Sehore News: पत्नी की चाकू मारकर हत्या के बाद शव फेंक दिया था झाड़ियों में, कोर्ट ने पति को सुनाई उम्रकैद

चार
साल
पुराने
प्रकरण
में
बुधनी
कोर्ट
से
बड़ा
फैसला
आया
है।
पति
ने
अपनी
ही
पत्नी
की
चाकू
से
निर्ममता
से
हत्या
करने
के
बाद
शव
को
बुधनी
क्षेत्र
की
घनी
झाड़ियों में
फेंक
दिया
था,
ताकि
किसी
को
शंका
नहीं
हो।
जांच
उपरांत
पुलिस
ने
चालान
बुधनी
कोर्ट
में
पेश
किया
था।
अपर
सत्र
न्यायाधीश
बुधनी
वैभव
विकास
शर्मा
ने
मामले
में
हत्या
के
आरोपी
पति
को
दोषी
करार
देते
हुए
आजीवन
कारावास
एवं
आठ
हजार
रुपए
के
अर्थदंड
से
दंडित
किया
है।


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मीडिया
सेल
प्रभारी
केदार
सिंह
कौरव
ने
बताया
गया
कि
अभियोजन
की
घटना
इस
प्रकार
हैं
कि
पीड़िता
के
पिताजी
ने
16
अक्टूबर
2021
को
थाना
कोलार
जिला
भोपाल
में
गुमशुदगी
की
रिपोर्ट
लेख
कराई
थी।
मेरी
लड़की
नैना
उर्फ
शिखा
पासवान
ने
नारियल
खेडा
हाउसिंग
बोर्ड
कॉलोनी
जिला
भोपाल
निवासी
रजत
कैथवाथ
पिता
रविशंकर
कैथवास
(30)
निवासी
से
आपसी
सहमति
से
मार्च
2021
में
मंदिर
में
शादी
कर
ली
थी,
जिसको
हम
लोगों
ने
भी
सहमति
दे
दी
थी।
इसके
कुछ
दिन
बाद
दोनों
आपस
में
लड़ने
लगे
जिसे
हम
लोगों
ने
कई
बार
समझाइश
दी,
किन्तु
शिखा
आए
दिन
रजत
द्वारा
मारपीट
करने

परेशान
करने
की
शिकायत
करती
थी।
15
अक्टूबर
2021
को
करीब
6.30
बजे
मेरी
लड़की
शिखा
अपनी
स्कूटी
से
दुर्गा
जी
की
झांकी
देखने

दादी
रामकली
बाई
के
घर
रुकने
का
कहकर
घर
से
निकली
थी।
मेरी
पत्नी
ने
रात
करीब
10
बजे
लड़की
शिखा
को
फोन
लगाकर
पूछा
तो
उसने
बताया
कि
अभी
झांकी
देख
रही
हूं। इसके
बाद
हम
लोग
खाना
खाकर
सो
गए।


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Samwad: ‘लव
जिहादी
की
छाती
पर
गोली
क्यों
नहीं
मारी?
मैं
उस
बयान
पर
अब
भी
कायम’,
विश्वास
सारंग
ने
फिर
चेताया

पिता
ने
बताया
कि दूसरे
दिन
दिनांक
16
अक्टूबर
को
11
बजे
दिन
को
थाना
निशातपुरा
से
मेरे
पति
के
पास
फोन
आया
कि
आपकी
स्कूटी
पीपुल्स
माल
के
पास
में
जली
अवस्था
में
मिली
है
फिर
हमने
थाना
कोलार
में
बच्ची
शिखा
के
गुम
होने
की
रिपोर्ट
दर्ज
कराई
थी।
बाद
में
हमें
लड़की
शिखा
का
शव
बुधनी
के
जंगल
में
मिलने
की
सूचना
प्राप्त
हुई।
जांच
के
दौरान
मृतका
के
पिता
शारदा
प्रसाद
पासवान
ने
मृतका
के
शव
की
पहचान
अपनी
पुत्री
शिखा
पासवान
(24)
निवासी
राजहंस
कालोनी
सस्ता
भंडार
के
पास
कोलार
भोपाल
के
रूप
में
की
थी।
इसके
बाद
मृतका
के
शव
का
पीएम
बुधनी
अस्पताल
में
कराया
जाकर
शार्ट
पीएम
रिपोर्ट
प्राप्त
की
गई।
जिसमें
डॉक्टर
शुभम
गौतम
ने
मृतका
शिखा
पासवान
की
मौत
धारदार
हथियार
से
आई
विभिन्न
चोटों
के
कारण
खून
ज्यादा
बह
जाने
से
होना
लेख
किया
गया।
ये
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पढ़ें- MP
Samwad
2025: ‘नेता
प्रतिपक्ष
के
पद
का
अपमान’,
मोहन
यादव
की
राहुल
को
खरी
खरी;
आपातकाल
पर
कांग्रेस
को
घेरा

जांच
के
उपरांत
मृतका
शिखा
को
किसी
अज्ञात
व्यक्ति
ने
15
अक्टूबर
2021
के
शाम
6.30
बजे
से
दिनांक
17
अक्टूबर
21
के
14.50
बजे
के
बीच
धारदार
हथियार
से
मारपीट
कर
उसके
पेट
में
बाएं
तरफ,
गले,
सिर,
सीने

शरीर
के
विभिन्न
अंगों
में
चोट
पहुंचाना
और
उसकी
मौत
होना
सामने
आया
था।
मामले
में
आरोपी
एनएच
69
रोड
किनारे
झरने
के
पास
मिडघाट
सेक्शन
बुधनी
में
झाडिय़ों
में
शव
फेंककर
चला
गया
था।
पुलिस
अनुसंधान
पश्चात
अभियोग
पत्र
न्यायालय
में
प्रस्तुत
किया
गया।

प्रकरण
को
शासन
स्तर
पर
जघन्य
एवं
सनसनीखेज
श्रेणी
में
रखा
गया
था।
डीपीओ
अनिल
बादल
के
निर्देशन
में
अभियोजन
का
संचालन
विशेष
लोक
अभियोजक
पंकज
रघवुंशी
ने
किया
गया।
न्यायालय
द्वारा
अभियोजन
द्वारा
प्रस्तुत
मौखिक

दस्तावेजी
साक्ष्य
एवं
तर्कों
से
सहमत
होते
हुए
मृतका
के
पति
आरोपी
रजत
कैथवास
को
दोषी
पाते
हुए
धारा
302
भादवि
में
आजीवन
कारावास
एवं
धारा
201
भादवि
में
07
वर्ष
का
सश्रम
कारावास
एवं
कुल
आठ
हजार
रुपए
के
अर्थदंड
से
दंडित
किया
गया।