
पुलिस
की
गिरफ्त
में
आरोपी
चायवाला
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश
के
मंदसौर
के
दलौदा
थाने
के
बाहर
चाय
बेचने
वाले
युवक
को
इंदौर
में
सब
इंस्पेक्टर
की
वर्दी
पहने
घूमते
हुए
पकड़ा
गया
है।
विजय
नगर
थाना
पुलिस
उक्त
युवक
से
वर्दी
के
बारे
में
पूछताछ
कर
रही
है।
पुलिस
पता
लगाने
का
प्रयास
कर
रही
है
कि
सब
इंस्पेक्टर
की
वर्दी
पहनकर
आरोपी
आखिर
इंदौर
क्या
करने
आया
था।
बताया
जा
रहा
है
कि
आरोपी
युवक
की
दलौदा
के
पूर्व
थाना
प्रभारी
संजीव
सिंह
परिहार
से
भी
अच्छी
दोस्ती
थी।
वह
कई
बार
उनके
केबिन
में
और
उनके
साथ
घूमते
हुए
देखा
गया
है।
जानकारी
के
मुताबिक,
आरोपी
की
पहचान
राहुल
नामदेव
के
रूप
में
हुई
है।
राहुल
मंदसौर
जिले
के
दलौदा
थाने
के
बाहर
चाय
की
दुकान
चलाता
है।
राहुल
को
इंदौर
पुलिस
ने
सब
इंस्पेक्टर
की
वर्दी
पहने
गिरफ्तार
किया
है।
पुलिस
को
शंका
तब
हुई
जब
आरोपी
राहुल
नामदेव
ने
सर्दी
में
पहनने
वाली
वर्दी
गर्मी
में
पहन
रखी
थी।
जबकि
अभी
पुलिस
को
गर्मी
में
पहनने
वाली
वर्दी
पहनने
का
आदेश
है।
बताया
जा
रहा
है
कि
इंदौर
पुलिस
ने
रविवार
को
होटल
रेडिसन
चौराहे
पर
राहुल
नामदेव
को
रोका
था।
राहुल
मंदसौर
पासिंग
कार
क्रमांक
एमपी
14
सीडी
2645
जो
उसके
केशव
शर्मा
पिता
दिनेश
शर्मा
के
नाम
से
रजिस्टर्ड
है,
में
काली
फिल्म
लगाकर
घूम
रहा
था।
इसी
दौरान
जैसे
ही
ट्रैफिक
पुलिस
के
सूबेदार
अमित
यादव
ने
उसे
रोका
तो
कांच
खोलते
ही
सब
इंस्पेक्टर
की
वर्दी
पहने
व्यक्ति
दिखा।
फिर
उन्हें
शक
इस
बात
पर
हुआ
कि
युवक
ने
सर्दी
में
पहनने
वाली
वर्दी
(अंगुला)
पहन
रखी
थी।
जबकि
कोई
भी
पुलिस
वाला
इसे
गर्मी
में
नहीं
पहनता
है।
दरअसल,
दलौदा
थाने
में
चाय
सप्लाई
करते
हुए
और
पूर्व
थाना
प्रभारी
संजीव
सिंह
परिहार
से
दोस्ती
के
चलते
राहुल
ने
वर्दी
का
रौब
देखा
था।
इसी
चक्कर
में
वह
भी
वर्दी
पहनने
लगा।
लेकिन
उसे
यह
नहीं
पता
था
कि
कौन
सी
वर्दी
कब
पहननी
चाहिए।
बताया
जा
रहा
है
कि
इंदौर
पुलिस
के
सामने
रौब
दिखाने
के
लिए
राहुल
नामदेव
ने
जब
वर्दी
का
प्रयोग
किया
तो
इंदौर
में
रेडिसन
चौराहा
पर
पकड़ा गया।
जैसे
ही
राहुल
नामदेव
की
पोल
खुली
तो
वह
यह
कहते
हुए
नजर
आया
कि
टोल
टैक्स
बचाने
के
लिए
उसने
वर्दी
पहनी
थी।
इसके
बाद
पुलिस
ने
उसे
विजय
नगर
पुलिस
को
सौंप
दिया
है।
अब
पुलिस
उससे
पूछताछ
कर
रही
है
कि
आखिरकार
वह
यह
वर्दी
कहां
से
लाया
था।
साथ
ही
उसका
वर्दी
पहनकर
इंदौर
आने
का
मकसद
क्या
था।