Damoh News: हजारों लोगों ने घेरा थाना, गर्भवती महिला के पति से मारपीट करने वाली नर्स को बर्खास्त करने की मांग


दमोह
जिले
के
रनेह
में
नर्स
द्वारा
एक
गर्भवती
महिला
के
पति
से
मारपीट
का
विवाद
बढ़ता
ही
जा
रहा
है।
रविवार
दोपहर
ओबीसी
महासभा
के
हजारों
लोगों
ने
थाने
का
घेराव
कर
दिया।
उनकी
मांग
है
कि
दोषियों
पर
सख्त
कार्रवाई
की
जाए
और
नर्स
को
बर्खास्त
किया
जाए।
करीब
तीन
घंटे
से
लगातार
प्रदर्शन
जारी
है।
अधिकारी
लगातार
समझाइश
दे
रहे
हैं,
लेकिन
प्रदर्शनकारी
मानने
को
तैयार
नहीं
हैं।
हालांकि,
इस
मामले
में
नर्स
को
उप-स्वास्थ्य
केंद्र
से
हटा
दिया
गया
है
और
दो
पुलिसकर्मियों
को
लाइन
अटैच
किया
गया
है।


ये
है
पूरा
मामला

मामला
रनेह
उप-स्वास्थ्य
केंद्र
का
है।
पीड़ित
महेंद्र
लोधी
ने
बताया
कि
वह
पन्ना
जिले
के
मुहरा
टपरियन
गांव
का
रहने
वाला
है।
वह
अपनी
9
महीने
की
गर्भवती
पत्नी
को
लेकर
रनेह
उप-स्वास्थ्य
केंद्र
पहुंचा
था।
वहां
नर्स
नीलिमा
यादव
से
इलाज
की
गुहार
लगाई।
नर्स
ने
उन्हें
अगले
दिन
आने
को
कहा।
पत्नी
की
तकलीफ
को
देखते
हुए
महेंद्र
ने
दोबारा
विनती
की,
जिस
पर
नर्स
ने
गुस्से
में
आकर
अपशब्द
कहे।
जब
वह
अपनी
पत्नी
के
साथ
बस
में
बैठकर
घर
जाने
लगा
तो
नर्स
ने
बस
रुकवाकर
उसके
साथ
मारपीट
की।
यह
घटना
वीडियो
में
कैद
हो
गई
और
सोशल
मीडिया
पर
वायरल
हो
गई।
इसके
बाद
महेंद्र
दमोह
पहुंचा
और
एसपी
ऑफिस
में
जाकर
अपनी
शिकायत
दर्ज
कराई।
पहले
तो
पुलिस
ने
केवल
धारा
151
के
तहत
प्रतिबंधात्मक
कार्रवाई
की,
लेकिन
बाद
में
नीलिमा
की
शिकायत
पर
महेंद्र
के
खिलाफ
शासकीय
कार्य
में
बाधा
और
छेड़छाड़
जैसी
गंभीर
धाराओं
में
केस
दर्ज
कर
लिया
गया।
रविवार
को
महेंद्र
के
समर्थन
में
ओबीसी
महासभा
के
हजारों
लोग
एक
बड़े
आंदोलन
की
घोषणा
के
साथ
थाने
पहुंचे।
वायरल
वीडियो
और
बस
कंडक्टर
सौरभ
सिंह
के
बयान
के
आधार
पर
पांच
दिन
बाद
नर्स
के
खिलाफ
भी
बीएनएस
की
धारा
296,
11(2),
356(2)
के
तहत
मामला
दर्ज
कर
लिया
गया।

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दोहरी
कार्रवाई
पर
सवाल

हैरानी
की
बात
यह
है
कि
पहले
केवल
महेंद्र
लोधी
पर
ही
कार्रवाई
की
गई।
इस
दोहरी
कार्रवाई
से
रनेह
पुलिस
की
आलोचना
हो
रही
है।
वहीं,
थाना
प्रभारी
द्वारा
महेंद्र
को
भेजा
गया
समन
भी
सोशल
मीडिया
पर
वायरल
हो
गया,
जिसमें
उसे
उसके
साथ
हुई
घटना
की
लिखित
रिपोर्ट
थाने
में
देने
के
लिए
बुलाया
गया
था।
ऐसे
में
सवाल
यह
भी
है
कि
जब
नर्स
की
शिकायत
पर
महेंद्र
के
खिलाफ
मामला
दर्ज
किया
जा
चुका
था
तो
थाने
में
उसे
फरियादी
की
तरह
क्यों
बुलाया
गया?


जांच
समिति
गठित

इधर,
विवाद
के
बाद
स्वास्थ्य
विभाग
ने
नर्स
नीलिमा
यादव
को
रनेह
से
हटाकर
सिविल
अस्पताल
में
ड्यूटी
पर
लगा
दिया
है
और
एक
तीन
सदस्यीय
जांच
समिति
बनाई
गई
है
जो
वायरल
वीडियो
की
जांच
करेगी।
वहीं,
पुलिस
ने
महेंद्र
लोधी
पर
पहले
ही
दो
मामले
दर्ज
कर
लिए
हैं।
हटा
एसडीओपी
प्रशांत
सुमन
ने
बताया
कि
नर्स
पर
भी
विभिन्न
धाराओं
में
केस
दर्ज
कर
जांच
शुरू
कर
दी
गई
है।
एएसपी
संदीप
मिश्रा
ने
लापरवाही
बरतने
वाले
दो
पुलिसकर्मियों
को
लाइन
अटैच
किया
गया
है।

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विसर्जित
करने
आए
थे


हजारों
लोगों
का
घेराव

भले
ही
नर्स
पर
केस
दर्ज
हो
गया
है,
लेकिन
रविवार
दोपहर
ओबीसी
महासभा
के
हजारों
लोगों
ने
थाने
का
घेराव
किया।
एडीएम
मीना
मसराम
और
एएसपी
संदीप
मिश्रा
ने
मौके
पर
पहुंचकर
प्रदर्शनकारियों
को
समझाने
की
कोशिश
की,
लेकिन
वे
मानने
को
तैयार
नहीं
हैं।
उनकी
मांग
है
कि
नर्स
को
बर्खास्त
किया
जाए
और
जिन
पुलिसकर्मियों
को
लाइन
अटैच
किया
गया
है,
उन्हें
निलंबित
किया
जाए।