
सावधान!
अगर
भोपाल
नगर
निगम
से
जन्म-मृत्यु
प्रमाण-पत्र
बनवाने
के
लिए
कोई
भी
व्यक्ति
या
दलाल
आपसे
वादा
करता
है
तो
सतर्क
हो
जाएं।
हो
सकता
है
कि
कि
वह
भोपाल
नगर
निगम
की
वेबसाइट
जैसी
फर्जी
वेबसाइट
के
जरिए
20
रुपये
में
ऑनलाइन
जन्म-मृत्यु
सर्टिफिकेट
बनवाकर
दे
रह
हैं।
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जी
हां,
भोपाल
में
एक
ऐसा
ही
गिरोह
कार्य
कर
रहा
है।
कोलार
की
एक
महिला
इसी
तरह
के
गिरोह
के
चंगुल
में
फंसकर
20
रुपये
देकर
चंद
घंटे
में
अपने
बच्चे
का
जन्म-प्रमाण
पत्र
बनवाकर
ले
गई
थी।
उसमें
कुछ
सुधार
कराना
था
तो
नगर
निगम
की
जन्म-मृत्यु
प्रमाण
पत्र
शाखा
में
आवेदन
किया,
आवेदन
पर
कार्रवाई
के
दौरान
पता
चला
कि
भोपाल
नगर
निगम
के
सर्वर
और
जन्म-मृत्यु
प्रमाण-पत्र
बनाने
वाले
पोर्टल
में
उक्त
बच्चे
का
कोई
डाक्यूमेंट
ही
नहीं
है।
ऐसे
में
खुलासा
हुआ
कि
भोपाल
में
कोई
तो
है
जो
भोपाल
नगर
निगम
की
वेबसाइट
जैसी
फर्जी
वेबसाइट
के
जरिए
20
रुपये
में
प्रमाण-पत्र
बनाए
जा
रहे
हैं।
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पूरा
मामला
महिला
की
शिकायत
के
बाद
मचा
हड़कंप,
दर्ज
कराया
प्रकरण
जानकारी
के
अनुसार
विशाल
प्रजापति
कोलार
के
रहने
वाले
हैं।
उनके
बेटे
का
जन्म-प्रमाण
पत्र
किसी
दलाल
के
माध्यम
से
बनवाया
गया
था।
प्रमाण-पत्र
में
सरनेम
में
सुधार
करना
था
तो
विशाल
की
पत्नी
दलाल
से
संपर्क
न
करते
हुए
सीधी
नगर
निगम
की
जन्म-मृत्यु
प्रमाण
पत्र
शाखा
में
पहुंची
और
आवेदन
दे
दिया।
महिला
के
आवेदन
के
बाद
खुलासा
हुआ
कि
कोई
ठग
गिरोह
फर्जी
वेबसाइट
के
जरिए
प्रमाण
पत्र
बनाकर
बेच
रहा
है
वह
भी
बिना
दस्तावेजों
के,
बिना
सत्यता
के।
फर्जी
प्रमाण-पत्र
में
भोपाल
नगर
निगम
के
जन्म-मृत्यु
प्रमाणत्र
के
रजिस्ट्रार
सत्यप्रकाश
बड़गैयां
के
ओरिजनल
जैसे
हस्ताक्षर
हैं।
इसके
बाद
भोपाल
नगर
निगम
में
हड़कंप
मच
गया
और
आनन-फानन
में
अधिकारियों
ने
गोविंदपुरा
थाने
में
शिकायत
की।
गोविंदपुरा
पुलिस
ने
प्रकरण
दर्ज
कर
जांच
शुरू
कर
दी
है।
जांच
में
भोपाल
क्राइम
ब्रांच
की
साइबर
शाखा
को
भी
शामिल
किया
गया
है।
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में
अलर्ट
दिखने
में
असली
जैसा
है
नकली
जन्म
प्रमाण पत्र
भोपाल
नगर
निगम
के
नगर
निगम
के
जन्म-मृत्यु
प्रमाण
शाखा
के
रजिस्ट्रार
सत्यप्रकाश
बड़गैंया
ने
बताया
कि
फर्जी
वेबसाइट
के
जरिए
बनाया
गया
दस्तावेज
दिखने
में
तो
असली
जैसा
दिखता
है,
लेकिन
नगर
निगम
के
पोर्टल
में
इसका
कोई
रिकॉर्ड
नहीं
है।
नगर
निगम
के
अधिकारियों
ने
जब
पोर्टल
पर
स्कैन
किया
तो
सर्टिफिकेश
फर्जी
वेबसाइट
से
बनाया
गया
निकला।
प्रमाण-पत्र
में
रजिस्ट्रार
के
हूबहू
डिजिटल
हस्ताक्षर
मौजूद
थे।
सबसे
बड़ी
हैरानी
की
बात
है
कि
फर्जी
वेबसाइट
में
कोई
भी
दस्तावेज
नहीं
मांगा
जाता,
जो
ऑनलाइन
फार्म
में
भर
दिया
जाता
है,
उसी
के
आधार
पर
चंद
मिनट
में
प्रमाण-पत्र
तैयार
हो
जाता
है।
ठग
गिरोह
भोपाल
नगर
निगम
के
बाहर
अपने
कई
दलालों
को
छोड़
रखा
है,
जो
प्रमाण-पत्र
बनवाने
वाले
लोगों
को
जल्दी
प्रमाण-पत्र
बनवाकर
देने
का
झांसा
देकर
फर्जी
पोर्टल
से
प्रमाण
पत्र
बनवाकर
दे
रहे
हैं।
फर्जी
पोर्टल
पर
मात्र
20
रुपये
में
प्रमाण-पत्र
बनाकर
दिया
जा
रहा
है।
नगर
निगम
के
अधिकारियों
को
आशंका
है
कि
इस
तरह
कई
नकली
प्रमाण-पत्र
अब
तक
जारी
किए
जा
चुके
होंगे।
आम
जनता
के
लिए
जारी
की
एडवाइजरी
भोपाल
नगर
निगम
ने
आम
नागरिकों
के
लिए
एडवाइजरी
जारी
करते
हुए
कहा
है
कि
सभी
नागरिकों
से
अपील
की
जाती
है
कि
वे
केवल
सरकारी
वेबसाइट
का
ही
उपयोग
करें।
किसी
भी
दलाल
या
एजेंट
से
दस्तावेज
न
बनवाएं।
अगर
कोई
प्रमाण-पत्र
संदिग्ध
लगे,
तो
पोस्ट
स्कैनिंग
जरूर
कराएं।
नकली
सर्टिफिकेट
इस्तेमाल
करने
पर
कानूनी
कार्रवाई
संभव
है,
इससे
बचें।