा
की
शुरुआत
यह
यात्रा
कोई
सामान्य
धार्मिक
आयोजन
नहीं,
बल्कि
एक
जीवंत
परंपरा
है,
जिसकी
शुरुआत
करीब
18
वर्ष
पूर्व
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
की
थी
और
आज
यह
हजारों
श्रद्धालुओं
की
आस्था
का
केंद्र
बन
चुकी
है।
परिक्रमा
यात्रा
का
समापन
गंगा
दशहरा
के
पावन
अवसर
पर
रामघाट
पर
किया
गया।
जिसमें
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
शिप्रा
तीर्थ
परिक्रमा
यात्रा
के
समापन
समारोह
में
शामिल
हुए।
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
वाल्मिकी
धाम
से
यात्रा
में
शामिल
होकर
पैदल
भ्रमण
किया।
इस
दौरान
साधु,
संत,
महंत
और
महामंडलेश्वर
भी
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
के
साथ
यात्रा
में
सहभागिता
की।
जहां
पुण्य
सलिला
मां
शिप्रा
का
पंचामृत
से
अभिषेक
किया
गया
व
उन्हें
सोलह
श्रृंगार
भेंट
कर
351
फीट
लंबी
चुनरी
अर्पित
की
गई।
रामघाट
पर
इस
अवसर
पर
भव्य
लेजर
शो
का
आयोजन
भी
हुआ।
साथ
ही
रामघाट
पर
सांस्कृतिक
आयोजनों
की
श्रृंखला
भी
श्रद्धालुओं
के
अनुभव
को
आध्यात्मिक
और
मनोरंजक
बनाया।
रामघाट
पर
सेना
के
लगभग
100
कलाकारों
द्वारा
भव्य
मिलिट्री
बैंड
की
प्रस्तुति
दी
गई।
इसके
बाद
मुंबई
की
प्रसिद्ध
कलाकार
स्वस्ति
मेहुल
और
उनके
दल
के
द्वारा
भक्ति
संगीत
की
प्रस्तुति
दी
गई।