Sonam Raghuvanshi: आखिर क्यों गहराता गया सोनम पर पुलिस को शक, पांच पाइंट में समझें वो बातें जिसने कसा शिकंजा

इंदौर
के
ट्रांसपोर्ट
कारोबारी
राजा
रघुवंशी
की
शिलांग
में
हत्या
के
मामले
में
पुलिस
ने
उसकी
पत्नी
सोनम
रघुवंशी
को
आरोपी
बनाया
है।
शादी
के
तुरंत
बाद
हनीमून
पर
गए
इंदौर
कपल
की
ये
गुत्थी
हर
किसी
को
चौंका
रही
है।
हम
आपको
बताते
हैं,
पांच
वो
कारण
जिससे
पुलिस
को
सोनम
पर
शक
हुआ।

राजा
और
सोनम
की
11
मई
को
शादी
हुई।
दोनों
के
परिवार
बहुत
खुश
थे।
सोनम
भी
परिवार
में
घुल
मिल
गई।
20
मई
को
राजा
और
सोनम
हनीमून
के
लिए
असम
के
गुवाहाटी
रवाना
हुए।
23
मई
को
उन्होंने
मंदिर
में
दर्शन
किए,
फिर
चेरापूंजी
के
पास
ओसारा
हिल्स
पहुंचे।
दोपहर
में
बातचीत
के
बाद
उनका
मोबाइल
बंद
हो
गया।
उसके
बाद
से
दोनों
का
कोई
पता
नहीं
चला।
पुलिस
छानबीन
के
बाद
2
जून
को
राजा
का
शव
सड़ी
हालत
में
खाई
में
मिला
था।
पत्नी
सोनम
का
कहीं
पता
नहीं
चला।
9
जून
को
चौंकाने
वाली
खबर
आई
कि
सोनम
रघुवंशी
गाजीपुर
में
मिल
गई
है।
लेकिन
पति
राजा
की
हत्या
का
आरोप
उस
पर
लग
चुका
था।
पुलिस
ने
मामले
में
पांच
आरोपियों
को
भी
गिरफ्तार
कर
लिया
था।
अब
सवाल
उठता
है
कि
सोनम
पर
पुलिस
को
किस
आधार
पर
शक
हुआ?
आइए
जानते
हैं,
वो
पांच
कारण
जिससे
पुलिस
के
शक
की
सुई
सोनम
की
तरफ
घूमी। 


1.
राजा
का
शव
मिलना
पर
सोनम
लापता

2
जून
को
जब
राजा
का
शव
खाई
में
मिला
था।
पुलिस
ने
काफी
तलाशा
पर
सोनम
का
पता
नहीं
चला।
सोनम
से
जुड़ी
कोई
चीज
भी
राजा
के
आसपास
नहीं
थी।
बात
लूटपाट
के
लिए
हत्या
की
लग
रही
थी,
पर
ऐसा
होता
तो
सोनम
का
शव
या
उससे
संघर्ष
के
दौरान
कुछ
तो
सबूत
ऐसा
इशारा
करते।
सोनम
से
जुड़ी
कोई
चीज
नहीं
मिलना
ही
सोनम
पर
शक
की
शुरुआत
थी।
पुलिस
ने
छानबीन
राजा
के
पास
ही
एक
धारदार
हथियार
भी
मिला।
तब
पुलिस
का
शक
गहराया
कि
जब
हथियार
से
पति
की
हत्या
की
गई
लेकिन
पत्नी
से
संघर्ष
का
कोई
सबूत
नहीं
मिला।
वोइसाडोंग
में
जहां
शव
मिला,
वह
जगह
राजा-सोनम
की
तरफ
से
किराए
पर
ली
गई
स्कूटी
की
लोकेशन
से
25
किलोमीटर
की
दूरी
पर
है।
यह
फासला
मामले
में
और
शक
बढ़ाने
वाला
बना।
राजा
के
शव
के
पास
से

