
महाकाल
की
नगरी
में
गुरुवार
को
आयोजित
‘स्पिरिचुअल
एंड
वेलनेस
समिट’
में
300
से
अधिक
प्रतिनिधि
शामिल
हुए।
समिट
में
आध्यात्मिक
योग
गुरु,
हेल्थ,
वेलनेस
टूरिज्म
प्रोवाइडर्स,
निवेशक,
हॉस्पिटैलिटी,
आयुष
मंत्रालय
एवं
राज्य
सरकार
के
वरिष्ठ
अधिकारी,
समूहों
एवं
नीति-निर्माताओं
की
सक्रिय
सहभागिता
रही।
इसमें
उज्जैन
में
1950
करोड़
रुपये
के
निवेश
प्रस्ताव
प्राप्त
हुए।
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एमपी
को
वेलनेस
नवाचार
का
केंद्र
बनाएंगे
:
सीएम
समिट
को
संबोधित
करते
हुए
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
कहा
कि
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
भारत
को
योग,
आयुर्वेद
और
आध्यात्मिकता
के
माध्यम
से
वैश्विक
वेलनेस
हब
के
रूप
में
प्रस्तुत
करने
की
जो
पहल
की
है।
विचार
आज
वैश्विक
स्तर
पर
भारत
की
सॉफ्ट
पावर
को
स्थापित
कर
रहे
हैं।
प्रधानमंत्री
के
मार्गदर्शन
में
हम
‘विकसित
भारत’
की
परिकल्पना
को
साकार
करने
हेतु
मध्य
प्रदेश
को
समग्र
जीवनशैली
और
वेलनेस
नवाचार
का
केंद्र
बनाने
का
प्रयास
कर
रहे
हैं।
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दो
सत्रों
में
हुई
चर्चा
आज
के
कार्यक्रम
में
दो
सत्रों
में
समूह
चर्चा
हुई।
किए
गए,
जिसमें
वेलनेस
इन्फ्रास्ट्रक्चर,
सिंहस्थ
एवं
मेडिकल
टूरिज्म
आधारित
वेलनेस
सेंटर्स
पर
परिचर्चा
की
गई।
साथ
ही
वेलनेस
सेक्टर
में
रोजगार
और
क्षमता
निर्माण
को
बल
देने
पर
विचार
विमर्श
किया
गया।
मुख्य
सत्र
में
वेलनेस
सेक्टर
का
रोडमैप
प्रस्तुत
किया
गया।
इसमें
आध्यात्म,
वेलनेस
जोन
डिवेलपमेंट,
स्किलिंग,
साझा
की
गई।
लीज़र
होटल्स
के
मुकुंद
प्रसाद,
शतायु
आयुर्वेद
योग
रिट्रीट
के
मृत्युंजय
स्वामी
और
भंडारी
ग्रुप
के
विनोद
भंडारी
ने
मध्य
प्रदेश
में
निवेश
हेतु
दृष्टिकोण
प्रस्तुत
किए
और
मध्यप्रदेश
को
वेलनेस
निवेश
का
उपयुक्त
गंतव्य
बताया।
ये
भी
पढ़ें- पैनल
डिस्कशन
में विशेषज्ञों
ने
की
चर्चा,
बोले- उज्जैन
बना
स्पिरिचुअल
और
वेलनेस
निवेश
का
केंद्र
परमार्थ
निकेतन
का
केंद्र
खुलेगा
परमार्थ
निकेतन,
ऋषिकेश
के
स्वामी
चिदानंद
सरस्वती
ने
आध्यात्मिक
संबोधन
दिया
और
प्रदेश
मे
अपना
केंद्र
स्थापित
करने
हेतु
राज्य
सरकार
को
आशय
पत्र
प्रदान
किया।
नेशनल
इंस्टीट्यूट
ऑफ
फार्मास्युटिकल
एजुकेशन
एंड
रिसर्च
अहमदाबाद
एवं
मध्यप्रदेश
इंडस्ट्रियल
डेवलपमेंट
कॉर्पोरेशन
के
मध्य
एमओयू
पर
हस्ताक्षर
किए
गए।
इस
समझौते
के
तहत
नाइपर
नॉलेज
पार्टनर
के
रूप
में
उज्जैन
मेडिकल
डिवाइस
पार्क
को
तकनीकी
और
शैक्षणिक
रूप
से
सशक्त
बनाएगा
एवं
मेडिकल
डिवाइस
पार्क
टेस्टिंग
इंफ्रास्ट्रक्चर
एवं
प्रमाणीकरण
हब
के
रूप
में
विकसित
हो
सकेगा।
वन-टू-वन
बैठकें
इस
समिट
के
माध्यम
से
13
प्रमुख
वन-टू-वन
बैठकें
आयोजित
हुईं,
जिनमें
लीज़र
होटल्स,
शतायु
आयुर्वेद
योग
रिट्रीट,
संथिगिरी
आश्रम,
ईरा
कैंप्स,
सीएचएल
हॉस्पिटल,
रॉयल
ऑर्चिड,
संथिगिरी
आश्रम,
मेफेयर
ट्रैवल्स/
कांसुलेट
–
नीदरलैंड्स,
भंडारी
ग्रुप,
जिंदल
ग्रुप
आदि
शामिल
हुए।
इसमें
लगभग
1950
करोड़
रुपये
के
निवेश
प्रस्ताव
प्राप्त
हुए।
ये
भी
पढ़ें- शिप्रा
तीर्थ
परिक्रमा,
वाल्मिकी
धाम
से
पैदल
चले
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव,
सबके
कल्याण
की
प्रार्थना
की
ये
समूह
करेंगे
निवेश
भंडारी
ग्रुप
984
करोड़,
अमलतास
गुप
400
करोड़,
सीएचएल
हॉस्पीटल
ग्रुप
200
करोड़,
लेटेंट
डेवकॉन
और
लाभम
ग्रुप
100-100
करोड़,
शतायु
आयुर्वेद
75
करोड़,
रॉयल
ऑर्किड
होटल
50
करोड़,
शांतिगिरि
आश्रम
और
सनसेट
डेजर्ट
कैंप
के
10-10
करोड़
रुपये
के
निवेश
प्रस्ताव
प्राप्त
हुए।
इसके
अलावा
एरा
हॉस्पीटेलिटी,
लीजर
होटल्स
ग्रुप,
ट्रेवलपैक,
मेफेयर
ट्रेवल्स,
जिंदल
नेचुरोकेयर
इंस्टिट्यूट
आदि
ने
भी
निवेश
हेतु
रुचि
दिखाई।
परिवर्तनकारी
पहल
:
मोहन
यादव
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
कहा
कि
यह
समिट
केवल
संवाद
नहीं,
बल्कि
एक
परिवर्तनकारी
पहल
रही,
जहां
नीति,
निवेश,
आध्यात्मिकता
और
समाज
कल्याण
का
संगम
हुआ।
मध्य
प्रदेश
ने
आज
यह
स्पष्ट
किया
कि
वह
भारत
के
वेलनेस
मिशन
का
नेतृत्व
करने
को
तत्पर
है।
एक
ऐसा
राज्य
जो
आध्यात्मिक
शक्ति
के
साथ
आर्थिक
दृष्टि
से
भी
वेलनेस
सेक्टर
का
ग्लोबल
इंजन
बन
सकता
है।