Sehore News: अहमदपुर नाबालिग दुष्कर्म-मौत मामला, सड़कों पर न्याय के लिए जलाई लौ.. निकला कैंडल मार्च

सीहोर
के
अहमदपुर
में
17
वर्षीय
नाबालिग
के
साथ
हुए
दुष्कर्म
ओर
हत्या
ने
पूरे
इलाके
को
झकझोर
कर
रख
दिया
है।
पीड़ित
परिवार
के
पक्ष
में
अहमदपुर
में
चार
जिलों
के
कुर्मी
समाज
के
लोग
एकत्रित
हुए।
इस
दौरान
बुधवार
शाम
शहर
की
फिजा
तब
भारी
हो
गई।
जब
हजारों
लोग
सड़कों
पर
उतर
आए।
हर
हाथ
में
एक
मोमबत्ती
थी
और
हर
नम
आंखों
में
एक
सवाल
क्या
हमारी
बेटियां
कभी
सुरक्षित
नहीं
होंगी?


विज्ञापन

Trending
Videos

शासकीय
अस्पताल
से
अहमदपुर
थाने
तक
निकाले
गए
कैंडल
मार्च
में
करीब
ढाई
से
तीन
हजार
समाजजन
सहित
अन्य
लोग
उपस्थित
रहे।
इसके
बाद
अहमदपुर
थाने
पहुंचकर
ज्ञापन
सौंपा।
ज्ञापन
में
मांग
की
गई
है
कि
हत्यारों
को
फांसी
की
सजा
हो।
इस
मामले
में
जिन
पुलिसकर्मियों
ने
बेटी
के
पिता
के
साथ
मारपीट
की
और
मामले
को
दबाने
का
प्रयास
किया
उन्हें
बर्खास्त
किया
जाए,
पीड़ित
परिवार
को
उचित
मुआवजा
मिले।
केस
की
सुनवाई
फास्ट
ट्रेक
कोर्ट
में
की
जाए।
अपराधियों
के
घर
पर
बुल्डोजर
चलाया
जाए।
साथ
ही
पीड़ित
परिवार
को
सुरक्षा
प्रदान
करने
मांग
की
गई
है।


विज्ञापन


विज्ञापन

ये
भी
पढ़ें- प्रदेश
के
12
जिलों
में
आज
लू
चलने
का
अलर्ट,
भोपाल
समेत
कई
जिलों
में
आंधी-बारिश
की
संभावना


सैकड़ों
लोग
कैंडल
मार्च
में
हुए
शामिल

नाबालिग
से
दुष्कर्म
और
मौत
का
मामला
राजनीतिक
मुद्दे
के
बाद
अब
सामाजिक
मुद्दा
बन
गया
है।
पीड़ित
परिवार
के
पक्ष
में
बुधवार
को
अहमदपुर
में
चार
जिलों
के
कुर्मी
समाज
के
लोग
एकत्रित
हुए,
इस
दौरान
शाम
6
बजे
से
शासकीय
अस्पताल
के
पास
से
शांतिपूर्ण
कैंडल
मार्च
निकाला
गया।
इस
कैंडिल
मार्च
में
सैकड़ों
लोग
शामिल
हुए।
ये
भी
पढ़ें- प्रदेश
का
पहला
मछली
उत्पादन
और
प्रसंस्करण
क्लस्टर
हलाली
में
बनेगा,
सीएम
13
को
करेंगे
उदघाटन


दुष्कृत्य
के
बाद
आरोपियों
ने
खिला
दिया
था
पीड़िता
को
जहर

गौरतलब
है
कि
सीहोर
विधानसभा
क्षेत्र
के
अहमदपुर
के
ग्राम
अंतर्गत
मृतका
के
पिता
ने
आरोप
लगाया
था
कि
उनकी
दो
बेटियां
पानी
भरने
के
लिए
गई
थीं,
जहां
जगपाल
और
कुलदीप
उर्फ
कान्हा
सोलंकी
ने
मेरी
बड़ी
बेटी
को
पकड़
लिया
और
एक
शटर
वाली
दुकान
में
अंदर
बंद
कर
उसके
साथ
दुष्कृत्य
किया।
छोटी
बेटी
मेरे
पास
आई
और
बोली
कि
बड़ी
बहन
को
जगपाल
और
कान्हा
ने
पकड़
लिया
है,
जब
तक
मैं
मौके
पर
पहुंचा
तब
तक
दोनों
ने
उसे
जहर
की
गोलियां
खिला
दी
थीं।
बेटी
की
हालत
गंभीर
होने
पर
हम
लोग
थाने
लेकर
पहुंचे
तो
थाने
में
हमारी
सुनवाई
नहीं
हुई
और
हमें
भगा
दिया
गया।
इसके
बाद
इलाज
के
दौरान
में
मेरी
बेटी
की
मौत
हो
गई
थी।
घटना
के
बाद
मंगलवार
को
मृतका
के
परिजनों
ने
थाने
के
सामने
शव
रखकर
चक्काजाम
किया
था।
उस
दौरान
पत्थरबाजी
हुई
थी
तो
पुलिस
ने
भी
हल्का
बल
प्रयोग
किया
था।
इस
घटना
के
बाद
से
जिले
सहित
प्रदेश
की
राजनीति
सरगर्म
बनी
हुई
है,
अब
सामाजिक
स्तर
पर
भी
विरोध
जताया
जा
रहा
है।