
उदयपुर
में
वाटर
कूलर
से
करंट
लगने
से
हुई
डॉक्टर
रवि
की
मौत
के
विरोध
में
जोधपुर
के
रेजिडेंट
डॉक्टरों
ने
अनिश्चितकालीन
हड़ताल
शुरू
कर
दी
है।
डॉक्टरों
ने
ओपीडी
और
सामान्य
वार्ड
की
सेवाएं
बंद
कर
दी
हैं।
हालांकि,
आपातकालीन
सेवाओं
को
हड़ताल
से
अलग
रखा
गया
है।
हड़ताल
कर
रहे
डॉक्टरों
की
मांग
है
कि
मृतक
डॉक्टर
के
परिजनों
को
मुआवजा
दिया
जाए
और
जिम्मेदार
अधिकारियों
के
खिलाफ
सख्त
कार्रवाई
की
जाए।
दरअसल,
अब
तक
रेजिडेंट
डॉक्टर
दो
घंटे
का
सांकेतिक
कार्य
बहिष्कार
कर
रहे
थे,
लेकिन
शुक्रवार
से
उन्होंने
अनिश्चितकालीन
हड़ताल
शुरू
कर
दी
गई
है।
संभाग
के
सबसे
बड़े
मथुरादास
माथुर
अस्पताल
के
उप
अधीक्षक
डॉ.
धर्मेंद्र
गुर्जर
ने
बताया
कि
हड़ताल
को
देखते
हुए
अस्पताल
प्रशासन
ने
वैकल्पिक
व्यवस्थाएं
की
हैं,
ताकि
मरीजों
को
परेशानी
न
हो।
उन्होंने
बताया
कि
इमरजेंसी
सेवाओं,
ऑपरेशन
थिएटर
और
लेबर
रूम
के
लिए
विशेष
प्रबंध
किए
गए
हैं।
वरिष्ठ
फैकल्टी
ने
मोर्चा
संभाल
लिया
है
और
जूनियर-सीनियर
रेजिडेंट
भी
सहयोग
कर
रहे
हैं।
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जुड़े
अस्पतालों
में
असर
जोधपुर
के
एसएन
मेडिकल
कॉलेज
और
उससे
संबंधित
अस्पतालों
में
कुल
490
से
अधिक
रेजिडेंट
डॉक्टर
कार्यरत
हैं।
हड़ताल
के
कारण
स्वास्थ्य
सेवाएं
प्रभावित
होने
की
आशंका
है। गौरतलब
है
कि
उदयपुर
में
वाटर
कूलर
में
करंट
आने
से
डॉ.
रवि
की
मौत
हो
गई
थी।
इसके
बाद
प्रदेशभर
के
रेजिडेंट
डॉक्टरों
ने
नाराजगी
जताते
हुए
प्रदर्शन
शुरू
किया
था।
डॉक्टरों
की
मांग
है
कि
ऐसी
लापरवाही
पर
तत्काल
कार्रवाई
हो,
जिससे
भविष्य
में
ऐसी
घटनाएं
दोबारा
न
हों।