
कोरोना
कल
से
देश
भर
में
आयुर्वेद
दावओं
का
चलन
तेजी
से
बढ़ा
है।
आयुर्वेद
अस्पतालों
में
मरीजों
की
भीड़
लग
रही
है।
लेकिन
आयुर्वेद
दवाई
काफी
महंगी
होने
के
कारण
मरीज
के
जेब
पर
भारी
असर
पड़ता
है।
अब
मध्य
प्रदेश
की
राजधानी
भोपाल
में
मरीजों
को
सस्ती
और
गुणवत्ता
युक्त
औषधि
मिल
पाएगी
दरअसल
भोपाल
के
पंडित
खुशीलाल
आयुर्वेद
हॉस्पिटल
में
प्रदेश
की
दूसरी
आयुर्वेद
फार्मेसी
बनाई
जा
रही
है।
उम्मीद
है
कि
इसी
साल
के
आखिरी
महीने
में
यह
फार्मेसी
शुरू
हो
जाएगी।
इसके
शुरू
होने
से
राज्य
में
आयुर्वेद
चिकित्सा
को
न
केवल
नई
गति
मिलेगी,
बल्कि
मरीजों
को
गुणवत्तापूर्ण
दवाएं
सस्ती
दरों
पर
उपलब्ध
होंगी।
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सारी
प्रक्रिया
एक
ही
परिसर
में
करने
का
प्लान
आयुर्वेद
खुशीलाल
मेडिकल
कॉलेज
के
प्रिंसिपल
डॉ
उमेश
शुक्ला
ने
बताया
कि
फार्मेसी
बानाने
का
उद्देश्य
आयुर्वेदिक
उपचार
को
आधुनिक
तकनीकों
के
साथ
जोड़कर
ऐसा
तंत्र
विकसित
करना
है,
ताकि
दवाओं
का
निर्माण,
पैकेजिंग
और
परीक्षण
एक
ही
परिसर
में
हो।
ये
प्रदेश
की
दूसरी
आयर्वेद
फार्मेसी
होगी।
जानकारी
के
लिए
बता
दें
कि
इसके
पहले
ग्वालियर
में
पहली
आयुर्वेदिक
फार्मेसी
संचालित
हो
रही
है।
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ग्वालियर
में
सामूहिक
उपवास
डॉ
उमेश
शुक्ला
ने
बताया
कि
फार्मेसी
भवन
का
निर्माण
कार्य
अंतिम
चरण
में
है।
हमारा
लक्ष्य
है
कि
यह
यूनिट
दिसंबर
2025
से
पूर्ण
रूप
से
कार्यरत
हो
जाए।
उन्होंने
बताया
कि
बिल्डिंग
बनने
के
बाद
हम
स्टाफ
की
भी
भर्ती
करने
की
तैयारी
कर
रहे
हैं।
साथ
ही
इक्विपमेंट
की
खरीदी
पर
भी
चर्चा
शुरू
हो
चुकी
है।
शुक्ला
ने
बताया
कि
434.04
लाख
से
फार्मेसी
का
निर्माण
1025
वर्ग
मीटर
क्षेत्रफल
में
किया
जा
रहा
है।
फार्मेसी
भवन
का
स्ट्रक्चर
कार्य
पूर्ण
हो
चुका
है,
दिसंबर
तक
भवन
तैयार
हो
जाएगा।
यहां
अस्पताल
में
ही
आयर्वेदिक
दवाएं
जैसे
चर्ण,
क्वाथ,
तेल,
घृत,
आसव
और
अरिष्ट
बनाई
जाएंगी।
इससे
दवाओं
की
गुणवत्ता
बेहतर
होगी
और
मरीजों
को
कम
दाम
में
उपचार
मिल
सकेगा।
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शुरू
होगी
फिल्म
बाजार
दर
से
करीब
50
प्रतिशत
तक
सस्ती
मिलेंगी
दवाएं
इस
फार्मेसी
में
तैयार
की
जाने
वाली
दवाएं
बाजार
दर
की
तुलना
में
30
से
50%
तक
सस्ती
होंगी।
यह
पहल
आमजन,
विशेषकर
गरीब
और
मध्यम
वर्ग
के
रोगियों
को
आयुर्वेदिक
चिकित्सा
का
सशक्त
विकल्प
देगी।
इससे
न
केवल
आयुर्वेद
के
प्रति
भरोसा
बढ़ेगा,
बल्कि
युवाओं
को
शोध
और
नवाचार
के
लिए
प्रेरणा
भी
मिलेगी।