
नीमच
जिले
के
जावद
जनपद
पंचायत
के
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
(सीईओ)
आकाश
धार्वे
पर
धार
जिले
के
गंधवानी
थाने
में
दुष्कर्म
का
मामला
दर्ज
किया
गया
है।
पीड़िता
ने
आरोप
लगाया
है
कि
आकाश
ने
साल
2012
से
2023
तक
उसे
शादी
का
झांसा
देकर
लिव-इन
में
रखा
और
जब
उसने
दिसंबर
2024
में
विवाह
की
मांग
की
तो
उसने
शादी
से
इनकार
कर
दिया।
धार
पुलिस
अधीक्षक
मनोज
कुमार
सिंह
ने
मामले
को
गंभीरता
से
लेते
हुए
त्वरित
कार्रवाई
के
निर्देश
दिए
हैं।
उन्होंने
स्पष्ट
किया
कि
महिला
अपराधों
में
कोई
लापरवाही
नहीं
बरती
जाएगी,
भले
ही
आरोपी
किसी
पद
पर
क्यों
न
हो।
जानें
पूरा
मामला
महिला
का
कहना
है
कि
उसकी
मुलाकात
2012-13
में
आकाश
धार्वे
से
हुई
थी,
जिसके
बाद
दोनों
ने
लिव-इन
संबंध
शुरू
किया।
आकाश
के
जनपद
सीईओ
बनने
और
नीमच
ट्रांसफर
के
बाद
भी
रिश्ता
जारी
रहा।
पर
जब
विवाह
की
बात
आई,
तो
उसने
मना
कर
दिया।
महिला
के
अनुसार,
गांव
में
पंचायत
भी
बुलाई
गई,
जिसने
उसके
पक्ष
में
फैसला
दिया।
कुछ
समय
के
लिए
आकाश
ने
महिला
को
अपने
गांव
भी
रखा,
लेकिन
बाद
में
परिजनों
ने
उसे
घर
से
निकाल
दिया।
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को
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के
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पर
सड़कों
के
दोनों
तरफ
झाडि़यां
काटती
रही
पुलिस
महिला
ने
6
फरवरी
2025
को
उज्जैन-नागदा
रोड
पर
हुए
अपने
कथित
अपहरण
को
झूठा
बताया
है।
उसने
दावा
किया
कि
आकाश
धार्वे
ने
स्वयं
पर
लगे
आरोपों
से
बचने
के
लिए
अपहरण
की
साजिश
रची
ताकि
वह
खुद
को
निर्दोष
साबित
कर
सके।
धार
पुलिस
और
महिला
थाने
की
टीम
ने
तत्परता
दिखाते
हुए
FIR
दर्ज
की
और
पीड़िता
का
मेडिकल
परीक्षण
करवाया।
धार
ASP
गीतेश
कुमार
गर्ग
के
अनुसार,
5
जून
को
महिला
ने
गंधवानी
थाने
में
लिखित
आवेदन
दिया
था।
उसी
आधार
पर
आकाश
धार्वे
के
खिलाफ
दुष्कर्म
और
शादी
का
झांसा
देने
के
आरोप
में
BNS
की
सुसंगत
धाराओं
में
मामला
दर्ज
किया
गया
है।