
टीकमगढ़
जिले
में
एक
बहन
अपने
मृत
भाई
को
न्याय
दिलाने
के
लिए
पिछले
3
साल
8
महीने
से
संघर्ष
कर
रही
है।
भाई
की
हत्या
के
बाद
भी
अब
तक
आरोपियों
की
गिरफ्तारी
न
होने
से
नाराज
शिवानी
रावत
ने
अब
आर-पार
की
लड़ाई
का
ऐलान
कर
दिया
है।
शिवानी
पलेरा
से
75
किलोमीटर
दूर
पैदल
चलकर
टीकमगढ़
आई
हैं
और
पुलिस
अधीक्षक
कार्यालय
के
बाहर
धरने
पर
बैठ
गई
हैं।
गले
में
भाई
की
तस्वीर,
हाथ
में
तिरंगा
और
तख्ती
पर
‘इंसाफ
दो’
की
मांग
गर्मी
का
कहर
और
42
डिग्री
तापमान
भी
इस
बहन
के
हौसले
को
नहीं
तोड़
पाया।
शिवानी
रावत
गले
में
भाई
सुरेंद्र
रावत
की
तस्वीर,
हाथ
में
तिरंगा
झंडा
और
तख्ती
पर
पुलिस
की
कार्यप्रणाली
के
खिलाफ
नारे
और
अखबारों
की
कतरनें
लेकर
धरने
पर
बैठी
हैं।
उनकी
तख्ती
पर
लिखा
है
,
“भाई
सुरेंद्र
रावत
को
न्याय
दो”।
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अलर्ट
पुलिस
पर
लगाया
राजनीतिक
दबाव
में
काम
करने
का
आरोप
शिवानी
रावत
ने
आरोप
लगाया
है
कि
पलेरा
पुलिस
राजनीतिक
दबाव
में
काम
कर
रही
है
और
इसी
कारण
तीन
साल
से
ज्यादा
समय
बीत
जाने
के
बाद
भी
आरोपियों
की
गिरफ्तारी
नहीं
की
गई।
उन्होंने
बताया
कि
पुलिस
थाना,
एसपी
कार्यालय
से
लेकर
डीजीपी
तक
कई
बार
आवेदन
दिए,
लेकिन
कोई
सुनवाई
नहीं
हुई।
केंद्रीय
मंत्री
ने
भी
उठाए
थे
सवाल
इस
पूरे
मामले
पर
टीकमगढ़
के
सांसद
और
केंद्रीय
मंत्री
डॉ.
वीरेंद्र
खटीक
भी
सवाल
उठा
चुके
हैं।
उन्होंने
अपनी
चौपाल
में
कहा
था
कि
दो
बार
एसआईटी
का
गठन
हुआ,
फिर
भी
आरोपियों
को
गिरफ्तार
नहीं
किया
गया।
उन्होंने
खुद
पुलिस
अधीक्षक
को
फोन
पर
फटकार
भी
लगाई,
लेकिन
कोई
ठोस
कदम
नहीं
उठाया
गया।
शिवानी
रावत
ने
साफ
कहा
है
कि
जब
तक
उनके
भाई
सुरेंद्र
रावत
के
हत्यारों
को
गिरफ्तार
नहीं
किया
जाता,
वह
धरना
स्थल
से
नहीं
उठेंगी।
उन्होंने
कहा
कि
अब
वे
किसी
आश्वासन
पर
नहीं,
सिर्फ
कार्रवाई
पर
विश्वास
करेंगी।