
इंदौर
के
लोग
शिलांग
जाकर
मेघालय
की
जनता
से
माफी
मांगेंगे।
इंदौर
के
लोगों
ने
कहा
है
कि
इंदौरियों
को
पूरी
दुनिया
में
पहचाना
जाता
है।
इंदौर
के
लोग
दिल
के
साफ
और
हर
किसी
की
मदद
करने
के
लिए
आगे
रहने
वाले
होते
हैं।
राजा
रघुवंशी
की
हत्या
के
बाद
मेघालय
के
विषय
में
कई
तरह
की
बातों
को
प्रचारित
किया
गया
जिससे
वे
खुद
भी
आहत
हैं।
अब
इंदौर
के
लोग
शिलांग
जाकर
मेघालय
की
जनता
से
मांफी
मांगेंगे।
विज्ञापन
Trending
Videos
विज्ञापन
इंदौर
में
ग्रुप
बन
रहा,
ले
रहे
सहमति
इंदौर
के
शिवाकांत
वाजपेई
ने
बताया
कि
हम
मेघालय
जाने
के
लिए
इंदौर
का
एक
ग्रुप
बना
रहे
हैं।
पिछले
दिनों
हुई
राजा
रघुवंशी
की
हत्या
में
पकड़े
गए
आरोपी
इंदौर
के
हैं।
सोनम
रघुवंशी
समेत
कई
आरोपियों
का
नाम
सामने
आया
है
जो
इंदौर
के
रहने
वाले
हैं।
जब
यह
केस
हुआ
तो
मेघालय
के
विषय
में
कई
तरह
की
बातों
को
प्रचारित
किया
गया।
मेघालय
बहुत
ही
सुंदर
राज्य
है
और
हर
जगह
अच्छे
बुरे
सभी
तरह
के
लोग
रहते
हैं।
शिवाकांत
ने
कहा
कि
घटनाएं
कहीं
भी
हो
सकती
हैं
लेकिन
किसी
एक
घटना
के
कारण
पूरे
राज्य
पर
आरोप
लगाना
बिल्कुल
भी
उचित
नहीं
है।
हमने
देखा
है
कि
मेघालय
की
बहुत
अधिक
बदनामी
हुई
है
और
इससे
उसके
पर्यटन
पर
बहुत
बुरा
प्रभाव
पड़ा
है।
हम
लोगों
ने
तय
किया
है
कि
हम
मेघालय
के
शिलांग
जाकर
वहां
की
जनता
से
माफी
मांगेंगे
और
वहां
के
पर्यटन
को
आगे
बढ़ाने
के
लिए
प्रयास
करेंगे।
सोशल
मीडिया
पर
शुरू
किया
कैंपेन
शिवाकांत
वाजपेई
ने
कहा
कि
अभी
हमने
सोशल
मीडिया
पर
यह
बात
रखी
है।
कुछ
लोगों
ने
रुचि
दिखाई
है।
जब
एक
पूरा
ग्रुप
बन
जाएगा
तो
हम
जाने
का
दिन
भी
तय
कर
लेंगे।
इससे
पहले
हम
सभी
लोगों
से
बातचीत
करेंगे
और
इस
विषय
में
और
भी
क्या
क्या
कर
सकते
हैं
यह
भी
योजना
बनाएंगे।
हम
कई
बार
वहां
गए,
बहुत
खूबसूरत
जगह
है
मप्र
के
पर्यटकों
को
कई
बार
मेघालय
ले
जा
चुके
यूथ
होस्टल
यूथ
होस्टल
के
प्रदेश
अध्यक्ष
अशोक
गोलाने
ने
कहा
कि
हम
ट्रैकिंग
के
लिए
कई
बार
उसी
जगह
पर
जा
चुके
हैं
जहां
पर
यह
घटना
हुई
है।
मेघालय
बहुत
ही
खूबसूरत
राज्य
है
और
हम
सभी
को
वहां
पर
कभी
न
कभी
जरूर
जाना
चाहिए।
हम
बस
यही
कहते
हैं
कि
आप
कहीं
पर
भी
टूर
करें
या
ट्रैकिंग
करें
सुरक्षा
का
पूरा
ध्यान
रखें।
घटना
तो
कभी
भी
कहीं
भी
हो
सकती
है
लेकिन
सुरक्षित
रहने
की
सबसे
पहली
जिम्मेदारी
हमारी
ही
है।
हम
टीम
के
रूप
में
वहां
पर
जाते
हैं
और
पूरी
सुरक्षा
के
साथ
पर्यटकों
को
ट्रैकिंग
करवाते
हैं।
गोलाने
ने
कहा
कि
अकेले
जाने
के
हिसाब
से
यह
जगह
सुरक्षित
नहीं
हैं।
बारिश,
गीली
मिट्टी
और
पहाड़ों
की
वजह
से
वहां
पर
ट्रैकिंग
का
बहुत
आनंद
है
लेकिन
उसके
लिए
पूरी
तैयारी
के
साथ
जाना
पड़ता
है।
हम
बच्चों,
महिलाओं
और
हर
उम्र
के
लोगों
को
वहां
पर
ले
जा
चुके
हैं।
प्रकृति
की
अद्भुत
छटा
है
वहां
पर
गोलाने
ने
बताया
कि
वहां
पर
खासी
जनजाति
के
लोग
रहते
हैं।
यह
जनजाति
जंगल,
पहाड़
और
दुर्गम
क्षेत्रों
में
ही
रहती
है।
यह
लोग
बहुत
सीधे
और
अच्छे
होते
हैं।
हम
जब
भी
वहां
पर
जाते
हैं
तो
यह
लोग
पर्यटकों
की
बहुत
आवभगत
करते
हैं।
गोलाने
ने
कहा
कि
पर्यटन
बढ़ने
से
वहां
पर
रोजगार
भी
बढ़ा
है
इसलिए
यह
सभी
जनजाति
के
लोग
पर्यटकों
के
साथ
में
बहुत
अच्छा
व्यवहार
करते
हैं।
पर्यटकों
को
इन
जगहों
पर
ले
जाने
वाले
अशोक
गोलाने
ने
बताया
कि
इन
जगहों
पर
विशेष
सावधानियां
रखना
पड़ती
हैं।
वहां
पर
सुंदर
पहाड़,
नदियां,
झीलें,
चारों
तरफ
हरियाली
है।
मेघालय
में
हर
जगह
मेघ
यानी
बादल
सड़कों,
पहाड़ों
पर
उतरते
हुए
नजर
आते
हैं।
प्रकृति
की
अद्भुत
छटा
है
वहां
पर।