
श्योपुर
जिले
के
कराहल
थाना
क्षेत्र
स्थित
सेमरा
गांव
में
शुक्रवार
शाम
आकाशीय
बिजली
गिरने
से
बड़ा
हादसा
हो
गया।
हनुमान
मंदिर
परिसर
में
चल
रही
भागवत
कथा
के
दौरान
अचानक
तेज
गड़गड़ाहट
के
साथ
आकाशीय
बिजली
गिर
गई,
जिससे
वहां
मौजूद
श्रद्धालुओं
में
अफरा-तफरी
मच
गई।
हादसे
में
एक
महिला
की
मौके
पर
ही
मौत
हो
गई,
जबकि
सात लोग
गंभीर
रूप
से
झुलस
गए।
कुल
26
लोग
इसकी
चपेट
में
आए,
जिनमें
से
18
का
इलाज
कराहल
सामुदायिक
स्वास्थ्य
केन्द्र
में
जारी
है।
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कॉलेज
की
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में
लंच
करने
गया
था
ग्वालियर
का
छात्र,
उसी
समय
गिरा
प्लेन,
मौके
पर
ही
मौत
प्रत्यक्षदर्शियों
के
अनुसार,
शाम
करीब
5
बजे
कथा
चल
रही
थी,
तभी
अचानक
मौसम
बदला
और
तेज
बादलों
की
गड़गड़ाहट
शुरू
हो
गई।
इसी
दौरान
मंदिर
परिसर
के
पास
स्थित
एक
पेड़
पर
आकाशीय
बिजली
आ
गिरी,
जिसकी
चपेट
में
कथा
सुनने
के
लिए
बैठे
कई
श्रद्धालु
आ
गए।
बिजली
गिरने
की
आवाज
इतनी
तेज
थी
कि
पूरे
गांव
में
दहशत
फैल
गई।
घटना
के
तुरंत
बाद
स्थानीय
लोगों
ने
एंबुलेंस
को
सूचना
दी,
लेकिन
आरोप
है
कि
समय
पर
एंबुलेंस
मौके
पर
नहीं
पहुंची।
ऐसे
में
ग्रामीणों
ने
घायलों
को
निजी
वाहनों
व
ट्रैक्टरों
की
मदद
से
कराहल
सामुदायिक
स्वास्थ्य
केन्द्र
पहुंचाया।
यहां
प्राथमिक
उपचार
के
दौरान
एक
महिला
ने
दम
तोड़
दिया,
वहीं
सात
गंभीर
रूप
से
झुलसे
लोगों
को
जिला
अस्पताल
रेफर
कर
दिया
गया।
घटना
के
बाद
से
गांव
में
मातम
का
माहौल
है।
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हाई
वोल्टेज
लाइन
से
टकराया
झूला, तीन
की
मौत,
चार
झुलसे
हनुमान
मंदिर
में
चल
रही
भागवत
कथा
को
तत्काल
रोक
दिया
गया
है।
लोगों
ने
प्रशासन
से
आकाशीय
बिजली
से
सुरक्षा
हेतु
आवश्यक
उपाय
करने
की
मांग
की
है।
ग्रामीणों
का
कहना
है
कि
बिजली
गिरने
की
घटनाएं
इस
क्षेत्र
में
आम
होती
जा
रही
हैं,
लेकिन
अभी
तक
न
तो
कोई
चेतावनी
तंत्र
लगाया
गया
है
और
न
ही
सुरक्षित
स्थानों
की
व्यवस्था
की
गई
है। प्रशासन
की
ओर
से
घटना
की
पुष्टि
की
गई
है
और
घायलों
के
बेहतर
इलाज
के
निर्देश
दिए
गए
हैं।
साथ
ही
पीड़ित
परिवारों
को
सहायता
देने
की
प्रक्रिया
भी
शुरू
कर
दी
गई
है।
सेमरा
में
हुआ
यह
हादसा
न
सिर्फ
प्राकृतिक
आपदा
की
भयावहता
को
दर्शाता
है,
बल्कि
आपात
सेवाओं
की
लचर
व्यवस्था
पर
भी
सवाल
खड़े
करता
है।