
आगर
मालवा
नगर
के
मोती
सागर
तालाब
पर
नहाने
गए
दो
नाबालिग बालकों
की
पानी
में
डूबने
से
हुई
दर्दनाक
मौत
हो
गई।
इससे
नगर
में
शोक
की
लहर
छा
गई।
जब
इस
घटना
की
जानकारी
धीरे-धीरे
नगर
वासियों
को
लगी
तो
तालाब
पर
बड़ी
संख्या
में
आम
जन
का
हुजूम
उमड़
पड़ा
और
एक
के
बाद
एक
कई
युवा
तालाब
में
बालकों
को
तलाशने
कूद
पड़े।
युवकों
ने
तालाब
में
गोते
लगाकर
दोनों
बालकों
को
तलाशा।
करीब
30
मिनट
के
अथक
प्रयास
के
बाद
आमजन
ने
ही
बालकों
को
पानी
से
बाहर
निकाला
और
आनन
फानन
में
बालकों
को
लेकर
जिला
अस्पताल
पहुंचे।
जहां
पर
डॉक्टर
ने
उन्हें
मृत
घोषित
कर
दिया।
वहीं
आमजन
का
कहना
है
की
सूचना
मिलने
के
बाद
भी
बचाव
दल
घटना
स्थल
पर
नहीं
पहुंचा,
जिससे
बालकों
को
निकालने
में
देरी
हो
गई।
पढ़ें: भाई
की
आंखों
के
सामने
डूब
गए
दो
भाई,
कहा-
‘मैं
बस
देखता
रहा…
मुझे
तैरना
नहीं
आता
था’
प्राप्त
जानकारी
के
अनुसार
विनय
पिता
शैलेंद्र
राठौड़
उम्र
13
वर्ष
और
कृष्णा
पिता
कमल
बैरागी
उम्र
15
वर्ष
दोनों
निवासी
यादव
मोहल्ला
आगर
नहाने
के
लिए
दिन
में
करीब
02
बजे
आगर
के
मोती
सागर
तालाब
पर
पहुंचे
थे।
नहाने
के
दौरान
छोटे
लड़के
विनय
का
अचानक
पांव
फिसल
गया।
जिससे
वह
गहरे
पानी
में
चला
गया
और
डूबने
लगा।
इस
दौरान
वहीं
पर
नहा
रहा
कृष्णा
उसे
बचाने
के
लिए
पानी
में
गया।
लेकिन
पानी
अधिक
गहरा
होने
के
कारण
दोनों
ही
तालाब
की
गहराई
में
समा
गए।
फिलहाल
प्रशासन
ने
दोनों
शवों
को
पोस्टमार्टम
के
लिए
पीएम
रूम
में
रखवा
दिया
है।
सुबह
पीएम
उपरांत
शव
परिजनों
के
सुपुर्द
किया
जाएगा।
नाबालिग
बालकों
के
परिवार
में
छाया
मातम
तालाब
में
नहाने
गए
दो
नाबालिग
की
पानी
में
डूबने
से
हुई
मौत
के
कारण
दोनों
के
परिवार
में
मातम
छा
गया।
परिजनों
का
रो-रो
कर
बुरा
हाल
है।
खास
बात
यह
है
कि
जिले
में
कई
जल
स्रोत
ऐसे
हैं,
जहां
लोग
नहाने
जाते
हैं
किंतु
यहां
सुरक्षा
के
कोई
इंतजाम
नहीं
है
ना
ही
लोगों
को
जल
स्रोतों
में
जाने
से
रोकने
के
लिए
कोई
व्यवस्था
है।
ऐसे
में
इस
तरह
के
हाथ
से
सामने
आ
रहे
हैं
जिले
में
सार्वजनिक
जल
स्रोत
में
डूबने
से
मौत
के
मामले
पूर्व
में
भी
सामने
आ
चुके
हैं।