Sehore News: गलत कीटनाशक से कई एकड़ फसल खराब, प्रशासन ने 73 किलो फफूंद नाशक दवा जब्त, बिक्री पर भी लगाई रोक

सीहोर जिले
की
कीटनाशक
दुकानों
पर
अवैध
तरीके
से
नकली
कीटनाशक
और
खेती
से
संबंधित
दवाएं
बेची
जा
रही
हैं।
इन
दुकानों
में
नकली
दवाइयों
की
बिक्री
भी
जमकर
हो
रही
है।
गलत
कीटनाशक
की
पोल
उस
समय
और
खुलकर
सामने

गई,
जब
आष्टा
के
पगारिया
राम
के
एक
किसान
की
फफूंद
नाशक
दवा
से
पूरी
सोयाबीन
फसल
की
बोवनी
खराब
हो
गई।
आष्टा
के
कई
गांवों
में
नकली
कीटनाशक
बेचकर
किसानों
को
लाखों
की
चपत
लगाई
जा
रही
है।


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दरअसल,
आष्टा
ब्लाक
में
आने
वाले
गांव
परोलिया
पार
के
किसान
उदय
सिंह
सेंधव
की
शिकायत
पर
कृषि
विभाग
के
उपसंचालक
अशोक
उपाध्याय
और
तहसीलदार
आरएल
पगारे
के
नेतृत्व
में
गठित
संयुक्त
जांच
दल
ने
कन्नौद
रोड
कॉलोनी
चौराहे
पर
स्थित
कीटनाशक
दवा
विक्रेता
पाटीदार
ट्रेडर्स
पर
छापामार
मारा।
किसान
उदय
सिंह
ने
इस
मामले
की
लिखित
शिकायत
पार्वती
थाना
पुलिस
की
दी
थी।
शिकायतकर्ता
किसान
ने
बताया
कि
उसने
अंबिका
पाटीदार
ट्रेडर्स
से
सोयाबीन
की
बोवनी
के
पहले
बीजोपचार
के
लिए
फफूंद
नाशक
दवा
सुपर
907
खरीदी
थी,
जिसे
बीजोपचार
कर
10
एकड़
में
सोयाबीन
बोया,
लेकिन
पूरी
फसल
खराब
हो
गई।
दुकानदार
से
शिकायत
करने
पर
उसके
द्वारा
गुंडागर्दी पूर्ण
व्यवहार
किया
गया।
किसान
ने
खराब
दवा
के
कारण
करीब
5
लाख
के
नुकसान
होने
की
बात
कही
है। 


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सफर
कैसा?


73
किलो
उक्त
फफूंद
नाशक
दवा
जब्त 

किसान
की
शिकायत
पर
कृषि
विभाग
की टीम
अंबिका
पाटीदार
ट्रेसर्स
पर
पहुंची।
जांच
के
बाद
दुकान
में
रखी
73
किलो
उक्त
फफूंद
नाशक
दवा
जब्त
कर,
उसके
विक्रय
पर
भी रोक
लगाने
के
आदेश
दिए।
इसी
तरह
की
शिकायत
ग्राम
चुपाडिया,
तरली,
खजूरिया
घेत्री,
खेमपुर
गुलरिया
ग्राम
के
किसानों
ने
भी
की
है।
बताया
जा
रहा
है
कि
उक्त
दवा
से
कई
एकड़
में
बोई
सोयाबीन
की
फसल
खराब
हुई
है।
तहसीलदार
आरएल
पगारे
ने
कहा
कि
गलत
कीटनाशक
बेचने
सहित
अन्य
गड़बड़ियां करने
वाले
दुकानदारों
को
वख्शा
नहीं
जाएगा।
उन
पर
कार्रवाई
की
जाएगी।