
प्रदेश
में
हाल
ही
में
पुलिस
आरक्षक
भर्ती
में
बड़े
पैमाने
पर
फर्जीवाड़े
का
मामला
सामने
आया
है।
शहडोल
जिले
में
एक
आरक्षक
की
पोस्टिंग
हुई,
लेकिन
वह
अब
फरार
हो
गया
है।
आरोपी,
मनीष
गुर्जर,
जोकि
डबरा
का
निवासी
है,
उसने
आधार
बायोमैट्रिक
क्लोनिंग
का
प्रयोग
कर
दूसरे
व्यक्ति
के
माध्यम
से
पुलिस
आरक्षक
की
परीक्षा
पास
की।
यह
मामला
तब
उजागर
हुआ
जब
पुलिस
मुख्यालय
ने
सभी
आरक्षकों
के
दस्तावेजों
और
तकनीकी
पहलुओं
की
जांच
करने
के
निर्देश
दिए।
डॉक्यूमेंट
जांच
में
यह
फर्जीवाड़ा
सामने
आया।
इसके
बाद
पुलिस
ने
आरोपी
आरक्षक
के
विरुद्ध
अपराध
दर्ज
कर
उसकी
तलाश
शुरू
कर
दी
है।
पुलिस
अधीक्षक
रामजी
श्रीवास्तव
की
निगरानी
में
शहडोल
जिले
में
सभी
80
आरक्षकों
की
नियुक्ति
की
प्रक्रिया
का
सावधानीपूर्वक
परीक्षण
किया
गया
था।
अब
तक
73
आरक्षक
ने
जिले
में
ज्वाइन
किया
है,
जबकि
मनीष
गुर्जर
के
फर्जीवाड़े
का
मामला
सबसे
गंभीर
निकला।
प्रारंभिक
जांच
के
अनुसार
मनीष
गुर्जर
ने
आधार
वेरिफिकेशन
में
धोखाधड़ी
कर
नौकरी
प्राप्त
की
थी।
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गिरफ्तार
अतिरिक्त
पुलिस
अधीक्षक
अभिषेक
दीवान
ने
बताया,
इस
मामले
में
मनीष
गुर्जर
पर
बीएनएस
के
तहत
विभिन्न
धाराओं
में
मामला
दर्ज
कर
लिया
गया
है।
आरोपी
फरार
है
और
उसकी
तलाश
में
पुलिस
सक्रिय
रूप
से
जुटी
हुई
है।
पुलिस
ने
यह
भी
घोषणा
की
है
कि
यदि
कोई
मनीष
गुर्जर
के
ठिकाने
की
जानकारी
देता
है,
तो
उसे
दस
हजार
रुपये
का
इनाम
दिया
जाएगा।
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बरामद
शहडोल
जिले
की
पुलिस
अब
आरोपी
की
तलाश
में
जुटी
हुई
है
और
पुलिस
जनता
से
सहयोग
की
अपील
कर
रही
है।
आरोपी
के
बारे
में
बताने
वाले
व्यक्ति
को
दस
हजार
नकद
इनाम
की
भी
घोषणा
की
गई
है।
आरोपी
को
पकड़ने
के
लिए
कोतवाली
में
एक
विशेष
टीम
का
गठन
भी
किया
गया
है,
जो
आरोपी
की
गिरफ्तारी
के
लिए
लगी
हुई
है
पुलिस
अधीक्षक
ने
आरोपी
की
गिरफ्तारी
के
लिए
इनाम
भी
घोषित
किया
है।