MP News: ग्वालियर एसएसपी ने जिले के 829 पुलिसकर्मियों का एक साथ किया तबादला, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला

ग्वालियर
जिले
की
पुलिस
व्यवस्था
में
पारदर्शिता
और
निष्पक्षता
लाने
के
उद्देश्य
से
जिला
पुलिस
प्रशासन
ने
एक
बड़ा
कदम
उठाया
है।
एसएसपी
धर्मवीर
सिंह
यादव
द्वारा
जिले
के
विभिन्न
थानों
और
सर्किलों
में
लंबे
समय
से
तैनात
829
पुलिसकर्मियों
का
तबादला
किया
गया
है।
यह
तबादले
मध्यप्रदेश
के
डीजीपी
कैलाश
मकवाना
के
आदेश
पर
किए
गए
हैं। 


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इनमें
कई
पुलिसकर्मी
ऐसे
थे
जो
चार
साल
से
लगातार
एक
ही
थाने
में
तैनात
थे,
जबकि
कुछ
दस
वर्ष
या
उससे
अधिक
समय
से
उसी
थाने
में
पदस्थ
थे।
लंबे
समय
से
एक
ही
स्थान
पर
तैनाती
को
लेकर
पुलिस
महकमे
में
कई
बार
शिकायतें
और
सवाल
उठते
रहे
हैं।
कहा
जाता
है
कि
इससे

केवल
थानों
की
कार्यप्रणाली
पर
असर
पड़ता
है,
बल्कि
अपराधियों
से
गठजोड़
की
आशंका
भी
बनी
रहती
है।


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इनके
हुए
तबादले 

  • 13
    सब-इंस्पेक्टर
    (SI)
  • 43
    असिस्टेंट
    सब-इंस्पेक्टर
    (ASI)
  • 209
    प्रधान
    आरक्षक
    (Head
    Constable)
  • 563
    आरक्षक
    (Constable)


एसएसपी
धर्मवीर
सिंह
यादव
ने
बताया
कि
तबादला
प्रक्रिया
पूरी
तरह
नियमों
के
तहत
की
गई
है
और
इसका
मुख्य
उद्देश्य
पुलिसिंग
में
सुधार
लाना
है।
उन्होंने
कहा
कि
लंबे
समय
तक
एक
ही
स्थान
पर
तैनात
रहने
से

केवल
कर्मियों
की
निष्पक्षता
पर
प्रश्न
उठते
हैं,
बल्कि
जनता
के
साथ
पुलिस
के
व्यवहार
और
अपराध
नियंत्रण
में
भी
गिरावट
आती
है।
उन्होंने
स्पष्ट
किया
कि
यह
प्रक्रिया
आगे
भी
जारी
रहेगी
और
जो
भी
पुलिसकर्मी
नियमों
के
विरुद्ध
एक
ही
स्थान
पर
लंबे
समय
तक
तैनात
पाए
जाएंगे,
उनके
विरुद्ध
भी
कार्रवाई
की
जाएगी।

दअरसल,
डीजीपी
कैलाश
मकवाना
ने
सभी
जिलों
को
निर्देश
दिए
थे
कि
पुलिस
विभाग
में
निष्पक्षता
और
जवाबदेही
सुनिश्चित
करने
के
लिए
आवश्यक
कदम
उठाए
जाएं।
ग्वालियर
जिले
में
इस
आदेश
का
कड़ाई
से
पालन
करते
हुए
एक
साथ
सैकड़ों
तबादले
किए
गए
हैं।
इस
व्यापक
तबादले
से
पुलिस
महकमे
में
हलचल
मच
गई
है।
जिन
पुलिसकर्मियों
का
स्थानांतरण
हुआ
है,
उन्हें
जल्द
ही
नई
पोस्टिंग
पर
रिपोर्ट
करने
का
आदेश
दिया
गया
है।
आम
जनता
इस
बदलाव
को
सकारात्मक
रूप
में
देख
रही
है
और
उम्मीद
कर
रही
है
कि
इससे
पुलिस
थानों
में
जवाबदेही
बढ़ेगी
तथा
भ्रष्टाचार

भाई-भतीजावाद
पर
अंकुश
लगेगा।