
भाजपा
के
प्रदेश
अध्यक्ष
और
खजुराहो
सांसद
विष्णुदत्त
शर्मा
ने
मंगलवार
को
कांग्रेस
पर
डॉ.
भीमराव
अंबेडकर
के
खिलाफ
अन्याय
करने
का
आरोप
लगाते
हुए
तीखा
हमला
बोला।
उन्होंने
कांग्रेस
पर
पलटवार
करते
हुए
कहा
कि
कांग्रेस
और
नेहरू-गांधी
परिवार
ने
न
सिर्फ
बाबा
साहब
को
जीते
जी
अपमानित
किया,
बल्कि
मरणोपरांत
भी
उनके
विचारों
की
अनदेखी
की।
बता
दें
इससे
पहले
कांग्रेस
नेताओं
ने
भाजपा
और
आरएसएस
का
नाम
लेकर
कहा
था
कि
यह
पहले
नेहरू
और
अब
अंबेडकर
को
टॉरगेट
कर
रहे
हैं।
ग्वालियर
में
पोस्टर
लगा
कि
संविधान
के
निर्माता
बाबा
साहब
अंडेडकर
नहीं
है।
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फ्लाइट
भोपाल
में
डायवर्ट
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भाजपा
कार्यालय
में
पत्रकारों
से
चर्चा
करते
हुए
शर्मा
ने
कहा
कि
कांग्रेस
23
जून
से
जन-जागरण
अभियान
नहीं,
बल्कि
“माफी
यात्रा”
निकाले
और
बाबा
साहब
के
खिलाफ
किए
गए
कृत्यों
के
लिए
उपवास
रखे।
उन्होंने
आरोप
लगाया
कि
कांग्रेस
पार्टी
ने
डॉ.
अंबेडकर
को
1952
और
1954
के
चुनाव
में
हराया,
कानून
मंत्री
पद
से
इस्तीफा
देने
पर
मजबूर
किया
और
भारत
रत्न
तक
नहीं
दिया।
पंडित
जवाहरलाल
नेहरू
ने
एडविना
माउंटबेटन
को
पत्र
लिखकर
बाबा
साहब
अंबेडकर
के
कैबिनेट
में
न
रहने
की
खुशी
जाहिर
की
थी।
ऐसी
सोच
और
चरित्र
वाली
कांग्रेस
पार्टी
आज
बाबा
साहब
के
सम्मान
की
बात
कर
रही
है,
जो
एक
बहुत
ही
शर्मनाक
स्थिति
है।
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पद
सृजित
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सीएम
बोले-
सभी
वर्ग
के
हित
का
रखा
ध्यान
विष्णुदत्त
शर्मा
ने
कहा
कि
कांग्रेस
पार्टी
ने
डॉ.
अंबेडकर
का
एक
भी
स्मारक
नहीं
बनने
दिया।
जबकि
भाजपा
की
सरकारों
ने
बाबा
साहब
से
जुड़े
पांच
स्थानों
को
“पंच
तीर्थ”
के
रूप
में
विकसित
किया
है।
लंदन,
दिल्ली,
नागपुर,
मुंबई
और
महू
में
बाबा
साहब
की
स्मृतियों
को
सहेजने
का
काम
भाजपा
ने
किया
है। उन्होंने
कहा
कि
कांग्रेस
बाबा
साहब
के
नाम
पर
सिर्फ
वोटबैंक
की
राजनीति
कर
रही
है,
जबकि
असली
सम्मान
भाजपा
और
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
की
सरकार
ने
दिया
है।
उन्होंने
कहा
कि
राहुल
गांधी
जैसे
नेता
अब
बाबा
साहब
का
नाम
लेकर
संवैधानिक
सम्मान
की
बात
करते
हैं,
जो
जनता
के
साथ
धोखा
है।