Bhopal: भोपाल में सांची नारियल पानी का प्रयोग हुआ फेल, 2 हजार से ज्यादा बोतलें हुई एक्सपायरी, खत्म होगा अनुबंध


अक्टूबर
2024
में
भोपाल
दूध
संघ
ने
भोपाल
में
‘सांची
नैचुरल
नारियल
पानी’
बाजार
में
उतारा
था।
लेकिन
भोपाल
की
जनता
ने
इसे
पसंद
नहीं
किया
और
दुग्ध
संघ
को
भारी
नुकसान
हुआ
है।
हालात
यहां
तक
पहुंच
गए
हैं
कि
2
हजार
से
ज्यादा
बोतलें
एक्सपायरी
हो
गई
हैं।
दुग्ध
संघ
कि
अधिकारियों
का
कहना
है
कि
कहना
है
कि
एक
भी
बोतल
के
ग्राहक
नहीं
मिलते
हैं।
इसी
कारण
पार्लर
संचालक
इसे
लेने
से
इन्कार
कर
रहे
हैं।
जानकारी
के
लिए
बता
दें
कि
सांची
का
यह
उत्पाद
(नारियल
पानी)
तमिलनाडु
के
पोलाची
संयंत्र
से
पैक
होकर
आता
है।
जानकारी
के
मुताबिक
अब
कंपनी
के
साथ
अनुबंध
समाप्त
करने
की
तैयारी
दुग्ध
संघ
कर
रहा
है।


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इसलिए
फेल
हुआ
यह
प्रोजेक्ट 

गौरतलब
है
कि
सांची
द्वारा
नारियल
पानी
की
200
मिलीलीटर
की
बोतल
50
रुपये
में
बेंची
जा
रही
है
और
आम
उपभोक्ताओं
को
यह
कीमत
रास
नहीं

रही।
बाजार
में
300
से
400
मिलीलीटर
तक
का
नारियल
पानी
40-50
रुपए
में
मिल
जाता
है।
यह
बोतलबंद
पेय
की
तुलना
में
अधिक
विश्वसनीय
है।
ऐसे
में
सांची
का
यह
उत्पाद
ग्राहकों
को
महंगा
लगने
लगा।
ग्राहकों
की
बेरुखी
के
चलते
सांची
पार्लरों
में
ये
बोतलें
खराब
होने
लगी
हैं।
पार्लर
संचालकों
का
कहना
है
कि
सांची
नारियल
पानी
की
एक
पेटी
में
36
बोतल
होती
हैं।
इसकी
कुल
लागत
1,680
रुपये
है।
बिक्री

होने
के
कारण
वे
लोग
35
रुपये
या
उससे
भी
कम
दाम
पर
भी
बेच
रहे
हैं,
ताकि
बड़े
नुकसान
से
बचा
जा
सके।
अभी
हालात
ऐसे
हैं
कि
यह
उत्पाद
इस
कीमत
पर
भी
नहीं
बिक
रहा
है।
इसकी
वजह
से
दुकानदारों
को
सीधा
नुकसान
हो
रहा
है।
कई
पार्लर
संचालकों
ने
पिछले
दो
महीनों
से
स्टाक
लेने
से
इन्कार
कर
दिया
है।


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CM
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जा
रही
NSUI
को
पुलिस
ने
किया
गिरफ्तार,
BJP
का
पलटवार


कंपनी
से
तीन
साल
के
लिए
किया
था
करार

जानकारी
के
लिए
बता
दें
कि
दुग्ध
संघ
ने
अगस्त
2024
से
अगस्त
2027
तक
तीन
साल
के
लिए
एक
निजी
कंपनी
से
करार
किया
था।
लेकिन
अब
बिक्री
नहीं
होने
के
कारण
यह
करार
समय
से
पहले
समाप्त
करने
की
तैयारी
की
जा
रही
है।
दुग्ध
संघ
ने
कंपनी
को
पत्र
भेजकर
बचे
हुए
माल
को
वापस
लेने
की
मांग
की
है।
अगर
कंपनी
ने
माल
वापस
नहीं
लिया
तो
दुग्ध
संघ
इसे
नो
प्राफिट-नो
लास
के
आधार
पर
बेचेगा।
वर्तमान
में
सांची
25
तरह
के
उत्पाद
बाजार
में
बेच
रहा
है।


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प्रदेश
उपाध्यक्ष
को
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से
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राहत, नर्सिंग
चयन
परीक्षा
2025
में
शामिल
होने
की
मिली
अनुमति


कंपनी
की
भी
थी
जिम्मेदारी 

भोपाल
दुग्ध
संघ
के
सीईओ
प्रीतेश
जोशी
ने
बताया
कि
नारियल
बेचने
का
अनुबंध
मेरे
समय
नहीं
हुआ
था।
हालांकि
जिस
कंपनी
से
अनुबंध
हुआ
है
उसमें
कहा
गया
था
की
मार्केट
में
इसे
बेचने
में
कंपनी
भी
मदद
करेगी
अब
कंपनी
भाग
रही
है।
संघ
जल्द
ही
यह
करार
समाप्त
करेगा,
ताकि
पार्लर
संचालकों
को
और
नुकसान

उठाना
पड़े।
उन्होंने
बताया
कि
हमारे
पास
2000
से
बोतलें
एक्सपायरी
हो
गई
है
जिससे
संघ
को
नुकसान
हो
रहा
है
हमने
कंपनी
से
कहा
है
कि
यह
वाटल
वापस
ले
जाएं।