
दमोह
जिले
में
मानसून
ने
दस्तक
दे
दी
है
और
बारिश
शुरू
होते
ही
किसानों
ने
खेतों
में
बोवनी
का
काम
शुरू
कर
दिया
है,
लेकिन
उन्हें
खाद
की
कमी
से
जूझना
पड़
रहा
है।
खाद
न
मिलने
से
नाराज
किसानों
ने
मंगलवार
दोपहर
दमोह-सागर
स्टेट
हाईवे
पर
चक्काजाम
कर
प्रशासन
के
खिलाफ
प्रदर्शन
किया।
इससे
दोनों
ओर
वाहनों
की
लंबी
कतारें
लग
गईं।
सूचना
मिलते
ही
सागर
नाका
चौकी
पुलिस
और
तहसीलदार
रघुनंदन
चतुर्वेदी
मौके
पर
पहुंचे
और
किसानों
को
समझाइश
देकर
धरना
समाप्त
करने
की
अपील
की।
अधिकारियों
के
आश्वासन
के
बाद
किसानों
ने
प्रदर्शन
खत्म
किया।
इसके
बाद
खाद
वितरण
भी
शुरू
कर
दिया
गया।
करीब
आधे
घंटे
तक
यह
मार्ग
बंद
रहा।
दो
बोरी
डीएपी
खाद
नाकाफी
किसानों
को
सिर्फ
दो
बोरी
डीएपी
खाद
दी
जा
रही
है,
जो
उनकी
जरूरतों
के
हिसाब
से
पर्याप्त
नहीं
है।
वह
भी
दो
से
तीन
दिन
की
लाइन
के
बाद
मिल
रही
है।
मंगलवार
सुबह
बड़ी
संख्या
में
किसान
विपणन
संघ
कार्यालय
खाद
लेने
पहुंचे
थे,
लेकिन
जब
उन्हें
मात्र
दो
बोरी
खाद
दी
गई,
तो
उन्होंने
आक्रोश
में
आकर
सड़क
पर
प्रदर्शन
शुरू
कर
दिया।
क्या
बोले
किसान?
-
दूहली
गांव
से
आए
किसान
अर्जुन
यादव
ने
बताया
कि
वे
दो
दिन
से
परेशान
हैं,
लेकिन
अब
तक
खाद
नहीं
मिल
पाई।
सिर्फ
दो
बोरी
खाद
मिलना
और
वह
भी
समय
पर
न
मिलना
बेहद
दुखद
है। -
गूंजी
गांव
के
किसान
राम
प्रसाद
पटेल
ने
कहा
कि
दो
बोरी
खाद
पर्याप्त
नहीं
है
और
वो
भी
समय
पर
नहीं
मिल
रही। -
धनगौर
गांव
के
भूपेंद्र
पटेल
और
अन्य
किसानों
ने
बताया
कि
वे
तीन
दिन
से
लाइन
में
लगे
हैं,
लेकिन
अब
तक
दो
बोरी
खाद
भी
नहीं
मिली।
पांच
बोरी
खाद
उपलब्ध
कराई
जाएगी
किसानों
की
नाराजगी
बढ़ती
देख
तहसीलदार
और
पुलिस
अधिकारी
मौके
पर
पहुंचे
और
विपणन
संघ
के
अधिकारियों
से
बातचीत
की।
किसानों
को
आश्वासन
दिया
गया
कि
उन्हें
पांच
बोरी
खाद
उपलब्ध
कराई
जाएगी।
इसके
बाद
किसानों
ने
प्रदर्शन
समाप्त
किया
और
जाम
हटा
लिया
गया।
तकरीबन
एक
घंटे
तक
दमोह-सागर
हाईवे
पर
यातायात
बाधित
रहा।
जिलेभर
में
खाद
की
किल्लत
गौरतलब
है
कि
खाद
की
कमी
समूचे
दमोह
जिले
में
किसानों
के
लिए
चिंता
का
विषय
बनी
हुई
है।
सभी
किसान
यही
मांग
कर
रहे
हैं
कि
उन्हें
पर्याप्त
मात्रा
में
खाद
समय
पर
उपलब्ध
कराई
जाए,
ताकि
वे
समय
पर
बोवनी
कर
सकें
और
फसल
उत्पादन
प्रभावित
न
हो।