Dindori News: अनूपपुर से आए जंगली हाथियों ने डिण्डौरी में मचाया उत्पात, कई मकानों को किया क्षतिग्रस्त

जिले
के
वन
परिक्षेत्र
डिण्डौरी
अंतर्गत
बसनिया
गांव
के
पास
जंगल
में
इन
दिनों
चार
हाथियों
का
दल
आतंक
का
कारण
बना
हुआ
है।
यह
दल
अनूपपुर
जिले
से
डिण्डौरी
की
सीमा
में
दाखिल
हुआ
है
और
बीते
कुछ
दिनों
से
लगातार
गांवों
के
आसपास
घूम
रहा
है।
हाथियों
की
मौजूदगी
से
क्षेत्र
के
ग्रामीणों
में
दहशत
का
माहौल
है।


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वन
विभाग
से
प्राप्त
जानकारी
के
अनुसार,
इन
हाथियों
ने
बरवारा
गांव
में
राय
सिंह
के
मकान
को
और
खाल्हे
भवरखंडी
गांव
में
राजकुमारी
के
मकान
को
नुकसान
पहुंचाया
है।
ग्रामीणों
का
कहना
है
कि
रात
के
समय
हाथियों
की
चिंघाड़ें
सुनाई
देती
हैं,
जिससे
लोग
पूरी
रात
जागकर
गुजार
रहे
हैं।
कई
ग्रामीण
अपने
परिवारों
के
साथ
सुरक्षित
स्थानों
पर
चले
गए
हैं।


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डिण्डौरी
वन
परिक्षेत्र
के
रेंजर
सुदीप
मिश्रा
ने
बताया
कि
वन
विभाग
की
टीमें
लगातार
हाथियों
की
गतिविधियों
पर
नजर
रख
रही
हैं।
हाथियों
को
नुकसान
पहुंचाए
बिना
उन्हें
वापस
अनूपपुर
के
जंगलों
की
ओर
भेजने
का
प्रयास
किया
जा
रहा
है।
इसके
लिए
विभाग
ने
हाथी
मित्र
दल
और
रैपिड
रिस्पांस
टीम
को
भी
अलर्ट
मोड
पर
रखा
है।
किसी
भी
सूचना
पर
ये
टीमें
तत्काल
मौके
पर
पहुंचकर
आवश्यक
कार्रवाई
करेंगी।

ये
भी
पढ़ें- एक
बार
फिर
युवकों
ने
मचाया
उत्पात,
घरों
के
बाहर
खड़े
वाहनों
में
लगाई
आग,
तलाश
में
जुटी
पुलिस


सतर्कता
बरतने
की
सलाह

वन
विभाग
ने
ग्रामीणों
को
विशेष
सतर्कता
बरतने
की
सलाह
दी
है।
विशेषकर
कच्चे
मकानों
में
रहने
वाले
परिवारों
को
अपने
घर
अस्थायी
रूप
से
खाली
करने
को
कहा
गया
है।
वन
विभाग
का
मानना
है
कि
यह
हाथियों
का
दल
जल्द
ही
जोहिला
नदी
पार
करके
पुनः
अनूपपुर
की
दिशा
में
लौट
सकता
है।
गुरुवार
सुबह
यह
दल
जोहिला
नदी
के
किनारे
देखा
गया
था,
जिससे
इस
अनुमान
को
बल
मिला
है।


मुआवजे
की
मांग

हाथियों
से
प्रभावित
ग्रामीणों
को
राहत
देने
की
प्रक्रिया
भी
शुरू
कर
दी
गई
है।
जिन
लोगों
के
मकान
या
संपत्ति
को
नुकसान
हुआ
है,
उन्हें
नियमानुसार
मुआवजा
दिया
जाएगा।
इस
संबंध
में
स्थानीय
वन
अधिकारी
द्वारा
सर्वे
कर
रिपोर्ट
तैयार
की
जा
रही
है।
स्थानीय
जनप्रतिनिधियों
ने
भी
प्रशासन
से
अपील
की
है
कि
प्रभावित
ग्रामीणों
को
शीघ्र
मुआवजा
उपलब्ध
कराया
जाए
और
क्षेत्र
में
हाथियों
के
लगातार
बढ़ते
आक्रांत
को
रोकने
के
लिए
दीर्घकालिक
योजना
तैयार
की
जाए।

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में
काम
कर
रहे
किसान
पर
भालू
ने
किया
हमला,
सिर
में
गंभीर
चोट


हाथियों
के
आने
की
वजह
भोजन-पानी
की
कमी 

हाथियों
के
अचानक
इस
तरह
से
रिहायशी
इलाकों
की
ओर
बढ़ने
के
पीछे
भोजन
और
जल
स्रोत
की
कमी
को
मुख्य
कारण
माना
जा
रहा
है।
वन्य
जीव
विशेषज्ञों
का
कहना
है
कि
यदि
जंगलों
में
पर्याप्त
भोजन
और
सुरक्षित
वातावरण

हो
तो
हाथी
गांवों
की
ओर
रुख
करते
हैं,
जो
उनके
और
इंसानों
दोनों
के
लिए
खतरनाक
साबित
हो
सकता
है।
वन
विभाग
का
कहना
है
कि
ग्रामीणों
से
सहयोग
की
अपील
की
गई
है।
किसी
भी
तरह
की
अफवाह
फैलाने
से
बचें
और
विभाग
द्वारा
जारी
किए
गए
दिशा-निर्देशों
का
पालन
करें।