उनका
मोबाइल
मिला,

पर्स,
और

ही
राजा
की
पहनी
सोने
की
चेन
और
अंगूठी।
सिर्फ
उसकी
स्मार्टवॉच
ही
कलाई
पर
बंधी
मिली
थी।
सोनम
के
पिता
ने
भी
आशंका
जताई
कि
हथियार
क्यों
फेंक
गए
अपराधी
और
मेरी
बेटी
क्यों
नहीं
मिली।
यदि
हत्यारों
को
सोनम
को
मारना
होता
तो
उसी
हथियार
का
उपयोग
करते।
इससे
पुलिस
अफसरों
को
यह
पता
चल
गया
कि
सोनम
की
हत्या
नहीं
हुई
है।
वह
लापता
है।
उसके
दोनों
फोन
सर्विलांस
पर
थे,
लेकिन
हत्या
के
बाद
सोनम
ने
दोनो
फोन
का
इस्तेमाल
नहीं
किया।
इससे
उसकी
लोकेशन
का
पता
चल
सकता
था।


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दिन
राजा
को
मरवाना
चाहती
थी
सोनम,
तब
रखा
था
ये
खास
व्रत;
हत्या
से
ऐन
पहले
किससे
की
बात


2.
कॉल
डिटेल
निकाली
तो
और
बढ़ा
शक

पुलिस
ने
सोनम
के
नहीं
मिलने
पर
अलग
एंगल
से
जांच
की।
सोनम
की
कॉल
डिटेल
निकाली
गई।
उससे
पता
चला
कि
सोनम
शादी
से
पहले
और
बाद
में
घंटों
तक
राज
कुशवाह
नाम
के
एक
शख्स
से
बात
करती
थी।
मेघालय
पुलिस
ने
इंदौर
पुलिस
की
मदद
ली।
पुलिस
ने
राज
के
बारे
में
पता
किया।
सोनम
के
पिता
देवी
सिंह
रघुवंशी
की
प्लाईवुड
की
फर्म
थी।
राज
यहां
अकाउंट
संभालता
था।
पुलिस
को
पता
चला
कि
दो
दिन
पहले
तक
वह
नौकरी
पर

रहा
था,
लेकिन
फिर
वह
नहीं
आया।
राज
की
कॉल
डिटेल
खंगाली
गई।
इसमें
पता
चला
कि
इंदौर
के
कुछ
लोग
सोनम
के
आसपास
हैं,
और
राज
उनके
संपर्क
में
है।
सोनम
और
राज
की
घंटों
हो
रही
बात
से
आशंका
जताई
गई
कि
दोनों
के
बीच
कुछ
चल
रहा
है
और
फिर
प्रेम
प्रसंग
वाला
एंगल
भी
पुलिस
ने
खंगाला। 


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आखिर
कौन
है
राज
कुशवाहा,
24
घंटे
में
ऐसा
क्या
हुआ,
जो
सोनम
को
करना
पड़ा
सरेंडर?


3.
जाने
के
टिकट
कराए,
आने
के
नहीं

पुलिस
ने
जब
सोनम
और
राजा
के
घरवालों
से
पूछताछ
की
तो
और
कई
बातें
ऐसी
पता
चलीं,
जो
सोनम
पर
शक
गहराती
गईं।
राजा
की
मां
ने
पुलिस
को
बताया
था
कि
राजा
और
सोनम
के
हनीमून
पर
जाने
की
बात
पता
चली
थी।
राजा
ने
इस
बारे
में
बात
की
थी।
जब
मैंने
मना
किया
तो
उसने
कहा
कि
सोनम
ने
टिकट
करवा
ली
है।
अब
पैसे
बर्बाद
हो
जाएंगे।
इससे
पता
चला
कि
सोनम
ने
प्लानिंग
के
तहत
गुवाहटी
के
लिए
प्लेन
के
टिकट
बुक
कराए
थे।
पूलिस
ने
और
पड़ताल
की
तो
पता
चला
कि
सोनम
ने
वापसी
के
कोई
टिकट
नहीं
कराए
थे।
अमूमन
जब
कोई
घूमने
जाते
हैं
तो
वापसी
की
प्लानिंग
भी
कर
ही
ली
जाती
है।
पुलिस
कड़ी
दर
कड़ी
जोड़ती
जा
रही
थी,
ऊपर
से
टिकट

