
मंजिल
तक
पहुंचने
का
रास्ता
कभी
भी
आसान
नहीं
होता।
सफलता
की
ऊंचाइयों
तक
पहुंचने
के
लिए
व्यक्ति
को
कई
कठिन
पड़ावों
से
गुजरना
पड़ता
है
और
हर
मोड़
पर
नई
चुनौतियों
का
सामना
करना
होता
है।
यही
संघर्ष
एक
सामान्य
व्यक्ति
को
असाधारण
बना
देता
है।
ऐसी
ही
प्रेरणादायक
उपलब्धियों
से
हमारे
जिले
की
बेटियां
अपने
आत्मविश्वास
और
मेहनत
के
बल
पर
नई
ऊंचाइयों
को
छू
रही
हैं
और
अपने
जिले
व
प्रदेश
को
गौरवान्वित
कर
रही
हैं।
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सीहोर
जिले
की
भैरूंदा
तहसील
के
मंडी
गांव
की
15
वर्षीय
दीपिका
डीमर
ऐसी
ही
एक
बेटी
है,
जिसने
अपने
जिले
और
प्रदेश
का
नाम
रोशन
किया
है।
दीपिका
ने
थाईलैंड
में
चल
रही
एशियाई
वॉटर
स्पोर्ट्स
चैंपियनशिप
में
13
जून
को
आयोजित
केनोइंग
सी-2
महिला
200
मीटर
स्पर्धा
में
ब्रॉन्ज
मेडल
जीता
है।
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रोया;
तस्वीरें
इस
उपलब्धि
की
सबसे
खास
बात
यह
है
कि
दीपिका
ने
वॉटर
स्पोर्ट्स
में
प्रवेश
करने
के
केवल
एक
वर्ष
के
भीतर
ही
चार
राष्ट्रीय
पदक
जीत
लिए
हैं।
जबकि
कयाकिंग
और
केनोइंग
जैसे
खेलों
में
नए
खिलाड़ी
को
केवल
संतुलन
और
तकनीक
सीखने
में
ही
एक
वर्ष
लग
जाता
है।
यह
दीपिका
की
असाधारण
उपलब्धि
है।
उसने
गत
वर्ष
शासकीय
उच्चतर
माध्यमिक
विद्यालय
मंडी,
तहसील
भैरूंदा
से
दसवीं
कक्षा
उत्तीर्ण
की
है
और
वर्तमान
में
भोपाल
में
11वीं
की
पढ़ाई
कर
रही
है।
दीपिका
कयाकिंग
और
केनोइंग
की
अंतरराष्ट्रीय
खिलाड़ी
कावेरी
की
छोटी
बहन
है।
कावेरी
ने
बताया
कि
बचपन
से
ही
दीपिका
में
कुछ
कर
दिखाने
का
जज़्बा
था।
उसकी
प्रतिभा
को
देखते
हुए
मैंने
उसे
वॉटर
स्पोर्ट्स
से
जुड़ने
के
लिए
प्रोत्साहित
किया।
अब
वह
सफलता
की
सीढ़ियाँ
चढ़ती
जा
रही
है।
इसी
उद्देश्य
से
उसे
भोपाल
भेजकर
11वीं
में
दाखिला
दिलाया
ताकि
पढ़ाई
और
खेल
दोनों
साथ
चल
सकें।
बता
दें
कि
दीपिका
की
बड़ी
बहन
कावेरी
ने
कठिन
परिस्थितियों
और
संसाधनों
की
कमी
के
बावजूद
50
से
अधिक
राष्ट्रीय
और
अंतरराष्ट्रीय
पदक
जीतकर
जिले
का
नाम
रोशन
किया
है।
वर्तमान
में
कावेरी
भारतीय
नौसेना
में
अधिकारी
के
रूप
में
कार्यरत
हैं।
