
दक्षिण
वनमंडल
के
शहडोल-रीवा
मार्ग
पर
रोहनिया
टोल
प्लाजा
के
निकट
बाघ
के
देखे
जाने
की
सूचना
ने
स्थानीय
निवासियों
में
दहशत
फैला
दी
है।
शुक्रवार
की
शाम
कुछ
लोगों
ने
बाघ
को
सड़क
पार
करते
हुए
अपने
कैमरे
में
कैद
किया,
जिसका
वीडियो
सोशल
मीडिया
पर
तेजी
से
वायरल
हो
रहा
है।
इसके
बाद
से
वन
विभाग
भी
सक्रिय
हो
गया
है,
मौके
पर
टीम
को
भी
भेजा
गया
है।
दस
दिन
के
भीतर
दूसरी
बार
बाघ
को
इसी
क्षेत्र
में
देखाई
दिया
है।
डीएफओ
दक्षिण
वनमंडल
श्रद्धा
पन्द्रे
के
अनुसार,
बाघ
के
मूवमेंट
की
सूचना
मिलते
ही
टीम
को
मौके
पर
भेजा
गया।
हालांकि,
अब
बाघ
वहां
से
चला
गया
है।
यह
पहली
बार
नहीं
है
जब
इस
क्षेत्र
में
बाघ
की
उपस्थिति
देखी
गई
हो।
दस
दिन
पहले
क्षीरसागर
मार्ग
के
बिजौरी
के
समीप
भी
बाघ
देखे
जाने
की
सूचना
मिली
थी,
जिसके
बाद
वन
विभाग
ने
निगरानी
बढ़ा
दी
थी।
स्थानीय
निवासी
रोहित
यादव
ने
बताया,
यह
मार्ग
शहडोल
को
बिजौरी
से
जोड़ता
है।
ग्रामीणों
का
आना-जाना
दिन-रात
बना
रहता
है,
बाघ
दिखने
के
बाद
सभी
दहशत
में
हैं।
हमें
लगता
है
कि
वन
विभाग
की
गश्ती
प्रभावी
नहीं
है।
बाघ
के
दिखने
के
बाद
सूचना
देने
के
बावजूद
विभाग
देर
से
पहुंचता
है।
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डिप्टी
रेंजर
प्रकाश
शुक्ला
ने
बताया,
हमने
गश्ती
दल
को
सक्रिय
किया
है,
जो
लगातार
क्षेत्र
में
गश्त
कर
रहा
है।
विभाग
बाघ
की
गतिविधियों
पर
नजर
रख
रहा
है।
यहां
टाइगर
पहले
से
रहता
है
और
यह
उसका
सुरक्षित
क्षेत्र
है।
हमारी
टीम
लगातार
निगरानी
कर
रही
है।
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हरीसिंह
विवि
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मॉडलिंग,
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शुरू
होंगे
नए
कोर्स
जिस
क्षेत्र
में
बाघ
देखा
गया
है,
वहां
से
महज
कुछ
दूरी
पर
गांव
की
बस्ती
है,
जिससे
लोगों
में
काफी
दहशत
का
माहौल
है।
वन
विभाग
अपना
काम
कर
रहा
है,
लेकिन
ग्रामीणों
में
डर
बना
हुआ
है।
लोगों
का
कहना
है
कि
यह
मार्ग
गांव
जाने
का
प्रमुख
रास्ता
है।
मुख्यालय
से
काम
खत्म
कर
लौटते
समय
शाम
और
रात
में
यहां
से
गुजरना
पड़ता
है।
बाघ
की
मौजूदगी
से
खतरा
बना
हुआ
है।