
इंदौर
में
गर्मी
लगातार
बढ़ती
जा
रही
है।
जून
के
दूसरे
सप्ताह
में
भी
गर्मी
का
प्रकोप
जारी
है।
हालत
यह
हो
चुकी
है
कि
9
दिन
से
दिन
के
तापमान
में
रोज
औसतन
एक
डिग्री
की
बढ़ोतरी
हो
रही
है।
रोचक
पहलू
यह
है
कि
इस
बार
मई
माह
का
मिजाज
जून
जैसा
रहा
और
अब
जून
का
मिजाज
मई
जैसा
बना
हुआ
है।
अब
रोज
तेज
धूप
पड़
रही
है
और
लोग
पसीने
से
हलाकान
हैं।
आज
भी
सुबह
मौसम
साफ
होने
के
बाद
गर्मी
का
असर
बढ़ता
जा
रहा
है।
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इस
तरह
बढ़ता
गया
पारा
3
जून
को
दिन
का
तापमान
31.3
डिग्री
सेल्सियस
रिकॉर्ड
किया
गया
था।
11
जून
को
तापमान
में
भारी
वृद्धि
देखी
गई
और
41.6
(+4)
डिग्री
सेल्सियस
रिकॉर्ड
किया
गया।
खास
बात
यह
कि
इस
मई
में
रिकॉर्ड
तोड़
बारिश
हुई
थी।
बारिश
से
पहले
दिन
का
सबसे
ज्यादा
तापमान
42
डिग्री
सेल्सियस
रिकॉर्ड
किया
गया
था
जबकि
इस
बार
जून
के
दूसरे
हफ्ते
में
ही
पारा
41
डिग्री
पार
पहुंच
चुका
है।
मौसम
वैज्ञानिकों
ने
दो-तीन
दिन
तक
अभी
तेज
गर्मी
के
आसार
जताए
हैं।
इंदौर
में
पिछले
9
दिन
में
दिन
के
तापमान
में
10
डिग्री
का
इजाफा
हुआ
है। मौसम
विभाग
ने
अगले
2
दिन
यानी,
12
और
13
जून
को
ग्वालियर,
चंबल,
उज्जैन
और
सागर
संभाग
के
जिलों
में
लू
का
अलर्ट
जारी
किया
है।
इंदौर
के
तापमान
में
अभी
और
इजाफा
हो
सकता
है।
15
जून
के
बाद
आएगा
मानसून
मध्य
प्रदेश
में
मानसून
इन
दो
दिन
के
अंदर
आमद
दे
सकता
है। गर्मी
से
लोग
परेशान
हैं
और
मानसून
की
राह
तक
रहे
हैं।
पिछले
14
दिन
से
मानसून
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़
में
एक
ही
जगह
पर
ठहरा
हुआ
है।
इस
वजह
से
प्रदेश
में
इसकी
एंट्री
लेट
हो
रही
है।
हालांकि
बुधवार
को
मानसून
की
हलचलें
तेज
हुईं
है।
इससे
मौसम
विभाग
ने
14-15
जून
को
मध्य
और
पूर्वी
भारत
के
हिस्सों
में
दक्षिण-पश्चिम
मानसून
के
प्रवेश
करने
की
संभावना
जताई
है।
पिछले
साल
21
जून
को
आया
था
मानसून
पिछले
साल
यह
21
जून
को
एंटर
हुआ
था।
मानसून
के
प्रवेश
की
सामान्य
तारीख
15
जून
ही
है।
इंदौर
में
15
जून
के
बाद
ही
मानसून
की
एंट्री
का
अनुमान
है।
यदि
पिछले
10
साल
के
आंकड़ों
पर
नजर
डाले
तो
मानसून
के
एंटर
होने
से
पहले
प्रदेश
में
तेज
गर्मी
का
असर
रहता
है।
सबसे
ज्यादा
ग्वालियर-चंबल
गर्म
रहता
है,
जबकि
भोपाल,
इंदौर
और
उज्जैन
संभाग
भी
जमकर
तपते
हैं।
जून
के
आखिरी
दिनों
में
टेम्प्रेचर
से
थोड़ी
राहत
मिलने
लगती
है
लेकिन
इस
बार
जून
में
लोग
गर्मी
से
परेशान
हैं।