
मध्यप्रदेश
के
राजगढ़
जिले
में
आंगनवाड़ी
में
नौकरी
करने
के
लिए
एक
व्यक्ति
द्वारा
अपनी
पत्नी
को
दसवीं-बाहरवीं
करवाई
गई।
इसकी
परीक्षा
एक
निजी
कंप्यूटर
सेंटर
पर
संपर्क
करने
के
बाद
दिलवाई
गई।
इसका
खर्च
50
हजार
रुपये
के
लगभग
बताया
जा
रहा
है,
लेकिन
दस्तावेज
सत्यापन के
दौरान
जब
वह
अंकसूची
फर्जी
निकली
तो
पीड़ित
पति
पुलिस
लेकर
कंप्यूटर
सेंटर
संचालक
की
दुकान
में
जा
पहुंचा,
जहां
पुलिस
ने
दस्तावेजों
की
जांच
की
और
सेंटर
संचालक
को
हिरासत
में
ले
लिया।
अब
उससे
पूछताछ
की
जा
रही
है।
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इस
फ्लैट
में
छुपी
थी,
राज
कुशवाह
नहीं
इस
व्यक्ति
ने
की
बुकिंग,
मकान
मालिक
का
बड़ा
खुलासा
दअरसल
राजगढ़
में
दसवीं-बाहरवीं
की
फर्जी
अंकसूची
के
बदले
50
हजार
रुपये
वसूलने
का
मामला
सामने
आया
है।
शिकायतकर्ता
कुमैर
सिंह
के
मुताबिक
उसने
40
से
50
हजार
रुपये
देकर
अपनी
पत्नी
को
कक्षा
दसवीं
और
बाहरवी
की
परीक्षा
राजगढ़
शहर
की
पीटी
कंपनी
में
संचालित
होने
वाले
ओपन
बोर्ड
के
सेंटर
पूर्वी
विद्या
निकेतन
से
दिलवाई
थी।
सेंटर
संचालक
ने
उनसे
कहा
था
कि
उनके
पास
दिल्ली
बोर्ड
की
मान्यता
है। उनकी
मार्कशीट
पूरे
भारत
में
मान्य
है,
लेकिन
उनकी
पत्नी
ने
जब
उक्त
दस्तावेजों
का
उपयोग
आंगनवाड़ी
की
नौकरी
के
लिए
किया
तो
सत्यापन
के
दौरान
ये
फर्जी
निकली,
जो
ऑनलाइन
दिखाई
ही
नहीं
दे
रही।
इसके
बाद
मैंने
पूरे
मामले
की
शिकायत
की
है।
ये
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पढ़ें-सोनम
से
रिश्ता
खत्म
कर
गोविंद
ने
किया
जीजा
का
पिंडदान,
राजा
के
मोक्ष
के
लिए
किया
गया
पूजन
कोतवाली
थाना
प्रभारी
वीर
सिंह
ठाकुर
का
कहना
है
कि
प्रथम
दृष्टया
यह
सामने
आया
है
कि
यहां
पैसे
लेकर
फर्जी
मार्कशीट
बनाकर
दी
जा
रही
है।
हमने
यहां
से
दस्तावेज
प्राप्त
किए
हैं,
जिसकी
हम
जांच
कर
रहे
हैं।
जांच
के
बाद
ही
कुछ
कहना
उचित
होगा।