
सीहोर
जिले
के
समीपस्थ
ग्राम
चैनपुरा
स्थित
पीएम
श्री
स्कूल
के
प्राचार्य
आलोक
शर्मा
पर
शाला
विकास
समिति
के
10
लाख
रुपए
में
से
लगभग
ढाई
लाख
रुपए
के
गबन
का
आरोप
सिद्ध
हुआ
है।
जांच
रिपोर्ट
आने
के
बाद
जिला
शिक्षा
अधिकारी
संजय
तोमर
ने
मामले
को
संभाग
आयुक्त
के
पास
कार्रवाई
के
लिए
भेजा
था।
संभाग
आयुक्त
संजीव
सिंह
ने
प्राचार्य
आलोक
शर्मा
को
निलंबित
कर
दिया
है।
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दरअसल,
चैनपुरा
निवासी
प्राचार्य
आलोक
शर्मा
को
शाला
विकास
के
लिए
करीब
10
लाख
की
राशि
आवंटित
की
गई
थी।
आरोप
है
कि
उन्होंने
इस
राशि
में
से
लगभग
2
लाख
65
हजार
669
रुपए
का
लेखा-जोखा
पोर्टल
पर
अपलोड
नहीं
किया।
जिसे
लेकर
ग्रामीणों
ने
जिला
शिक्षा
अधिकारी
से
शिकायत
की।
शिकायत
के
आधार
पर
पीएम
श्री
स्कूल
के
ही
तीन
अन्य
प्राचार्यों
की
एक
जांच
टीम
गठित
की
गई,
जिसने
मौके
पर
पहुंचकर
जांच
की।
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मुख्यमंत्री
मोहन
यादव
ने
कही
ये
बात
जांच
के
दौरान
आलोक
शर्मा
टीम
को
उपरोक्त
राशि
का
संतोषजनक
लेखा-जोखा
प्रस्तुत
नहीं
कर
सके।
टीम
ने
अपनी
रिपोर्ट
में
इस
तथ्य
का
उल्लेख
करते
हुए
रिपोर्ट
जिला
शिक्षा
अधिकारी
को
सौंपी,
जिसे
कलेक्टर
और
राज्य
शिक्षा
संस्थान
को
अग्रिम
कार्रवाई
के
लिए
भेज
दिया
गया।
लगभग
एक
माह
तक
चली
जांच
के
बाद,
खुद
को
निर्दोष
बताने
वाले
प्राचार्य
आलोक
शर्मा
को
अंततः
निलंबित
कर
दिया
गया।
संभाग
आयुक्त
द्वारा
निलंबन
आदेश
जारी
किए
जाने
के
बाद,
श्री
आलोक
शर्मा
निलंबन
अवधि
में
जिला
शिक्षा
अधिकारी
कार्यालय
में
सेवाएं
देंगे।
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कार्रवाई
होगी’,
‘संवाद’
के
मंच
से
सीएम
का
एलान
जांच
में
मिलीं
गंभीर
अनियमितताएं
-
किसी
भी
बिल
पर
स्टॉक
पंजी
का
क्रमांक
दर्ज
नहीं
था,
न
ही
भौतिक
सत्यापन
किया
गया। -
बैंक
पासबुक
के
अनुसार
कुल
व्यय
7,53,889
रुपये
है,
जबकि
केशबुक
में
यह
8,47,429
रुपये
है। -
पीएफएमएस
पोर्टल
पर
कुल
व्यय
राशि
10,38,919
दर्शाई
गई
है। -
इस
प्रकार
जांच
टीम
को
2,65,669
रुपये
का
अंतर
मिला,
जो
गबन
की
पुष्टि
करता
है।