
छिंदवाड़ा
जिले
के
दमुआ
थाना
प्रभारी
राजेश
साहू
का
एक
कथित
ऑडियो
सोमवार
को
सोशल
मीडिया
पर
आग
की
तरह
फैला।
इस
ऑडियो
में
वे
भाजपा
के
पूर्व
विधायक
नत्थन
शाह
कवरेती
और
कुछ
अन्य
नेताओं
पर
अवैध
गतिविधियों
को
संरक्षण
देने
के
गंभीर
आरोप
लगाते
सुने
गए।
ऑडियो
में
दावा
किया
गया
है
कि
पूर्व
विधायक
का
बेटा
थाने
आया
और
जुआ
खिलवाने
की
अनुमति
मांगने
की
बात
की
गई।
पूरे
मामले
ने
राजनीतिक
तूल
पकड़
लिया
है।
ऑडियो
वायरल
होते
ही
कांग्रेस
ने
भाजपा
को
घेरा,
तो
दूसरी
ओर
खुद
को
बदनाम
करने
की
साजिश
बताकर
पूर्व
विधायक
कवरेती
ने
पुलिस
अधीक्षक
से
मिलकर
जांच
की
मांग
की
है।
वहीं
धमकी
दी
है
कि
अगर
थाना
प्रभारी
पर
कार्रवाई
नहीं
हुई,
तो
वे
अपने
परिवार
के
साथ
आमरण
अनशन
पर
बैठेंगे।
क्या
है
वायरल
ऑडियो
में?
सूत्रों
के
मुताबिक,
वायरल
ऑडियो
में
दमुआ
थाना
प्रभारी
किसी
स्थानीय
भाजपा
नेता
से
फोन
पर
बात
कर
रहे
हैं।
बातचीत
के
अंश
बेहद
चौंकाने
वाले
हैं।
वैसा
का
वैसा
यहां
लिख
रहे
हैं-
“नत्थन
शाह
जी
का
बेटा
जुआ
खिलवाने
की
परमिशन
मांगने
आया
था,
फोन
भी
आया
था।
मैंने
साफ
मना
कर
दिया।”
“गाड़ी
में
डीजल
कहां
से
डल
रहा
है,
ये
भी
उनसे
पूछ
लो।”
“भैया
का
ऑर्डर
है
कि
कोई
अवैध
गतिविधि
नहीं
होगी।”
“अगर
मैंने
कार्रवाई
नहीं
की
होती,
तो
चुनाव
में
सब
डुबा
देते।”
“रेत
बेचने
वाला
गुंडागर्दी
कर
रहा
है,
मरे
हुए
के
पैसे
मांग
रहे
हैं।”
“इन
लोगों
को
कह
दो
कि
भाजपा
की
आड़
में
अवैध
धंधे
छोड़
दें।”
हालांकि
इस
बात
की
पुष्टि
नहीं
हुई
है
कि
यह
ऑडियो
कब
का
है
और
किसने
वायरल
किया।
थाना
प्रभारी
राजेश
साहू
ने
बयान
में
कहा
कि
जिसने
यह
ऑडियो
वायरल
किया,
वह
आदतन
अपराधी
है।
गैंगरेप
जैसे
गंभीर
मामले
भी
उस
पर
दर्ज
हैं।
ऑडियो
को
एडिट
कर
के
वायरल
किया
गया
है
ताकि
मुझे
बदनाम
किया
जा
सके।
यह
तकनीकी
साजिश
है।”
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नत्थन
शाह
कवरेती
ने
जताई
नाराजगी
पूर्व
विधायक
ने
छिंदवाड़ा
पहुंचकर
भाजपा
जिलाध्यक्ष
शेषराव
यादव,
पुलिस
अधीक्षक
अजय
पांडे
से
मुलाकात
की।
उन्होंने
मामले
की
निष्पक्ष
जांच
की
मांग
की
और
अपने
फेसबुक
अकाउंट
पर
दो
कड़े
पोस्ट
किए।
पहले
में
लिखा
कि
इस
ऑडियो
में
मेरे
और
मेरे
पुत्र
को
लेकर
अपमानजनक
भाषा
का
उपयोग
हुआ
है।
यह
एक
आदिवासी
जनप्रतिनिधि
को
बदनाम
करने
की
साजिश
है।
अगर
कार्रवाई
नहीं
हुई
तो
मैं
अपने
परिवार
सहित
आमरण
अनशन
करूंगा।
दूसरी
पोस्ट
में
लिखा
कि
मुझे
नीचा
दिखाने
की
किसी
भी
साजिश
को
बर्दाश्त
नहीं
करूंगा।
कांग्रेस
ने
साधा
भाजपा
पर
निशाना
वायरल
ऑडियो
को
कांग्रेस
ने
भाजपा
की
‘सांठगांठ
वाली
व्यवस्था’
का
उदाहरण
बताया
है।
पार्टी
प्रवक्ताओं
ने
कहा
कि
पुलिस
को
कमजोर
करने
और
अवैध
धंधों
को
संरक्षण
देने
की
कोशिश
की
जा
रही
है।
कांग्रेस
ने
थाना
प्रभारी
का
समर्थन
करते
हुए
स्वतंत्र
जांच
की
मांग
की
है।
अब
आगे
क्या?
पुलिस
अधीक्षक
अजय
पांडे
ने
मामले
की
जांच
के
निर्देश
दे
दिए
हैं।
यह
जांच
तय
करेगी
कि
ऑडियो
असली
है
या
एडिटेड?
अगर
असली
है,
तो
क्या
वाकई
कोई
राजनीतिक
दबाव
था?
यदि
ऑडियो
फर्जी
है,
तो
किसने
इसे
बनाया
और
क्यों?