Indore News: मत्स्य उत्पादन में क्रांति लाने की बड़ी घोषणाएं, जानिए क्या कहा केंद्रीय मंत्री ने


केन्द्रीय
मछुआ
पालन,
पशुपालन
और
डेयरी
मंत्री
राजीव
रंजन
सिंह
ने
कहा
है
कि
दुनिया
में
मछली
उत्पादन
में
भारत
का
स्थान
दूसरा
है।
मछली
उत्पादन
मुनाफे
का
व्यवसाय
है
जिसमें
मछली
उत्पादक
अपनी
आमदनी
को
कई
गुना
बढ़ा
सकता
है।
इसके
लिए
मत्स्य
उत्पादकों
को
शिक्षण
और
प्रशिक्षण
के
साथ
तकनीकी
जानकारी
भी
देना
होगी।
साथ
ही
उन्हें
अच्छा
बीज
भी
उपलब्ध
कराना
होगा।
यदि
हमें
विटामिन
और
प्रोटीन
उत्पादन
के
क्षेत्र
में
आगे
बढ़ना
है,
तो
हमें
मछली
उत्पादन
को
अधिक
बढ़ावा
देने
की
जरूरत
है।
देश
में
मछली
उत्पादन
और
उत्पादकता
को
बढ़ावा
देने
के
लिए
केन्द्र
सरकार
की
कई
ऐसी
योजनाएं
है,
जिसका
लाभ
उठाकर
मछली
उत्पादक
अपने
व्यवसाय
को
एक
नई
ऊंचाई
दे
सकता
है।
बीते
10
वर्षों
में
भारत
में
मछली
का
उत्पादन
61
लाख
टन
से
बढ़कर
147
लाख
टन
हुआ
है।
इसी
अवधि
में
भारत
ने
मत्स्य
उत्पाद
का
निर्यात
30
हजार
करोड़
रुपये
से
बढ़कर
60
हजार
करोड़
रुपए
का
हो
गया
है।
केन्द्रीय
मंत्री
राजीव
रंजन
सिंह
आज
इंदौर
के
ब्रिलियंट
कन्वेशन
सेंटर
में
आयोजित
इनलैंड
फिशरीज़
एण्ड
एक्वाकल्चर
मीट
के
उदघाटन
सत्र
को
संबोधित
कर
रहे
थे।
कार्यक्रम
के
प्रारंभ
में
अहमदाबाद
में
हुई
विमान
त्रासदी
में
मृत
यात्रियों
एवं
अन्य
को
मौन
रखकर
श्रद्धांजलि
अर्पित
की
गई।


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बड़ा
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मत्स्य
उत्पादक
अपने
व्यवसाय
को
कई
गुना
आगे
बढ़ा
सकते
हैं

केन्द्रीय
मंत्री
रंजन
ने
कहा
कि
असंगठित
क्षेत्रों
में
जो
मछली
उत्पादक
है,
उन्हें
संगठित
क्षेत्रों
में
लाना
है।
मत्स्य
सहकारी
समितियों
को
और
मजबूत
करना
होगा।
सभी
मत्स्य
उत्पादकों
को
किसान
क्रेडिट
कार्ड
योजना
का
लाभ
लेना
चाहिए।
केन्द्र
सरकार
की
प्रधानमंत्री
मत्स्य
संपदा
योजना
सहित
विभिन्न
राज्य
सरकार
की
योजनाएं
जैसे
मुख्यमंत्री
मीनाक्षी
योजना,
गंभीर
बीमारी
सहायता
योजना,
अनुगृह
सहायता
योजना,
शिक्षा
प्रोत्साहन
योजनाओं
का
लाभ
मत्स्य
उत्पादक
उठाएं।
इन
योजनाओं
के
माध्यम
से
मत्स्य
उत्पादक
अपने
व्यवसाय
को
कई
गुना
आगे
बढ़ा
सकते
हैं।
मंत्री
राजीव
रंजन
ने
कहा
कि
हर
राज्य
मत्स्य
किसानों
को
एक
विस्तृत
कार्य
योजना
बनाकर
एनएफडीबी
द्वारा
प्रदाय
नि:शुल्क
प्रशिक्षण
की
सुविधा
उपलब्ध
कराएं
ताकि
मत्स्य
उत्पादन
और
उत्पादकता
में
बढ़ोतरी
हो।
उन्होंने
आगे
कहा
कि
मत्स्य
सहकारी
समिति
को
मजबूत
करना
हमारा
लक्ष्य
है।
इस
हेतु
नेशनल
फिश
डिजिटल
पोर्टल
में
किसानों
का
पंजीयन
कराएं।
मत्स्य
किसानों
में
जागरूकता
फैलाये
तथा
राज्य
सरकार
मछली
उत्पादन-उत्पादकता
बढ़ाने
पर
विशेष
जोर
दें
तथा
अच्छी
गुणवत्ता
के
बीज
उपलब्ध
कराना
सुनिश्चित
करें।


मछुआरों
के
बच्चों
को
शिक्षा
के
लिए
भी
सुविधाएं
दें

केन्द्रीय
पशुपालन
एवं
मछली
पालन
विभाग
के
मंत्री
जार्ज
कुरियन
ने
कहा
कि
देश
में
तीन
करोड़
लोग
मछली
उत्पादन
से
जुड़े
हैं।
विश्व
के
कुल
मत्स्य
उत्पादन
में
भारत
का
8
प्रतिशत
योगदान
है,
जो
कम
नहीं
है।
मछली
उत्पादन
और
उत्पादकता
को
बढ़ावा
देने
के
लिए
केन्द्र
सरकार
सतत
प्रयासरत
है।
मंत्री
कुरियन
ने
आगे
कहा
कि
मछली
उत्पादकों
को
बेहतर
से
बेहतर
सुविधाएं
मिलना
चाहिए।
केन्द्र
सरकार
प्रतिवर्ष
मत्स्य
उत्पादन
को
बढ़ावा
दे
रही
है।
मछुआरों
के
बच्चों
को
शिक्षा
के
लिए
भी
सुविधाओं
में
और
बढ़ोतरी
होनी
चाहिए।

यह
रहे
मुख्य
अतिथि

कार्यक्रम
में
केन्द्रीय
पशुपालन
एवं
मछली
पालन
विभाग
के
मंत्री
जार्ज
कुरियन,
केन्द्रीय
पशुपालन
एवं
मछली
पालन
विभाग
के
राज्यमंत्री
एस.पी.
सिंह
बघेल,
उत्तरप्रदेश
के
मत्स्य
पालन
विभाग
मंत्री
संजय
कुमार
निषाद,
बिहार
की
मछुआ
पालन
और
पशुपालन
मंत्री
रेणु
देवी,
हरियाणा
के
पशुपालन,
डेरी
और
मत्स्य
पालन
मंत्री
श्याम
सिंह
राणा,
मध्यप्रदेश
के
मछुआ
कल्याण
तथा
मत्स्य
विभाग
राज्यमंत्री
स्वतंत्र
प्रभार
नारायण
सिंह
पंवार,
केन्द्र
सरकार
के
पशुपालन
एवं
मत्स्य
पालन
विभाग
के
सचिव
डॉ.
अभिलक्ष
लिखी
और
संयुक्त
सचिव
सागर
मेहरा
सहित
छतीसगढ़,
हिमाचल
प्रदेश,
उत्तराखंड,
झारखंड
आदि
राज्यों
के
प्रतिनिधि
उपस्थित
थे।