Damoh Fake Doctor: अस्पताल और डॉक्टर दोनों फर्जी, लापरवाही से हुई सात मौतें; जानें आयोग की रिपोर्ट में और क्या

दमोह
शहर
की
मिशन
अस्पताल
में
हुई
सात
मरीजों
की
मौत
मामले
में
राष्ट्रीय
मानव
अधिकार
आयोग
की
जांच
रिपोर्ट
सामने

गई
है।
अस्पताल
की
कैथ
लैब
और
वहां
पर
सेवा
देने
वाले
डॉक्टर
नरेंद्र
यादव
उर्फ
एन
जॉन
केम
को
फर्जी
बताया
गया
है।
इसके
अलावा
मिशन
अस्पताल
में
मरीजों
को
आयुष्मान
कार्ड
के
नाम
पर
मिलने
वाली
सुविधाओं
में
भी
बड़े
फर्जीवाड़े
की
बात
कही
गई
है।
साथ
ही
तत्कालीन
सीएमएचओ
डॉक्टर
मुकेश
जैन
की
प्रशासनिक
जांच
के
भी
आदेश
दिए
गए
हैं।
इस
जांच
रिपोर्ट
का
तीन
महीने
से
इंतजार
किया
जा
रहा
था,
जो
बुधवार
को
सामने
आई।
हालांकि
अभी
कलेक्टर
ने
रिपोर्ट

मिलने
की
बात
कही
है।


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आयोग
की
जांच
रिपोर्ट
के
आधार
पर
मिशन
अस्पताल
और
उसकी
प्रबंध
समिति
पर
सात
अलग-अलग
एफआईआर
दर्ज
करने
के
आदेश
भी
जारी
किए
गए
हैं।
मिशन
अस्पताल
के
विदेशी
फंडिंग
सहित
ईओडब्ल्यू
को
फर्जीवाड़े
की
जांच
की
सिफारिश
की
गई
है।
मिशन
अस्पताल
में
पदस्थ
फर्जी
कार्डियोलॉजिस्ट
डॉक्टर
एन
जॉन
केम
पर
आरोप
है
कि
उसने
फर्जी
डिग्री
के
आधार
पर
दमोह
के
सात
मरीजों
की
एंजियोप्लास्टी
की।
उसकी
लापरवाही
से
मरीजों
की
जान
चली
गई।
इस
मामले
को
भी
आयोग
ने
संज्ञान
में
लिया
था।
आयोग
की
जांच
रिपोर्ट
में
मिशन
अस्पताल
प्रबंधन
और
डॉक्टर
केम
से
10-10
लाख
की
जुर्माना
राशि
सभी
सात
मृतकों
के
परिजनों
को
देने
के
आदेश
दिए
गए
हैं।


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व्हिसल
ब्लोअर
एक्ट
के
तहत
दी
जाए
सुरक्षा

इस
लापरवाही
की
शिकायत
राष्ट्रीय
मानव
अधिकार
आयोग
में
करने
वाले
बाल
कल्याण
समिति
के
अध्यक्ष
अधिवक्ता
दीपक
तिवारी
और
पीड़ित
कृष्णा
पटेल
को
व्हिसल
ब्लोअर
एक्ट
के
तहत
सुरक्षा
प्रदान
किए
जाने
के
निर्देश
भी
दिए
गए
हैं।

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मंत्री
धर्मेंद्र
प्रधान
बोले-
खंडेलवाल
का
सहज
नेतृत्व
बीजेपी
को
नई
ऊंचाइयों
तक
ले
जाएगा


सीएमएचओ
जांच
को
दबाए
रखें

बाल
कल्याण
समिति
के
अध्यक्ष
तिवारी
ने
बताया
कि
इस
साल
जनवरी
से
लेकर
फरवरी
तक
एक
फर्जी
डॉक्टर
एन
जॉन
केम
ने
सात
हृदय
रोगी
मरीजों
का
इलाज
कर
हार्ट
सर्जरी
की
थी।
जिससे
उनकी
मौत
हो
गई
थी।
इस
मामले
की
शिकायत
मैंने
कलेक्टर
से
की
थी।
कलेक्टर
ने
सीएमएचओ
को
जांच
के
आदेश
दिए
थे,
लेकिन
सीएमएचओ
डॉक्टर
मुकेश
जैन
दो
महीने
तक
इस
जांच
को
दबाकर
बैठे
रहे।
इसके
बाद
मुझे
राष्ट्रीय
मानव
अधिकार
आयोग
में
शिकायत
करनी
पड़ी।
आयोग
की
टीम
ने
आकर
इस
मामले
की
जांच
की।
मरीजों
के
परिजनों
से
बात
की।
उसके
बाद
अब
जांच
रिपोर्ट
आई
है।
उसमें
मिशन
अस्पताल
के
प्रमुख
डॉ.
अजय
लाल
सहित
अन्य
लोग
भी
आरोपी
हैं।


सरकारी
भूमि
पर
अस्पताल

शिकायतकर्ता
दीपक
तिवारी
ने
बताया
जांच
में
यह
भी
स्पष्ट
हुआ
है
कि
यह
अस्पताल
सरकारी
भूमि
पर
अतिक्रमण
कर
बनाया
गया
है।
आयोग
ने
अस्पताल
का
रजिस्ट्रेशन
रद्द
करने
के
लिए
भी
लिखा
है।
तिवारी
ने
कहा
कि
अब
जिला
प्रशासन
के
ऊपर
निर्भर
करता
है
कि
वह
इस
मामले
में
कितनी
जल्दी
कार्रवाई
कर
उन
पीड़ितों
को
न्याय
दिलाएंगे।

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बोला-
मैं
शिलांग
जाकर
सोनम
से
मिलूंगा


कलेक्टर
ने
कहा
मेरे
पास
नहीं
आई
जांच
रिपोर्ट

आयोग
की
जांच
रिपोर्ट
के
मामले
में
कलेक्टर
सुधीर
कोचर
का
कहना
है
कि
अभी
उनके
पास
जांच
रिपोर्ट
नहीं
आई
है।
रिपोर्ट
मिलेगी
उसका
अध्ययन
करने
के
बाद
ही
जानकारी
दे
पाएंगे।
बता
दें
सात
मरीजों
की
मौत
के
मामले
में
आरोपी
डॉक्टर
केम
तीन
महीने
से
जेल
में
है,
उसके
खिलाफ
छत्तीसगढ़
के
बिलासपुर
में
भी
मामला
दर्ज
हुआ
है।
इसके
अलावा
डॉ.
अजय
लाल
और
प्रबंध
समिति
सदस्यों
पर
भी
एफआईआर
दर्ज
है।
इनकी
गिरफ्तारी
के
लिए
इनाम
घोषित
है।