
इंदौर
के
आगरा-मुंबई
राष्ट्रीय
राजमार्ग
पर
लगा
जाम
जानलेवा
साबित
हो
चुका
है,
लेकिन
उसे
दूसरे
दिन
भी
नहीं
खोला
जा
सका।
इंदौर
में
एसी
हाॅल
मेें
कलेक्टर
सहित
अन्य
अफसर
ट्रैफिक
सुधार
के
लिए
बैैठक
कर
रहे
थे,
उधर
जाम
में
फंसे
लोगों
की
जान
जाती
रही।जाम
मेें
वीआईपी
से
लेकर
मरीज
और
शव
भी
फंसे
रहे।
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शनिवार
सुबह
छह
बजे
तक
अर्जुन
बड़ौद
से
डकाच्या
तक
दूसरे
दिन
भी
महाजाम जारी
रहा।
मांगलिया
तक
बाइपास
से
गुजर
रहे
वाहनों
की
स्पीड
80
से
100
किलोमीटर
प्रति
घंटा
रही,
लेकिन
अर्जुन
बड़ौद
आते
ही
स्पीड
का
कांटा
जीरो
हो
रहा
है
और
घंटों
तक
वाहन
टस
से
मस
नहीं
हो
पा
रहे
हैै।
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इंदौर
से
सुबह
पांच
बजे
भोपाल
जाने
के
लिए
निकले
महेंद्र
वर्मा
ने
बताया
कि
सुबह
छह
बजे
हम
अर्जुन
बड़ौद
गांव
पहुंचे,
लेकिन
काम
जाम
में
फंस
गई।
दो
घंटे
में
400
मीटर
भी
नहीं
चल
पाए
है।
कार
में
फंसे
संजय
यादव
ने
कहा
कि
वे
सेंधवा
से
आ
रहे
है।
रात
दो
बजे
से
ट्रैफिक
जाम
में
फंसे
है।
जाम
खुलवाने
के
लिए
कोई
आगे
नहीं
आ रहा
है।
धीरे-धीरे
ट्रैफिक
रेंग
रहा
है।
जाम
में
फंसने
से
कुछ
देर
पहले
ही
टोल
टैक्स
कटवाया
था।
यदि
वहां
ट्रैफिक
जाम
का
बोल
दिया
जाता
तो
हम
लौट
जाते।
उज्जैन
जाकर
देवास
जा
रहे
वाहन
जिन
लोगों
को
भोपाल
की
तरफ
जाना
है।
वे
अब
जाम
से
बचने
के
लिए
लंबा
रास्ता
अपना
रहे
है।
वे
पहले
इंदौर
से
उज्जैन
जा
रहे
है।
फिर
वहां
से
देवास
होते
हुए
भोपाल
की
तरफ
जा
रहे
है।
उन्हें
अतिरिक्त
70
किलोमीटर
का
सफर
करना
पड़
रहा
है।
भारी
वाहनों
के
लिए
कोई
वैकल्पिक
व्यवस्था
नहीं
है।
अर्जुन
बड़ौद
गांव
में
ब्रिज
निर्माण
के
कारण
ट्रैफिक
को
सर्विस
रोड
पर
शिफ्ट
किया
गया
है,
लेकिन
सर्विस
रोड
पर
गड्ढे
हो
चुके
है।
वाहनों
की
स्पीड
कम
हो
रही
है।
इस
कारण
यातायात
बाधित
हो
रहा
है।