
शिलांग
में
हनीमून
मनाने
गए
राजा
रघुवंशी
की
हत्या
किसी
और ने
नहीं
बल्कि
उसकी
पत्नी
सोनम
रघुवंशी
ने
ही
की।
खुद
को
मृत
बताने
के
लिए
उसने
अपनी
जैकेट
खाई
में
फेंक
दी,
लेकिन
फिर
शिलांग
पुलिस
ने
इस
अंधे
कत्ल
की
गुत्थी
सुलझा
ली।
सोलह
दिन
तक
सोनम
पुलिस
से
छिपती
रही,
लेकिन
बीते
24
घंटे
में
ऐसा
क्या
हुआ,
जो
सोनम
को
करना
पड़ा
सरेंडर?
आईए
जानते
है।
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शिलांग
पुलिस
को
काॅल
डिटेल
और
शिलांग
में सोनम
और राजा
के
साथ
नजर
आने
वाले
तीन
पर्यटकों
का
पता
चला।
हत्यारें
जहां
रुके
थे,
वहां
से
उनकी
जानकारी
एकत्र
की
और
रविवार
के
साथ
सारी
जानकारी
इंदौर
पुलिस
से
साझा
की।
क्राइम
ब्रांच
ने
शाम
तक
पूरा
जाल
बिछाया
और
रात
को
इंदौर
से
विक्की
उर्फ
विशाल
चौहान,
राज
कुशवाह
और आकाश
राजपूत
को
गिरफ्तार
कर
लिया।
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सोनम
रघुवंशी
हत्यारों
के
संपर्क
में
थी,
जैसे
ही
उसे
पता
चला
कि
हत्या
में
शामिल
तीनों
साथी
गिरफ्तार
हो
चुके
है
तो
फिर
उसके
पास
भी
सरेंडर
होने
के
सिवा
कोई
चार
नहीं
बचा।
सोलह
दिन
तक
लापता
रहने
वाली
सोनम
अचानक
रात
को
गाजीपुर
पहुंची
और रात
एक
बजे
अपने
भाई
गोविंद
को
काॅल
कर
गाजीपुर
में
होने
की
जानकारी
दी।
इसके
बाद
भाई
ने
यूपी
पुलिस
से
संपर्क
किया
और
सोनम
को
ढाबे
से
पुलिस
ने
अपनी
गिरफ्त
में
ले
लिया।
दो
दिन
पहले
अचानक
गायब
हुआ राज
कुशवाह
इस
हत्या
के
पीछे
सोनम
और
राज
कुशवाह
का
अफेयर
सामने
आ रहा
है।
राज
सोनम
के
भाई
गोविंद
की
फर्म
में
अकाउंटेंट
है।
दो
दिन
पहले
तक
वह
नौकरी
आ रहा
था,
लेकिन
फिर
वह
नहीं
आया।
यह
बात
खुद
सोनम
के
पिता
ने
कही।
दरअसल सोनम
भी
अपने
भाई
के
कारोबार
में
मदद
करती
थी।
वहीं
उसका
मेलजोल
राज
से
बढ़ा,
जो
प्यार
में
बदल
गया।
परिवार
के
लोग
सोनम
की
शादी
समाज
में
ही
करना
चाहते
थे।
वह
अपने
परिवार
के
खिलाफ
नहीं
जाना
चाहती
थी,
लेकिन
शादी
होते
ही
उसने
राजा
को
रास्ते
से
हटाने
का
प्लान
भी
बना
लिया
था।
इस
तरह
सोनम
पर
शक
पुख्ता
हुआ
–
23
मई
को
सोनम
ने
अपनी
सास
से
चर्चा
की।
दोपहर
के
बाद
तीनों
फोन
अचानक
बंद
हो
गए।
राजा
और
सोनम
के
फोन
अचानक
बंद
होना
कई
सवाल
खड़े
कर
रहा
था।
जिसे
पुलिस
ने
जांच
में
लिया।
–
सोनम
शादी
से
पहले
और
बाद
में
घंटों
तक
राज
कुशवाह
से
बात
करती
थी।
राज
सोनम
के
भाई
की
फर्म
में
अकाउंटेंट
है।
उसकी
काॅल
डिटेल
से
पुलिस
को
शंका
हुई
और
मेघालय
पुलिस
ने
इंदौर
पुलिस
को
उनकी
जानकारी
दी।
–
हत्या
के
बाद
हथियार
भी
राजा
के
शव
के
पास
मिला।
यदि
हत्यारों
को
सोनम
को
मारना
होता
तो
उसी
हथियार
का
उपयोग
करते।
इससे
पुलिस
अफसरों
को
यह
पता
चल
गया
कि
सोनम
की
हत्या
नहीं
हुई
है।
वह
लापता
है।
उसके
दोनो
फोन
सर्विलांस
पर
थे,
लेकिन
हत्या
के
बाद
सोनम
ने
दोनो
फोन
का
इस्तेमाल
नहीं
किया।
इससे
उसकी
लोकेशन
का
पता
चल
सकता
था।
–
सोनम
ने
ही
गुवाहटी
के
लिए
प्लेन
के
टिकट
बुक
कराए
थे।
उनसे
ही
पूरी
प्लानिंग
की
थी,
लेकिन
वापसी
के
टिकट
नहीं
बुक
कराए
थे।
यह
तथ्य
भी
कई
सवाल
खड़े
कर
रहा
था।