
लोकायुक्त
की
टीम
ने
पंचायत
सचिव
को
10
हजार
की
रिश्वत
लेते
पकड़ा
है।
सचिव
ने
मुख्यमंत्री
आवास
योजना
की
दूसरी
किश्त
जारी
करने
के
लिए
रुपयों
की
मांग
की
थी।
रिश्वत
की
राशि
देने
के
लिए
उसने
वृद्ध
महिला
के
नाती
को
अपने
घर
बुलाया
था।
लोकायुक्त
ने
उसे
रंगे
हाथ
गिरफ्तार
कर
मामला
दर्ज
किया
है।
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के
साथ
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800
से
अधिक
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से
की
थी
धोखाधड़ी
लोकायुक्त
डीएसपी
दिनेश
पटेल
ने
बताया
कि
महिदुपर
तहसील
के
ग्राम
बेलखेड़ा
में
रहने
वाले
अशोक
डाबी
ने
6
जून
को
कार्यालय
आकर
शिकायत
दर्ज
कराई
थी
कि
उसकी
नानी
कंचनबाई
के
नाम
से
ग्राम
जगोटी
में
मुख्यमंत्री
आवास
स्वीकृत
हुआ
है।
पहली
किश्त
की
राशि
25
हजार
रुपए
नानी
के
खाते
में
आ
चुकी
थी।
दूसरी
किश्त
40
हजार
रुपए
जारी
करने
के
लिए
पंचायत
सचिव
दिलीप
शर्मा
10
हजार
रुपए
मांग
रहा
है।
लोकायुक्त
ने
शिकायत
पुष्टि
वाइस
रिकार्डिंग
के
माध्यम
से
की।
इसके
बाद
पंचायत
सचिव
को
रंगेहाथ
पकड़ने
की
योजना
बनाई।
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विधायक
पर
थाना
प्रभारी
के
गंभीर
आरोप,
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खिलवाने
की
परमिशन
मांगने
की
बात
पर
किया
बवाल
पंचायत
सचिव
ने
अशोक
डाबी
को
रिश्वत
के
10
हजार
रुपए
लेकर
अपने
घर
ग्राम
महुडीपुरा
बुलाया।
लोकायुक्त
की
टीम
भी
पंचायत
सचिव
के
गांव
पहुंच
गई।
अशोक
डाबी
को
रुपए
लेकर
घर
में
भेजा
गया।
पंचायत
सचिव
ने
रुपए
लेकर
अपनी
जेब
में
रख
लिए
थे।
अशोक
ने
बाहर
आकर
इशारा
किया,
उसी
दौरान
लोकायुक्त
टीम
घर
में
पहुंची
और
सचिव
दिलीप
शर्मा
को
रंगेहाथ
पकड़ा।
उसकी
पेंट
की
जेब
में
रखे
10
हजार
रुपए
जब्त
किए
गए
और
प्रक्रिया
स्वरूप
सचिव
के
हाथ
धुलवाए
गए।
रिश्वत
का
रंग
सामने
आते
ही
उसके
खिलाफ
कार्रवाई
शुरू
की
और
पेंट
को
जब्त
कर
मामला
दर्ज
किया।
पंचायत
सचिव
को
रंगेहाथ
पकड़ने
की
कार्रवाई
में
निरीक्षक
राजेंद्र
वर्मा,
प्रधान
आरक्षक
हितेश,
आरक्षक
नीरज,
श्याम,
कुनाल
मौजूद
थे।
पंचायत
सचिव
को
रिश्वत
मामले
में
गिरफ्तार
किया
गया.