कराने
की
बात
पर
भी
सोनम
पर
शक
बढ़
गया।
इस
बीच
पुलिस
ने
राज
कुशवाह
की
कॉल
डिटेल
के
आधार
पर
चार
आरोपियों
का
पता
लगा
लिया।
तीन
को
इंदौर
से
गिरफ्तार
भी
कर
लिया
गया।
एक
आरोपी
को
सागर
से
तो
एक
अन्य
आरोपी
को
ललितपुर
से
गिऱफ्तार
किया
गया। 


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सोनम
ने
ही
राजा
को
दिया
था
खाई
में
धक्का,
आरोपियों
ने
बताई
हत्या
के
पहले
की
खौफनाक
सच्चाई


4.
पर्यटक
गाइड
के
खुलासे
को
पुलिस
ने
सोनम
से
जोड़ा

सोनम
की
तलाशी
के
दौरान
पुलिस
ने
होमस्टे
के
आसपास
लोगों
से
पूछताछ
की।
सीसीटीवी
कैमरे
तलाशे।
इसी
दौरान
एक
स्थानीय
गाइड
के
बयान
ने
पुलिस
को
बड़ा
क्लू
दे
दिया।
अल्बर्ट
पडे
नाम
के
गाइड
ने
दावा
किया
था
कि
जिस
दिन
यह
जोड़ा
लापता
हुआ,
उस
दिन
उनके
साथ
तीन
अन्य
युवक
भी
थे।
मावलाखियात
के
गाइड
अल्बर्ट
पैड
ने
बताया
था
कि
उन्होंने
दंपती
को
तीन
पुरुष
पर्यटकों
के
साथ
23
मई
को
सुबह
10
बजे
के
आसपास
नोंग्रियात
से
मावलाखियात
तक
3,000
से
अधिक
सीढ़ियां
चढ़ते
हुए
देखा
था।
अल्बर्ट
ने
कहा
था
कि
वह
इंदौर
के
दंपती
को
पहचानते
हैं,
क्योंकि
उन्होंने
एक
दिन
पहले
उन्हें
नोंग्रियात
तक
चढ़ने
के
लिए
अपनी
सेवाएं
देने
की
पेशकश
की
थी,
लेकिन
उन्होंने
मना
कर
दिया
था
और
एक
अन्य
गाइड
को
किराये
पर
कर
लिया
था।
उन्होंने
बताया
था
कि
चारों
पुरुष
आगे
चल
रहे
थे,
जबकि
महिला
पीछे
थी।
चारों
पुरुष
हिंदी
में
बातचीत
कर
रहे
थे,
लेकिन
मैं
समझ
नहीं
पाया
कि
वे
क्या
बोल
रहे
थे,
क्योंकि
मैं
केवल
खासी
और
अंग्रेजी
ही
जानता
हूं।
उन्होंने
बताया
कि
उन
लोगों
ने
शिपारा
होमस्टे
में
रात
बिताई
और
अगले
दिन
बिना
गाइड
के
ही
लौट
आए।
अल्बर्ट
ने
दावा
किया
था
कि
जब
मैं
मावलाखियात
पहुंचा,
उनका
स्कूटर
वहां
नहीं
था।
इंदौर
के
दंपती
का
किराये
का
स्कूटर
मावलाखियात
के
पार्किंग
स्थल
से
कई
किलोमीटर
दूर
सोहरारिम
में
पाया
गया
और
उसमें
चाबी
लगी
हुई
थीं।
हिंदी
भाषी
होने
और
सोनम
के
पास
देखे
जाने
पर
पुलिस
को
शक
हुआ
कि
ये
लोग
आपस
में
जान
पहचान
वाले
हैं।
सीसीटीवी
वीडियो
में
भी
एक
लाल
रंग
की
कार
दिखी
थी,
जिसमें
सवार
लोग
सोनम
और
राजा
पर
नजर
रख
रहे
थे।


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सेकंड
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खुश
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परिवार