MP: बारिश से पहले बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने की तैयारियों के निर्देश,जिलाें में प्रभारी मंत्री करेंगे समीक्षा


मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
की
अध्यक्षता
में
मंगलवार
को
मंत्रालय
में
कैबिनेट
बैठक
हुई।
बैठक
से
पहले
मुख्यमंत्री
ने
मंत्रियों
से
चर्चा
की।
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
आगामी
वर्षाकाल
में
बाढ़
और
अतिवृष्टि
की
आशंका
के
दृष्टिगत
मंत्रियों
को
अपने
प्रभार
के
जिलों
में
आवश्यक
परिस्थितियों
से
निपटने
के
लिए
तैयारी
के
निर्देश
दिए।
मंत्रियों
द्वारा
जिला
स्तर
पर
सभी
संभावित
परिस्थितियों
की
समीक्षा
की
जाएगी।  मुख्यमंत्री
ने
बताया
कि
राष्ट्रपति
द्रौपदी
मुर्मू
का
आगामी
19
जून
को
मध्य
प्रदेश
आगमन
प्रस्तावित
है।
राष्ट्रपति
मुर्मू
विश्व
सिकल
सेल
दिवस
पर
बड़वानी
जिले
की
ग्राम
पंचायत
तालून
में
आयोजित
कार्यक्रम
में
शामिल
होंगी।
उन्होंने
राज्य
सरकार
की
प्राथमिकताओं
के
संबंध
में
मंत्रियों
से
से
विचार
विमर्श
किया।


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प्रधानमंत्री
का
अभिनंदन
का
प्रस्ताव
पारित 

मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
नेतृत्व
में
केंद्र
सरकार
के
सफल
कार्यकाल
के
11
वर्ष
पूर्ण
होने
पर
मंत्रि-परिषद
प्रसन्नता
व्यक्त
करती
है।
सुशासन
के
संकल्प
के
प्रति
कैबिनेट
ने
प्रधानमंत्री
का
अभिनंदन
का
प्रस्ताव
पारित
किया।
प्रधानमंत्री
के
नेतृत्व
में
अन्नदाता,
नारी,
युवा
और
गरीब
सहित
विभिन्न
वर्गों
का
जीवन
बदलने
के
लिए
और
उन्हें
अधिक
से
अधिक
रोजगार
एवं
विकास
के
अवसर
उपलब्ध
करवाने
के
लिए
कार्य
किया
जा
रहा
है।
इस
अवधि
में
केंद्र
सरकार
द्वारा
हासिल
की
गई
उपलब्धियों
का
प्रचार-प्रसार
किया
जाएगा।
सभी
मंत्रीगण
केंद्र
की
11
वर्ष
की
योजनाओं
की
उपलब्धियां
और
मध्य
प्रदेश
शासन
की
डेढ़
वर्ष
की
उपलब्धियां
नागरिकों
तक
पहुंचाएंगे। 


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शव
वाहन
के
संचालन
का
कार्य
होगा
प्रारंभ 

मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
बताया
कि
केंद्र
सरकार
के
11
वर्ष
पूर्ण
होने
पर
मध्य
प्रदेश
में
लोक
स्वास्थ्य
एवं
चिकित्सा
शिक्षा
विभाग
द्वारा
शव
वाहन
के
संचालन
का
कार्य
प्रारंभ
किया
जाएगा।
अस्पतालों
में
किसी
नागरिक
की
मृत्यु
के
बाद
उनके
घर
तक
पार्थिव
देह
ले
जाने
की
नि:शुल्क
व्यवस्था
प्रदान
की
जाएगी।
संकट
की
स्थिति
में
राज्य
सरकार
नागरिकों
के
साथ
है।
इस
योजना
का
क्रियान्वयन
शीघ्र
प्रारंभ
किया
जा
रहा
है।

  

आयुर्वेद
कॉलेज
वेलनेस
केंद्र
के
रूप
में
काम
करेंगे 

मुख्यमंत्री
ने
बताया
कि
गत
पांच
जून
को
उज्जैन
में
स्पिरिचुअल
एंड
वैलनेस
समिट
के
माध्यम
से
वैलनेस
हॉस्पिटैलिटी
और
स्वास्थ्य
क्षेत्र
में
लगभग
2000
करोड़
के
निवेश
प्रस्ताव
प्राप्त
हुए
हैं।
केरल,
उत्तराखंड
आदि
राज्यों
के
प्रतिनिधि
इसमें
विशेष
रूप
से
शामिल
हुए।
मध्य
प्रदेश
में
यह
अपने
तरह
की
प्रथम
समिट
थी,
जो
सरकार
के
प्रत्येक
सेक्टर
में
निवेश
की
संभावनाओं
और
विकास
की
परिकल्पना
की
दिशा
में
एक
महत्वपूर्ण
कदम
रहा।
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
प्रदेश
में
11
आयुर्वेदिक
मेडिकल
कॉलेज
प्रारंभ
किए
जाने
का
निर्णय
लिया
गया
था।
इनमें
से
पांच
कॉलेज
की
स्वीकृति
भारत
सरकार
से
प्राप्त
हो
चुकी
है।
शेष
महाविद्यालय
प्रारंभ
करने
के
लिए
भी
राज्य
सरकार
संकल्पबद्ध
है।
यह
कॉलेज
वैलनेस
केंद्र
के
रूप
में
भी
कार्य
करेंगे।

धार्मिक
लोक
का
निर्माण
और
विकास

मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
बताया
कि
प्रदेश
में
विभिन्न
धार्मिक
स्थानों
पर
13
लोक
के
निर्माण
और
विकास
का
कार्य
चल
रहा
है।
इन
कार्यों
की
समय-समय
पर
समीक्षा
भी
की
जा
रही
है।
प्रदेश
के
पर्यटन
विकास
में
यह
लोक
भी
महत्वपूर्ण
सिद्ध
होंगे।