
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
के
बफर
जोन
के
पास
स्थित
खितौली
गांव
की
ओर
जंगली
हाथियों
के
एक
बड़े
झुंड
की
आमद
से
वन
विभाग
और
टाइगर
रिजर्व
प्रबंधन
में
हड़कंप
मच
गया।
जैसे
ही
21
जंगली
हाथियों
के
मूवमेंट
की
जानकारी
मिली,
टाइगर
रिजर्व
प्रबंधन
ने
सतर्कता
बढ़ा
दी
और
रातभर
सतत
निगरानी
करते
हुए
हाथियों
को
आबादी
से
दूर
रखने
की
कोशिश
की।
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प्रबंधन
ने
स्थिति
को
गंभीरता
से
लेते
हुए
गांव
की
ओर
बढ़
रहे
हाथियों
के
झुंड
को
रोकने
के
लिए
तत्काल
रेंजर,
डिप्टी
रेंजर,
बीटगार्ड
सहित
अन्य
ग्राउंड
स्टाफ
को
तैनात
कर
दिया।
ग्रामीणों
की
सुरक्षा
को
प्राथमिकता
मानते
हुए
पूरी
रात
इलाके
में
निगरानी
की
गई
ताकि
हाथियों
को
गांव
की
ओर
बढ़ने
से
रोका
जा
सके।
विज्ञापन
ये
भी
पढ़ें-बांधवगढ़
में
पहली
बार
जंगली
हाथियों
की
हो
रही
पहचान,
बन
रही
एलीफेंट
आईडी
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
के
डिप्टी
डायरेक्टर
पीके
वर्मा
ने
बताया
कि
फील्ड
डायरेक्टर
अनुपम
सहाय
द्वारा
स्पष्ट
निर्देश
जारी
किए
गए
हैं
कि
यदि
किसी
भी
कर्मचारी
से
पहले
हाथियों
की
मूवमेंट
की
सूचना
ग्रामीणों
के
माध्यम
से
मिली
तो
उस
कर्मचारी
की
जवाबदेही
तय
करते
हुए
कठोर
कार्रवाई
की
जाएगी।
यही
कारण
रहा
कि
पूरे
फील्ड
स्टाफ
ने
सतर्कता
बरतते
हुए
रातभर
मोर्चा
संभाले
रखा।
हालांकि
हाथियों
का
झुंड
गांव
की
ओर
न
जाकर
जंगल
की
ओर
लौट
गया,
जिससे
किसी
प्रकार
की
जनहानि
या
नुकसान
नहीं
हुआ।
पहले
भी
हाथियों
की
मौत
से
मचा
था
हड़कंप
बांधवगढ़
क्षेत्र
हाल
ही
में
जंगली
हाथियों
से
जुड़ी
एक
गंभीर
घटना
के
कारण
पहले
ही
सुर्खियों
में
रहा
है।
आपको
बता
दें
कि
बांधवगढ़
नेशनल
पार्क
और
टाइगर
सफारी,
जो
मध्य
प्रदेश
ही
नहीं
बल्कि
पूरे
देश
और
विश्व
में
अपनी
जैव
विविधता
और
बाघों
की
संख्या
के
लिए
प्रसिद्ध
है,
वहां
हाल
ही
में
10
जंगली
हाथियों
की
अचानक
मौत
ने
पूरे
प्रदेश
में
हड़कंप
मचा
दिया
था।
इस
घटना
के
बाद
वन्यजीव
संरक्षण
से
जुड़ी
एजेंसियों
और
प्रशासन
की
कार्यशैली
पर
सवाल
उठने
लगे
थे।
ऐसे
में
वर्तमान
में
खितौली
गांव
के
पास
हाथियों
की
मूवमेंट
की
सूचना
मिलते
ही
प्रशासन
ने
किसी
भी
संभावित
दुर्घटना
को
रोकने
के
लिए
पहले
से
ही
सक्रिय
रूप
दिखाया।
ये
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पढ़ें-बांधवगढ़
में
बाघिन
का
आतंक,
एक
और
महिला
हुई
शिकार,
गांव
में
फैला
भय
ग्रामीणों
से
अपील,
किसी
भी
मूवमेंट
की
दें
तुरंत
सूचना
प्रबंधन
ने
आसपास
के
ग्रामीणों
से
भी
अपील
की
है
कि
यदि
वे
हाथियों
की
मौजूदगी
या
मूवमेंट
को
लेकर
कोई
गतिविधि
देखें
तो
तत्काल
वन
विभाग
को
सूचित
करें।
इससे
समय
रहते
आवश्यक
कार्रवाई
की
जा
सके
और
किसी
भी
प्रकार
की
जानमाल
की
हानि
को
टाला
जा
सके।